‘शाबाश अशफाक, तुमने कौम का नाम रोशन कर दिया। फिक्र मत करना। तुमको महफूज निकाल लूंगा।’ कमलेश की हत्या के बाद यह बात नागपुर निवासी आसिम अली ने अशफाक से कही थी। उसने अशफाक के हौसले की दाद देते हुए दोनों को यूपी से सुरक्षित बाहर निकालने के लिए हर तरह की मदद का भरोसा दिलाया। आसिम ने उससे कहा, ‘किसी तरह से कर्नाटक पहुंचो। वहां दोनों के सरेंडर का पूरा इंतजाम कर दिया जाएगा।’ आसिम ने यह जानकारियां बुधवार को पुलिस की पूछताछ के दौरान दी हैं।
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आसिम अली
- फोटो : Social Media
आसिम ने बताया कि अशफाक लखनऊ के हिंदूवादी नेता कमलेश तिवारी को मारना चाहता है, इस बारे में उसे कुछ अंदाजा था। हालांकि, वह उसे कब, कहां और किस तरह से मारेगा? इस बारे में कोई जानकारी नहीं थी। आसिम का कहना है कि वह रशिद को पहले से जानता है लेकिन अशफाक के बारे में उसे कोई जानकारी नहीं थी। करीब आठ महीने पहले सोशल मीडिया पर उसके वीडियो देखकर अशफाक ने फोन पर संपर्क किया। उस वक्त अशफाक ने कुछ दिन तक लगातार बात की। इसके बाद उसकी कॉल आनी बंद हो गईं। दो महीने पहले फिर उसने कॉल करना शुरू कर दिया। बातचीत के दौरान वह कई बार कमलेश तिवारी का जिक्र करता था। उसने कई बार कमलेश को मौत के घाट उतारने की भी बात कही थी।
आसिम की पार्टी से जुड़ने की बात कहकर किया था संपर्क
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कमलेश तिवारी फाइल फोटो
- फोटो : Social Media
अशफाक ने माइनॉरिटी डेमोक्रेटिक पार्टी से जुड़ने के नाम पर आसिम से संपर्क किया था। आसिम ने बताया कि अशफाक अपनी फेसबुक आईडी पर पार्टी का प्रचार-प्रसार करता था। उसकी कई पोस्ट और वीडियो को शेयर भी करता था। बाद में पता लगा कि वह कमलेश तिवारी के भी संपर्क में है। कमलेश का अक्सर जिक्र करने पर उसने अशफाक से सवाल-जवाब किए। इस पर अशफाक ने कहा था कि कमलेश को सबक सिखाने के लिए फेसबुक पर रोहित सोलंकी के नाम से दो फर्जी आईडी बनाकर वह उसके संपर्क में है।
टीवी पर कमलेश की हत्या की खबर देखकर किया रशिद को फोन
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kamlesh tiwari murder case
- फोटो : पीटीआई
आसिम ने बताया कि उसने शुक्रवार दोपहर डेढ़ बजे के आसपास टीवी पर कमलेश की हत्या की खबर देखी थी। खबर देखते ही उसने रशिद को फोन किया। रशिद ने उसे बताया कि अशफाक और मोइनुद्दीन ने लखनऊ जाकर कमलेश का काम तमाम कर दिया है। इस पर उसने रशिद से कहा कि अशफाक उसे तुरंत संपर्क करे। रशिद के कहने पर अशफाक ने उसे फोन किया था।
आसिम और अशफाक की हत्या वाले दिन सात बार हुई बातचीत
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kamlesh tiwari murder case
- फोटो : अमर उजाला
आसिम ने बताया कि कमलेश तिवारी की हत्या के बाद अशफाक ने उससे सात बार मोबाइल फोन पर बातचीत की थी। उधर, गुजरात एटीएस ने आसिम के मोबाइल नंबर की दो-तीन महीने की कॉल डिटेल निकलवाईं जिसमें दोनों के बीच कुल 58 बार बातचीत हुई हैं। इसमें ज्यादातर कॉल अशफाक की तरफ से की गई थीं।