लखनऊ में चिनहट के सतरिख रोड स्थित संत पलटूदास आश्रम के महंत स्वामी दिनेशानंद सरस्वती के शव का आधी रात को पोस्टमार्टम कराया गया। बृहस्पतिवार सुबह करीब छह बजे उनका शव आश्रम पहुंचा तो माहौल तनावपूर्ण हो गया। परिवारीजन रोने-पीटने लगे। सैकड़ों समर्थक जुट गए और हंगामा शुरू कर दिया। तनाव की आशंका से भारी पुलिस बल और पीएसी बुलवा ली गई। महंत की पत्नी खुशबू ने हत्याकांड के वक्त मौके पर मौजूद राजस्वकर्मियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार करने, मामले की सीबीआई जांच कराने, एक करोड़ रुपये मुआवजा और मृतक आश्रित को नौकरी देने की मांग की।
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महंत के शव का आधी रात को पोस्टमार्टम, आश्रम में तनाव-कोहराम, फोर्स ने डाला डेरा
Fri, 05 Apr 2019 03:35 PM IST
Amulya Rastogi
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
Published by: Amulya Rastogi
Updated Fri, 05 Apr 2019 03:35 PM IST
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महंत की हत्या
- फोटो : amar ujala
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महंत की बिलखती पत्नी को ढांढस बंधाती महापौर संयुक्ता भाटिया
- फोटो : amar ujala
प्रभारी निरीक्षक ने बताया कि नौ घंटे तक हंगामे के बाद किसी तरह परिवारीजनों और महंत के समर्थकों को शांत कराया गया। इस बीच महापौर संयुक्ता भाटिया, महानिदेशक महेंद्र मोदी, पुलिस अधीक्षक विधानसभा सर्वेश कुमार मिश्रा, उपजिलाधिकारी सदर अभिनव रंजन श्रीवास्तव, सहायक पुलिस अधीक्षक उत्तरी सुकीर्ति माधव समेत कई अधिकारी मौके पर पहुंच गए। महंत की पत्नी ने पुलिस-प्रशासन की मौजूदगी में हत्या की बात कहते हुए जांच कराने की मांग की। उनका कहना था कि दोषी अधिकारी व कर्मचारियों के खिलाफ केस दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार किया जाए। कार्रवाई न होने तक समर्थकों ने क्रियाकर्म न करने की बात कही तो अफरातफरी मच गई। हालांकि, महापौर ने आक्रोशित समर्थकों को समझाकर शांत किया। दोपहर करीब तीन बजे परिवारीजन व समर्थक माने, इसके बाद आश्रम के प्रांगण में ही क्रियाकर्म किया गया।
महंत का मर्डर
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मालूम हो कि अमेठी के अलीगंज स्थित ऊंचगांव निवासी महंत दिनेशानंद सरस्वती की बुधवार भरी दोपहरी टेराखास के पास नाला की जमीन की पैमाइश के दौरान पुलिस-प्रशासन की टीम के सामने ताबड़तोड़ गोलियां मारकर हत्या कर दी गई थी। महंत की पत्नी खुशबू की तरफ से केस दर्ज कर पुलिस ने हत्या के आरोप में सरायशेख निवासी हिस्ट्रीशीटर व पूर्व कोटेदार सुशील यादव और ग्राम प्रधान दिलीप कुमार विश्वकर्मा को गिरफ्तार किया था। बुधवार देर रात पुलिस ने हत्याकांड में इस्तेमाल पिस्टल भी बरामद कर ली थी। उधर, वारदात के बाद मौके से भाग निकले हिस्ट्रीशीटर के भाई राकेश और एक अन्य साथी पवन तिवारी की तलाश की जा रही है।
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महंत की हत्या
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इलाके में दहशत, पीएसी और पुलिस फोर्स ने डाला डेरा
महंत दिनेशानंद की हत्या की वारदात के बाद से चिनहट के सरायशेख के लोगों में दहशत फैली हुई है। बृहस्पतिवार को भी लोगों के चेहरे सहमे हुए नजर आए। लोगों के दिलो-दिमाग से बदमाशों का खौफ कम करने के लिए कई थानों की पुलिस फोर्स और पीएसी वहां तैनात की गई है। बृहस्पतिवार को पुलिस महानिदेशक महेंद्र मोदी समेत कई आला अधिकारी भी आश्रम पहुंचे और काफी देर तक वहां रहे।
महंत दिनेशानंद की हत्या की वारदात के बाद से चिनहट के सरायशेख के लोगों में दहशत फैली हुई है। बृहस्पतिवार को भी लोगों के चेहरे सहमे हुए नजर आए। लोगों के दिलो-दिमाग से बदमाशों का खौफ कम करने के लिए कई थानों की पुलिस फोर्स और पीएसी वहां तैनात की गई है। बृहस्पतिवार को पुलिस महानिदेशक महेंद्र मोदी समेत कई आला अधिकारी भी आश्रम पहुंचे और काफी देर तक वहां रहे।
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महंत दिनेशानंद
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दो पिस्टल से चलाई गई थीं गोलियां
हिस्ट्रीशीटर सुशील यादव और उसके साथियों ने स्वामी दिनेशानंद सरस्वती पर ताबड़तोड़ दस फायर किए थे। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, दिनेशानंद के आठ गोलियां लगीं, जबकि दो गोलियां उनकी कार के चालक राम सुमिरन यादव को लगीं। पोस्टमार्टम में दिनेशानंद के शरीर से पांच गोलियां बरामद हुईं। पुलिस के मुताबिक, हत्यारों के पास दो पिस्टल थीं। एक पिस्टल से सुशील गोलियां चला रहा था जबकि दूसरी पिस्टल से कोई और। प्रभारी निरीक्षक ने कहा कि सुशील का भाई राकेश और वारदात में शामिल पवन तिवारी के पकड़े जाने के बाद पता चलेगा कि दूसरा असलहा कौन इस्तेमाल कर रहा था।
हिस्ट्रीशीटर सुशील यादव और उसके साथियों ने स्वामी दिनेशानंद सरस्वती पर ताबड़तोड़ दस फायर किए थे। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, दिनेशानंद के आठ गोलियां लगीं, जबकि दो गोलियां उनकी कार के चालक राम सुमिरन यादव को लगीं। पोस्टमार्टम में दिनेशानंद के शरीर से पांच गोलियां बरामद हुईं। पुलिस के मुताबिक, हत्यारों के पास दो पिस्टल थीं। एक पिस्टल से सुशील गोलियां चला रहा था जबकि दूसरी पिस्टल से कोई और। प्रभारी निरीक्षक ने कहा कि सुशील का भाई राकेश और वारदात में शामिल पवन तिवारी के पकड़े जाने के बाद पता चलेगा कि दूसरा असलहा कौन इस्तेमाल कर रहा था।