लखनऊ में मड़ियांव के रिहायशी इलाके महर्षिनगर में बने तीन मंजिला फर्नीचर के अवैध गोदाम व कारखाने में शुक्रवार शाम शॉर्ट सर्किट से आग लग गई। हादसे के वक्त पहली मंजिल पर 14 कारीगर काम कर रहे थे। सूचना पर पहुंची पुलिस ने सभी कारीगरों को सुरक्षित बाहर निकला। जबकि अग्निशमन दस्ते ने तीन घंटे की मशक्कत के बाद लपटों पर काबू पाया। अग्निकांड में पहली मंजिल पर रखा सामान पूरी तरह राख हो गया। जबकि दूसरी मंजिल पर रखा 70 फीसदी सामान जलकर बर्बाद हो गया। मुख्य अग्निशमन अधिकारी विजय कुमार सिंह के मुताबिक, फायर फाइटिंग के इंतजाम नहीं थे।
रिहायशी इलाके में चल रहे अवैध गोदाम व कारखाने में आग, कड़ी मशक्कत के बाद पाया काबू
प्रभारी निरीक्षक संतोष कुमार सिंह के मुताबिक , कैसरबाग के फर्नीचर कारोबारी नीरज गुप्ता का मड़ियांव के महर्षि नगर में गोदाम व कारखाना है। गोदाम व कारखाना तीन हजार वर्गफीट क्षेत्रफल में तीन मंजिला बना है। ग्राउंड फ्लोर के एक भाग में उनका परिवार रहता है। परिवार में पत्नी ट्विंकल, मां मंजू देवी, बहन सपना और बेटा आरव हैं।
हादसे के वक्त नीरज कैसरबाग स्थित दुकान पर थे। शाम करीब चार बजे पहली मंजिल से लपटें व धुआं निकलता देख पड़ोसियों ने शोर मचाया। ट्विंकल के मुताबिक, वह सीढ़ी पर पहुंची ही थीं कि लपटें निकलने लगीं। किसी तरह वह परिवारीजनों को लेकर बाहर निकलीं और पुलिस व फायर कंट्रोल रूम को सूचना दी।
पहली मंजिल से शुरू हुई आग भड़की
प्रभारी निरीक्षक संतोष कुमार सिंह के मुताबिक ,लपटों पर काबू पाने के लिए चार दमकल गाड़ियों को 13 चक्कर पानी भरकर लाना पड़ा। शुरूआती जांच में सामने आया है कि आग शॉर्ट सर्किट से लगी है। कारोबारी ने बताया कि करीब 12 लाख रुपये का नुकसान हुआ है।
काम कर रहे थे 14 कारीगर
एफएसओ गोमतीनगर के मुताबिक, सूचना पर बीकेटी की गाड़ी पहले पहुंची। इस बीच गोमतीनगर की भी दो गाड़ियां मौके पर पहुंच गई। पहली मंजिल पर 14 कारीगर काम कर रहे थे। इन्हें किसी तरह बाहर निकाला गया। सभी कारीगर दिन में काम करते थे और रात को यहीं रुक जाते थे।