कश्मीर घाटी को एक बार फिर से पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र बनाने के लिए राज्य सरकार ने कमर कस ली है। पहले अनुच्छेद 370 के हटने और कोविड के चलते लगे लॉकडाउन के बाद से पर्यटकों की संख्या में आई गिरावट से हुए नुकसान की भरपाई करने के लिए पर्यटन विभाग पूरा प्रयास कर रहा है। पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र रहने वाले श्रीनगर में स्थित एशिया के सबसे बड़े ट्यूलिप गार्डन में इस बार करीब 15 लाख ट्यूलिप के फूल खिलने की उम्मीद है। इस बीच फ्लोरीकल्चर विभाग की ओर से कोविड के प्रोटोकॉल का सख्ती से पालन किया जाएगा और उसके लिए कई कदम उठाए जाएंगे। पिछले वर्ष कोविड के कारण ट्यूलिप गार्डन को पर्यटकों के लिए नहीं खोला गया था।
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ट्यूलिप गार्डन
- फोटो : बासित जरगर
पर्यटकों को कश्मीर की ओर आकर्षिक करने के लिए जहां एक ओर पर्यटन विभाग कई राज्यों में रोड शो कर रहा है। वहीं घाटी में जमीनी स्तर पर पर्यटकों को लुभाने के लिए ट्यूलिप गार्डन को खोलने के लिए भी तैयारियां शुरू हो चुकी हैं। इसके लिए फ्लोरिकल्चर विभाग की ओर से ट्यूलिप गार्डन में सभी कार्यों को शुरू किया गया है। उन्हें उम्मीद है कि इस बार अगर मौसम साफ रहा तो जल्द ही इस महीने के आखिर तक ट्यूलिप गार्डन को पर्यटकों के लिए खोल दिया जाएगा।
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ट्यूलिप गार्डन
- फोटो : बासित जरगर
फ्लोरीकल्चर विभाग के ट्यूलिप गार्डन के इंचार्ज डॉ. इनाम उर रहमान ने बताया कि पिछली बार 13 लाख ट्यूलिप लगाए गए थे और इस बार यह संख्या बढ़ाकर 15 लाख की गई है। मौसम अच्छा रहने पर उम्मीद है कि यह फूल अच्छे से खिलेंगे। इस बार करीब 62 किस्मों के ट्यूलिप लगाए गए हैं। कुछ नई किस्म के ट्यूलिप विदेश से आयात किए गए हैं। उन्होंने यह भी कहा कि अगर मौसम अच्छा रहा तो मार्च के आखिरी हफ्ते में इसे पर्यटकों को खोल दिया जाएगा।
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ट्यूलिप गार्डन
- फोटो : बासित जरगर
अधिकारी ने बताया कि जिस तरह पिछले वर्ष ट्यूलिप फेस्टिवल कोविड की वजह से नहीं आयोजित किया जा सका, इसलिए इस बार ज्यादा से ज्यादा पर्यटकों को आकर्षित करने के लिए ट्यूलिप फेस्टिवल का आयोजन बड़े पैमाने पर किया जाएगा। इसमें कश्मीरी लोक संगीत के साथ-साथ युवा पीढ़ी के बैंड ग्रुप्स को भी बुलाया जाएगा।
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ट्यूलिप गार्डन
- फोटो : बासित जरगर
इसके अलावा पेंटिंग प्रतियोगिता भी आयोजित कराई जाएगी। डॉ. इनाम ने कहा कि कोविड को ध्यान में रखते हुए कई कदम उठाएं जाएंगे। ट्यूलिप गार्डन के एंट्री गेट पर टिकट काउंटर बढ़ाए जाएंगे ताकि भीड़ कम हो। इसके अलावा गार्डन में जगह-जगह ऑटोमेटिक सैनिटाइजर्स लगाए जाएंगे।