जिला सिरमौर में एक नामी कंपनी का रिफाइंड ऑयल मानकों पर खरा नहीं पाया गया है। फरवरी माह में पांवटा साहिब में भरे सैंपलों की रिपोर्ट कंडाघाट लैब से आ गई है।
इसमें पाया गया कि गोल्डन ड्रॉप नामक मार्का के रिफाइंड ऑयल में आयोडीन की मात्रा महज 97.82 डिग्री ही पाई गई। जबकि सामान्य तौर पर 120 से 141 डिग्री के बीच होना आवश्यक है। इसका वजन भी एक लीटर की बजाय 8.50 मिलीलीटर पाया गया। कंडाघाट लैब से सैंपल रिपोर्ट के बाद मामला अतिरिक्त उपायुक्त की अदालत में पेश किया गया। जहां अदालत ने आरोपी होल सेलर को दस हजार रुपये का जुर्माना लगाया है।
खाद्य सुरक्षा विभाग ने फरवरी महीने में पांवटा साहिब की एक थोक विक्रेता की दुकान से सोयाबीन से बने गोल्डन ड्रॉप रिफाइंड ऑयल के सैंपल भरे थे। जांच में इसकी गुणवत्ता निम्न क्वालिटी की पाई गई। खाद्य सुरक्षा विभाग के अभिहित अधिकारी डॉ. अतुल कायस्था ने इसकी पुष्टि की है। थोक विक्रेता इसके बिल तक नहीं दिखा पाया।
कालाअंब में भरे गए दही के सैंपल में भी मिलावट पाई गई। एक डेयरी संचालक के यहां दही में फैट में गड़बड़ी पाई गई। प्रयोगशाला में जांच में पाया गया कि फैट निर्धारित मापदंड से कम निकला।
जबकि मिल्क सॉलिड पदार्थ भी 8.50 प्रतिशत की बजाय 7.89 ही निकला। अनिल कायस्था ने बताया कि अदालत ने दस हजार रुपये का जुर्माना ठोका है। साथ ही भविष्य में गुणवत्ता बनाए रखने के आदेश दिए हैं।