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लखनऊ में 3500 जोड़ों का विवाह, सीएम ने दिया आशीर्वाद, एक ही पंडाल में शादी और निकाह, तस्वीरें
Thu, 18 Mar 2021 09:10 PM IST
पंकज श्रीवास्तव
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
Published by: पंकज श्रीवास्तव
Updated Thu, 18 Mar 2021 09:10 PM IST
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लखनऊ में सामूहिक विवाह का आयोजन
- फोटो : अमर उजाला
एक तरफ अयोध्या से आए हुए आचार्यों का मंत्रोच्चार गूंज रहा था तो दूसरी तरफ मौलवी निकाह पढ़ा रहे थे। एक तरफ अग्नि के फेरे लिए जा रहे थे तो दूसरी तरफ कुबूल है के साथ जोड़े नए जीवन में प्रवेश कर रहे थे। मौका था वृंदावन योजना में आयोजित श्रमिकों की 3500 बेटियों के सामूहिक विवाह कार्यकम का। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राजधानी में निर्माण श्रमिकों की 3500 बेटियों को सामूहिक विवाह में पहुंच उन्हें वैवाहिक जीवन शुरू करने की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने नवविवाहित जोड़ों को आशीर्वाद देते हुए कहा कि अब तक प्रदेश में 1.75 लाख बेटियों की सामूहिक विवाह योजना के माध्यम से घर बसाया जा चुका है। पिछले माह मुरादाबाद में आयोजित ऐसे ही एक कार्यक्रम में 2700 से अधिक जोड़ों का विवाह हुआ था। इससे पहले मिर्जापुर व अन्य जिलों में भी सामूहिक विवाह कराए गए थे। मुख्यमंत्री ने बृहस्पतिवार को श्रम विभाग की ओर से डिफेंस एक्सपो कार्यक्रम स्थल वृंदावन योजना में आयोजित मंडल स्तरीय सामूहिक विवाह कार्यक्रम में ये बातें कही।
लखनऊ में सामूहिक विवाह का आयोजन
- फोटो : अमर उजाला
मुख्यमंत्री ने कहा कि विपक्ष ने इस योजना को कन्या का अपमान बताया था। लेकिन अब इसी से लाखों परिवार बस गए है। श्रमिक राष्ट्र का निर्माता है, इसलिए उसके सुख-दु:ख में सहभागी बनना भी जरूरी है। सामूहिक विवाह में हम सब आए हैं और आपके बीच में हैं। उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार ने श्रमिकों के कल्याण के लिए अनेक योजनाएं लागू की हैं। श्रमिकों के परिवारों को सामाजिक सुरक्षा देने के लिए प्रदेश सरकार जल्द ही दो करोड़ पंजीकृत व गैर पंजीकृत श्रमिकों को दो लाख रुपये का बीमा भी सरकार उपलब्ध कराएगी। किसी भी तरह की दुर्घटना होने पर परिवार को दो लाख रुपये की मदद दी जाएगी। श्रमिकों के बच्चों की फ्री शिक्षा के लिए हर मंडल पर अटल आवासीय विद्यालय भी शुरू किए जाएंगे। जहां बच्चे फ्री में पढ़ेंगे। उन्होंने कहा कि श्रमिको के बगैर कोई भी स्ट्रक्चर खड़ा नही हो सकता है। योगी आदित्यनाथ ने कहा कि अटल आवासीय विद्यालयों में श्रमिकों के बच्चों के लिए नि:शुल्क पढ़ाई के साथ-साथ रहने-खाने की व्यवस्था भी सुनिश्चित की जाएगी। यह विद्यालय श्रमिकों के बच्चों की ऊर्जा और प्रतिभा का उपयोग समाज व राष्ट्र की प्रगति में किए जाने का माध्यम बनेंगे और आधुनिक शिक्षा उपलब्ध कराएंगे। मुख्यमंत्री ने विवाह कार्यक्रम में मौजूद लोगों से कोरोना से बचाव की अपील की और कहा हिक अभी भी ‘दो गज दूरी मास्क है जरूरी’ के मंत्र का पालन करना होगा। उन्होंने कार्यक्त्रस्म में मौजूद सभी अधिकारियों से इसका पालन करने के लिए कहा।
लखनऊ में सामूहिक विवाह का आयोजन
- फोटो : अमर उजाला
मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले वर्ष पूरा देश कोरोना से जूझ रहा था। लॉकडाउन के समय विषम परिस्थितियों में राज्य सरकार ने सबसे पहली योजना ‘भरण-पोषण योजना’ का संचालन कर 54 लाख श्रमिकों के खातों में पैसा भेजा था। इसके बाद सरकार ने प्रधानमंत्री गरीब कल्याण पैकेज के तहत गरीबों को अनाज और गैस सिलेंडर उपलब्ध कराए थे। पात्र लाभार्थियों को वृद्धावस्था, विधवा, दिव्यांगजन पेंशन उनके खातों में अग्रिम भेजी गई। जिससे वह असहाय न महसूस करें। इसके अलावा आयुष्मान भारत योजना और मुख्यमंत्री जन आरोग्य योजना के तहत 05 लाख रुपये तक की चिकित्सा सुविधा भी उपलब्ध करायी जा रही है।
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लखनऊ में सामूहिक विवाह का आयोजन
- फोटो : अमर उजाला
श्रम एवं सेवायोजन मंत्री श्री स्वामी प्रसाद मौर्य ने बताया कि पंजीकृत श्रमिकों की बेटियों का उत्तर प्रदेश भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड से संचालित कन्या विवाह सहायता योजना के तहत चयन किया गया है। विवाह योजना में पंजीकृत निर्माण श्रमिक की बेटी की शादी के लिए 55 हजार की आर्थिक सहायता दी जाती है। अंतरजातीय विवाह करने पर 65 हजार की आर्थिक सहायता और सामूहिक विवाह कार्यक्त्रस्म स्थल पर शादी करने पर 75 हजार की आर्थिक सहायता दी जाती है। इस मौके पर विधायी एवं न्याय मंत्री बृजेश पाठक, महिला कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) स्वाती सिंह, श्रम एवं सेवायोजन राज्यमंत्री मनोहर लाल मन्नु कोरी ने भी सम्बोधित किया। अपर मुख्य सचिव श्रम सुरेश चंद्रा ने अतिथियों के प्रति आभार व्यक्त किया।
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लखनऊ में सामूहिक विवाह का आयोजन
- फोटो : अमर उजाला
ईसानगर खीरी से आये नईम खान की बेटी शमां की शादी गांव के शब्बीर से तय हुई थी। नईम खान मजदूरी करके परिवार का पेट पालते हैं बेटी की शादी कैसे करेंगे, यह सोच-सोच कर घबरा रहे थे पर सामूहिक विवाह में जब उन्हें मौका मिला, उनकी खुशी का ठिकाना नहीं रहा। नईम खान बोले मेरी बेटी की शादी कराकर सरकार ने हम पर एहसान कर दिया है। इसी तरह रायबरेली से आए इसरार अली मजदूरी करके परिवार का पेट पालते हैं। उन्होंने भी बेटी रुखसाना बानो की शादी सामूहिक विवाह योजना में की। गांव कहमारा सीतापुर के रहने वाले अयाज की लड़की रुखसार का निकाह अलीम से हुआ। उनका निकाह काफी समय पहले ही तय हो गया था। अब बेटी की शादी हुई तो नियाज ने सरकार को धन्वाद दिया।