हिमाचल के किन्नौर जिले में खरोगला नाला में अचानक पानी का स्तर बढ़ने से बाढ़ आ गई। बाढ़ ने रक्षम और बटसेरी गांव के ग्रामीणों के सेब बगीचों को अपनी चपेट में ले लिया है।
वन विभाग का पैदल पुल बह गया है। वहीं, कई पौधों की नर्सरी तबाह होने से वन विभाग को 50 लाख का नुकसान हुआ है। प्राप्त जानकारी के अनुसार खरोगला नाला में लगातार पानी बढ़ने से रक्षम, छितकुल लिंक मार्ग पर बना पुल भी खतरे की जद में है। इस पुल के ढह जाने से रक्षम पंचायत और छितकुल पंचायत का संपर्क मार्ग कभी भी कट सकता है।
खरोगला नाला में बाढ़ आने से सूरज सिंह नेगी, इंद्र भगत नेगी, मुकेश नेगी, दामोदर नेगी, गोपाल नेगी, मनोज लोकटस, तुलसी राम नेगी, प्रताप सिंह नेगी, देवराज नेगी, राकेश लोकटस, ठाकुर सिंह लोकटस, सनम छोपले, चतरू राम, पदम सिंहए, शिव, प्यारे लाल, पदम राम और रक्षम में जय प्रकाश नेगी सहित नरेश नेगी का बगीचा बाढ़ की चपेट में आया है।
बाढ़ आने की सूचना मिलने के बाद हिमाचल वन निगम उपाध्यक्ष सूरत नेगी ने खरोगला नाला का निरीक्षण किया और बाढ़ प्रभावित लोगों से मिले। उन्होंने बटसेरी, चिस्पान, खरोगला और रक्षम के लोगों को जल्द मुआवजा देने का आश्वासन दिया है।
सांगला के तहसीलदार विक्रमजीत सिंह ने बताया कि बाढ़ आने से बासपा नदी के आसपास रहने वाले लोगों को मकान खाली करने के निर्देश प्रशासन ने दिए हैं।