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मिडलैंड के मैनेजर की मौत: हत्या नहीं हादसे की ओर इशारा कर रहे हालात, तस्वीरें बयां कर रहीं कहानी
Fri, 19 Jul 2019 04:46 PM IST
Amulya Rastogi
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
Published by: Amulya Rastogi
Updated Fri, 19 Jul 2019 04:46 PM IST
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मिडलैंड अस्पताल के मैनेजर की मौत
- फोटो : amar ujala
लखनऊ के महानगर स्थित मिडलैंड अस्पताल के मैनेजर व गोमतीनगर निवासी विश्वजीत सिंह पुंडीर (30) की मौत के हालात हत्या से ज्यादा हादसे की ओर इशारा कर रहे हैं। परिवारीजन भले ही इसे हत्या बता रहे हों, लेकिन उन्होंने न किसी पर संदेह जताया और न ही हत्या की वजह बता सके हैं। मालूम हो लखनऊ के महानगर स्थित मिडलैंड अस्पताल के मैनेजर विश्वजीत सिंह पुंडीर (30) की मंगलवार देर रात गोमतीनगर के विश्वासखंड-3 स्थित उनके घर में ही संदिग्ध हालात में घायल मिले शरीर धारदार हथियार से हमले के निशान मिले। रात डेढ़ बजे वह दूसरी मंजिल से पहली मंजिल पर स्थित अपनी मां मंगला के कमरे में खून से लथपथ पहुंचा था। उसने कहा था कि मां मुझे माफ कर दो, मुझे बचा लो। इसके बाद वह बेहोश हो गया। मिडलैंड अस्पताल में करीब 20 मिनट तक सर्जरी की गई, लेकिन ज्यादा रक्तस्राव हो जाने से उसे बचाया नहीं जा सका था।
मिडलैंड अस्पताल के मैनेजर की मौत
- फोटो : amar ujala
उधर, पुलिस की अब तक की पड़ताल में विश्वजीत के बालकनी से बाउंड्रीवाल पर लगी लोहे की ग्रिल पर गिरने से चोट की बात ही सामने आ रही है। हालांकि, मामला बड़े लोगों से जुड़ा होने के चलते पुलिस फूंक-फूंककर कदम रख रही है। इंस्पेक्टर राम सूरत सोनकर का कहना है कि सच्चाई का पता लगाने के लिए पूरे घटनाक्रम का रीक्रिएशन कराने के लिए अधिकारियों से अनुमति मांगी गई है।
मिडलैंड अस्पताल के मैनेजर की मौत
- फोटो : amar ujala
साथ ही विश्वजीत के परिवारीजनों और करीबियों से संपर्क करके सच्चाई का पता लगाने का प्रयास हो रहा है। इंस्पेक्टर ने बताया कि रीक्रिएशन में फॉरेंसिक विशेषज्ञों को भी साथ लिया जाएगा। विश्वजीत के कमरे की भी फॉरेंसिक एक्सपर्ट से जांच कराई जाएगी।
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मिडलैंड अस्पताल के मैनेजर की मौत
- फोटो : amar ujala
बालकनी से पेड़ की शाखाओं से टकराते हुए गिरने की आशंका
जांचकर्ता टीम का मानना है कि विश्वजीत अपने कमरे की बालकनी से गिरकर घायल हुआ था। टीम के मुताबिक वह बाउंड्रीवाल की ग्रिल पर सीधे नहीं गिरा। अगर ऐसा होता तो उसके शरीर की हालत कुछ और ही होती। वह बालकनी से पहले पेड़ पर गिरा और शाखाओं से टकराते हुए नीचे ग्रिल तक पहुंचा। लोहे की ग्रिल के दो सरिया उसके शरीर के बायें हिस्से में कंधे और कमर के बीच धंस गए। पेड़ से टकराने से उसके गिरने की गति कम हो गई और शरीर के अन्य हिस्सों में गंभीर चोट नहीं लगी।
जांचकर्ता टीम का मानना है कि विश्वजीत अपने कमरे की बालकनी से गिरकर घायल हुआ था। टीम के मुताबिक वह बाउंड्रीवाल की ग्रिल पर सीधे नहीं गिरा। अगर ऐसा होता तो उसके शरीर की हालत कुछ और ही होती। वह बालकनी से पहले पेड़ पर गिरा और शाखाओं से टकराते हुए नीचे ग्रिल तक पहुंचा। लोहे की ग्रिल के दो सरिया उसके शरीर के बायें हिस्से में कंधे और कमर के बीच धंस गए। पेड़ से टकराने से उसके गिरने की गति कम हो गई और शरीर के अन्य हिस्सों में गंभीर चोट नहीं लगी।
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मिडलैंड अस्पताल के मैनेजर की मौत
- फोटो : amar ujala
पेड़ की टूटी शाखाओं और ग्रिल पर लगा खून बता रहा कहानी
हत्या और हादसे के बीच हो रही जांच में पुलिस को महत्वपूर्ण साक्ष्य मिले हैं। पुलिस सूत्रों ने बताया कि पेड़ की टूटी शाखाएं हादसे की थ्योरी को साफ कर रही हैं। साथ ही ग्रिल की जिस हिस्से में विश्वजीत गिरा, वहां मिले खून के निशान भी कहानी बयां कर रहे हैं। विश्वजीत के हाथ-पैर पर मिले खरोंच के निशान और ग्रिल की दो चोटों के पास ही लगा कट का निशान पेड़ की शाखाओं से ही लगने की बात कही जा रही है।
हत्या और हादसे के बीच हो रही जांच में पुलिस को महत्वपूर्ण साक्ष्य मिले हैं। पुलिस सूत्रों ने बताया कि पेड़ की टूटी शाखाएं हादसे की थ्योरी को साफ कर रही हैं। साथ ही ग्रिल की जिस हिस्से में विश्वजीत गिरा, वहां मिले खून के निशान भी कहानी बयां कर रहे हैं। विश्वजीत के हाथ-पैर पर मिले खरोंच के निशान और ग्रिल की दो चोटों के पास ही लगा कट का निशान पेड़ की शाखाओं से ही लगने की बात कही जा रही है।