हिंदू समाज पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष कमलेश तिवारी को पार्टी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में ही खुलेआम मारने की तैयारी थी। हत्या की साजिश रचने वाले गुजरात के सूरत निवासी रशीद अहमद पठान उर्फ राशिद, मौलाना मोहसिन शेख व फैजान यूनुस और हत्या करने वाले शेख अशफाक हुसैन व मोइनुद्दीन पठान ने पूछताछ में यह खुलासा किया है। उन्होंने कहा कि कमलेश को उसके घर में ही मारकर यह मैसेज देना चाहते थे कि पैंगबर साहब के लिए अपशब्द कहने वालों का यही अंजाम होगा।
पूछताछ में चौंकाने वाला खुलासा, कमलेश की हत्या से पहले जानवरों को काटकर की थी गला रेतने की प्रैक्टिस
हत्यारों ने पुलिस और एटीएस की पूछताछ में बताया कि उन्हें बैठक में नहीं जाना था, लेकिन कमलेश की हत्या करके जो संदेश देना था, उसका इससे अच्छा मौका और कभी नहीं मिलता। पुलिस ने कमलेश को गुजरात बुलाकर मारने अथवा बरेली में अपने मददगारों के बीच हत्या करने की आशंकाओं पर पूछा तो हत्यारों ने साफ इनकार कर दिया। उन्होंने कहा कि अगर सूरत बुलवाकर कमलेश को मारते तो उनका मकसद हल नहीं होता।
पत्नी से कहा था, हत्या के बाद मार दिए जाएंगे, शव सूरत मंगाकर करना सुपुर्द-ए-खाक
कमलेश तिवारी की हत्या के बाद शेख अशफाक हुसैन और मोइनुद्दीन पठान को यकीन था कि वह बचेंगे नहीं। उन्होंने सूरत से लखनऊ के लिए निकलते वक्त राशिद और पत्नी से इस बात का जिक्र भी किया था। पुलिस हिरासत में पूछताछ के दौरान राशिद ने बताया कि दोनों कमलेश को मारकर खुद मरने के लिए तैयार थे।
उन्होंने कहा था कि भीड़ के बीच में कमलेश की हत्या करेंगे तो लोग उन्हें पकड़कर पीट-पीटकर मार डालेंगे या फिर पुलिस मार डालेगी। उनकी मौत एक शहादत होगी। उन्होंने राशिद और पत्नी से कहा कि मौत के बाद शव सूरत मंगाकर सुपुर्द-ए-खाक करवा देना।
जानवरों को काटकर की थी गला रेतने की प्रैक्टिस
शेख अशफाक हुसैन और मोइनुद्दीन पठान ने कमलेश का गला रेतने से पहले जानवरों को काटकर प्रैक्टिस की थी। खुफिया एजेंसियों की पूछताछ में दोनों ने यह खुलासा किया। दोनों ने पूछताछ में खुफिया एजेंसियों को यह जानकारी दी तो अफसरों के रोंगटे खड़े हो गए। बताया कि उन्होंने कभी किसी की हत्या करना तो दूर चाकू तक नहीं पकड़ी थी। राशिद पठान, मोहसिन शेख और फैजान के साथ दोनों ने कमलेश की हत्या की साजिश तो रच दी, लेकिन वारदात को अंजाम किस हथियार से देना है? यह तय नहीं था।
अशफाक और मोइनुद्दीन ने बताया कि दोनों को चाकू, पिस्तौल या अन्य कोई हथियार चलाने का भी अनुभव नहीं था। इस पर दोनों को प्रशिक्षण दिया गया। राशिद ने बताया कि उसने 6000 रुपये में एक पिस्टल खरीदी और दोनों से कई फायर कराए। गर्दन काटने के लिए जानवरों की गर्दन और हड्डियां कटवाई गईं। चार-पांच दिन तक लगातार दोनों ने फायरिंग और जानवर काटने का प्रशिक्षण लिया था।