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लखनऊ: 11 साल से सीने में फंसा था बरमा, पीजीआई के डॉक्टरों ने 45 मिनट में किया कमाल; दुर्लभ सर्जरी कर बचाई जान

Wed, 09 Sep 2026 10:35 AM IST
Bhupendra Singh अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ Published by: Bhupendra Singh Updated Wed, 09 Sep 2026 10:35 AM IST
सार

53 साल के अधेड़ के सीने में 11 साल से बरमा फंसा था। पीजीआई के डॉक्टरों ने रिपोर्ट में देखा तो हैरान रह गए। लेकिन, फिर 45 मिनट तक दुर्लभ सर्जरी करके उसकी जान बचा ली। आगे पढ़ें पूरी खबर...

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drill bit had been lodged in chest of 53-year-old man for 11 years PGI doctors saved his life through surgery
मरीज के साथ चिकित्सक और निकाली गई ड्रिल बिट। - फोटो : संस्थान

विस्तार

राजधानी लखनऊ स्थित पीजीआई के एपेक्स ट्रॉमा सेंटर के डॉक्टरों ने दुर्लभ और बेहद चुनौतीपूर्ण सर्जरी कर 53 वर्षीय मरीज के सीने से 11 साल से फंसा बरमा (ड्रिल बिट) बाहर निकाला है। मरीज लंबे समय से सीने में असहनीय दर्द से पीड़ित था।

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एपेक्स ट्रॉमा सेंटर के डॉ. अमित कुमार सिंह ने बताया कि कुशीनगर निवासी अब्दुल कादिर तीन दिन पहले एपेक्स ट्रॉमा सेंटर पहुंचे थे। उनका दाहिना हाथ काफी मुड़ा हुआ था, जिससे वह सामान्य काम तक नहीं कर पा रहे थे। हाथ में टेढ़ापन और पस निकलने के साथ सीने में दर्द की शिकायत भी थी। डॉक्टरों ने सीटी स्कैन कराया तो सीने के भीतर धंसा हुआ बरमा दिखाई दिया।
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डॉक्टरों ने 45 मिनट के जटिल ऑपरेशन के दौरान न सिर्फ सीने से बरमा निकाला, बल्कि एक ही सर्जरी में मरीज के हाथ की हड्डी की पुरानी समस्या का भी स्थायी उपचार कर दिया। ऑपरेशन के बाद मरीज को दर्द से पूरी तरह राहत मिल गई है और वह तेजी से रिकवर हो रहा है।

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11 साल में कई बार हुआ हाथ का ऑपरेशन

अब्दुल कादिर वर्ष 2014 में सड़क दुर्घटना में घायल हुए थे। हादसे में उनकी दाहिनी बांह की ह्यूमरस हड्डी (कंधे से कोहनी तक की हड्डी) टूट गई थी। वर्ष 2015 में वह लोहिया संस्थान पहुंचे, जहां हड्डी को जोड़ने के लिए बांह में धातु की प्लेट और स्क्रू लगाए गए।

वर्ष 2018 में जमीन पर गिरने के बाद हाथ में दोबारा दर्द और विकृति हो गई। इसके बाद प्लेट हटाकर नेलिंग (हड्डी के अंदर धातु की एक मजबूत रॉड या कील डालना) की गई। वर्ष 2023 में फिर गिरने से हाथ में दर्द और टेढ़ापन आ गया। पुरानी नेलिंग हटाकर दोबारा नेलिंग की गई।

वर्ष 2025 में हाथ के घाव से मवाद निकलने लगा। इसके बाद फरवरी 2026 में नेलिंग हटाकर प्लेटिंग और बोन ग्राफ्टिंग की गई।

बरमा सीने तक कैसे पहुंचा... डॉक्टर भी हैरान

डॉक्टरों के अनुसार, बरमा का इस्तेमाल हड्डी की सर्जरी के दौरान उसमें छेद करने के लिए किया जाता है। हाथ की हड्डी की सर्जरी के दौरान इस्तेमाल हुआ बरमा सीने तक कैसे पहुंचा, इसे लेकर डॉक्टर भी हैरान हैं। हालांकि, उन्होंने आशंका जताई है कि वर्ष 2015 में हुई सर्जरी के दौरान बरमा सीने में छूट गया होगा।

ऑपरेशन करने वाली टीम

प्रो. अमित कुमार सिंह (ट्रॉमा सर्जरी), डॉ. अमित कुमार (एडिशनल प्रोफेसर, ऑर्थोपेडिक्स), डॉ. आदित्य और डॉ. वरुण गुप्ता (सीनियर रेजिडेंट, ट्रॉमा सर्जरी), डॉ. वंश (एडिशनल प्रोफेसर, एनेस्थीसिया)।

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