भारत-पाकिस्तान विवाद के बीच शिमला समझौता फिर सुर्खियों में आ गया है। यह समझौता बार्नेस कोर्ट में हुआ था जो वर्तमान में राजभवन है। राजभवन में आज भी शिमला समझौते की निशानियां मौजूद हैं।
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शिमला समझौता(फाइल फोटो)
- फोटो : अमर उजाला
दो जुलाई 1972 को बार्नेस कोर्ट शिमला में यह समझौता भारत-पाकिस्तान युद्ध के बाद हुआ था। इस समझौते को दोनों देशों की संसदों में भी बहाल किया गया था। यह समझौता भारत की तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी और पाकिस्तान के प्रधानमंत्री जुल्फिकार अली भुट्टो के बीच हुआ था। इसी समझौते में तय किया गया था कि दोनों देश शांतिपूर्ण माध्यम से अपने मसलों का समाधान करेंगे। तीसरे पक्ष का हस्तक्षेप नहीं होने देने पर सहमति बनाई गई थी।
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शिमला समझौता(फाइल फोटो)
- फोटो : अमर उजाला
यहां तक स्पष्ट किया गया कि खुद संयुक्त राष्ट्र संघ का भी दोनों देशों के मसलों खासकर कश्मीर मसले में हस्तक्षेप नहीं होगा। इसी समझौते में सीजफायर लाइन को लाइन ऑफ कंट्रोल में बदला गया था।
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अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप व पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान
क्यों दोबारा सुर्खियों में है शिमला
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान के अमेरिका दौरे के दौरान यह दावा किया कि भारत-पाकिस्तान के कश्मीर विवाद पर नरेंद्र मोदी ने उनसे मध्यस्थता करने की बात की है। हालांकि, इस दावे को गलत करार देते हुए केंद्रीय विदेश मंत्री एस जयशंकर ने कहा है कि इस विवाद को भारत शिमला समझौते और लाहौर घोषणा के अनुसार द्विपक्षीय संवाद से ही सुलझाने के पक्ष में हैं। विपक्ष भी शिमला समझौते की बात कर इसे मुद्दा बना चुका है।
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राजभवन शिमला
- फोटो : अमर उजाला
राजभवन शिमला में आज भी इस समझौते से संबंधित निशानियां मौजूद हैं। कई पर्यटक जब भी शिमला आते हैं तो वे शिमला समझौते से जुड़ी इन चीजों को देखने की इच्छा जताते हैं। राजभवन में सभी पर्यटकों का प्रवेश संभव नहीं है।