फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

पाकिस्तान के 200 से ज्यादा गांवों की दो लाख आबादी डर के साये में, वजह भी जान लीजिए

Wed, 06 Jun 2018 12:26 PM IST
बृजेश कुमार सिंह, अमर उजाला, जम्मू
बृजेश कुमार सिंह, अमर उजाला, जम्मू Updated Wed, 06 Jun 2018 12:26 PM IST
विज्ञापन
more than 2 lakh people are live in fear during ceasefire
अंतरराष्ट्रीय सीमा (आईबी) पर कठुआ, सांबा व जम्मू जिले के 200 से अधिक गांवों की ढाई लाख से अधिक आबादी डर के साये में है। इन्हें पाकिस्तान की ओर से गोलाबारी शुरू किए जाने का भय सता रहा है। एक महीने में तीसरी बार शांति बहाली से पाक के मुकरने से सीमांत ग्रामीण सशंकित हैं।
more than 2 lakh people are live in fear during ceasefire
बचकर भागती महिलाएं - फोटो : अमर उजाला
हाल में पाकिस्तान ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 19 मई को रियासत के दौरे से पहले गोलाबारी शुरू की थी। पूरी आईबी पर बीएसएफ की पोस्टों के साथ ही रिहायशी इलाकों को निशाना बनाकर गोले दागे थे। हीरानगर, सांबा, रामगढ़, अरनिया, आरएस पुरा व पलावालां सेक्टर को निशाना बनाया। गोलाबारी में बीएसएफ के दो जवान शहीद हो गए, जबकि दो मासूम समेत पांच लोग मारे गए।
more than 2 lakh people are live in fear during ceasefire
गोलीबारी से खौफ में बच्चे - फोटो : अमर उजाला
सीमांत ग्रामीण सुरक्षित स्थानों पर चले गए। स्कूल बंद हो गए। भारत ने जोरदार जवाबी कार्रवाई की तो 20 मई को पाकिस्तान ने गिड़गिड़ाते हुए गोलाबारी रोकने की बीएसएफ से अपील की। फोन पर पाक रेंजर ने बीएसएफ से शांति की गुहार लगाई। इसी दिन रात में अरनिया व रामगढ़ सेक्टर में दोबारा से फायरिंग शुरू कर दी। 
विज्ञापन
विज्ञापन
more than 2 lakh people are live in fear during ceasefire
सुरक्षित स्थान पर जाती महिलाएं - फोटो : अमर उजाला
कुछ दिन तक पाकिस्तानी गोलाबारी का शोर थमा रहा तो सीमांत ग्रामीण घरों को लौटे। 29 मई को दोनों देशों के बीच डीजीएमओ स्तर की बातचीत में 2003 के सीजफायर पर सहमति बनी। इसके बाद सीमांत ग्रामीणों के चेहरे पर विश्वास की थोड़ी झलक दिखी। लेकिन यह विश्वास टूट गया जब पाकिस्तान ने दो जून को रातभर अखनूर सेक्टर में गोले दागे। 
विज्ञापन
more than 2 lakh people are live in fear during ceasefire
इस गोलाबारी में बीएसएफ के दो जवान शहीद हो गए और 14 नागरिक घायल हो गए। कई घरों तथा वाहनों को नुकसान पहुंचा। कई मवेशी मारे गए। परगवाल बाजार को पहली बार निशाना बनाया गया जो जीरो लाइन से लगभग छह किलोमीटर दूर है। भारत ने भी जवाबी कार्रवाई की और पांच रेंजर मार गिराए। कई चौकियों को तबाह कर दिया। 
अगली फोटो गैलरी देखें
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed