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शहीद होने के एक दिन पहले ली थी यह सेल्फी, पार्थिव देह गांव पहुंचते ही लगे भारत माता की जय के नारे
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
Updated Thu, 18 Oct 2018 12:01 AM IST
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indian army
- फोटो : अमर उजाला
कश्मीर के फतह कड़ल में आतंकवादियों के साथ हुई मुठभेड़ में शहीद जवान कमल किशोर के गांव ग्रामोड़ में बेटे की शहादत की खबर पहुंचते ही मातम पसर गया। लोग धीरे-धीरे शहीद के घर पर इकट्ठा होने लगे। उन्हें इंतजार था पार्थिव देह के पहुंचने का। इंतजार की घड़ियां समाप्त हुईं और बुधवार की शाम पांच बजे कमल का पार्थिव शरीर पैतृक गांव ग्रामोड़ पहुंचा। जिला मुख्यालय से चार किलोमीटर दूर स्थित इस गांव में हर व्यक्ति शहीद के परिजनों को ढांढस बंधा रहा था, बीच -बीच में ढांढस बंधाने वालों का संयम भी टूट जाता था। शहीद कमल का अंतिम संस्कार पूरे सम्मान के साथ वीरवार को बारादरी स्थित श्मशान घाट में होगा।
jammu kashmir police
- फोटो : अमर उजाला
परिजनों के चीत्कार से गूंजीं दीवारें
बुधवार सुबह जैसे ही शहादत की खबर पहुंची तो ग्रामोड़ कटल गौसुआ में रहने वाले ग्रामीण शहीद के घर पहुंचने लगे। खबर मिलते ही शहीद के परिजनों का रो-रो कर बुरा हाल था। पार्थिव देह पहुंचते ही घर में कोहरमा मच गया। कमल की मां व बहनों के चीत्कार से लोग विचलित हो गए। पिता तथा भाई भी बेसुध हो गए।
बुधवार सुबह जैसे ही शहादत की खबर पहुंची तो ग्रामोड़ कटल गौसुआ में रहने वाले ग्रामीण शहीद के घर पहुंचने लगे। खबर मिलते ही शहीद के परिजनों का रो-रो कर बुरा हाल था। पार्थिव देह पहुंचते ही घर में कोहरमा मच गया। कमल की मां व बहनों के चीत्कार से लोग विचलित हो गए। पिता तथा भाई भी बेसुध हो गए।
jammu kashmir police
- फोटो : अमर उजाला
बड़ा भाई पुलिस व बहन सीआईएसएफ में
शहीद कमल के पिता मोहन लाल किसान हैं। कमल का बड़ा भाई जम्मू कश्मीर पुलिस में है जबकि एक बहन सीआईएसएफ में कार्यरत है। एक बहन की शादी हो चुकी है। कमल लगभग दस वर्ष पहले सेना में भर्ती हुआ था।
शहीद कमल के पिता मोहन लाल किसान हैं। कमल का बड़ा भाई जम्मू कश्मीर पुलिस में है जबकि एक बहन सीआईएसएफ में कार्यरत है। एक बहन की शादी हो चुकी है। कमल लगभग दस वर्ष पहले सेना में भर्ती हुआ था।
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jammu kashmir police
- फोटो : बासित जरगर
हाल ही में एसओजी में भेजा गया था कमल
आईआरबी की छठी वाहिनी में कार्यरत कमल हाल ही में एसओजी में भेजा गया था। ग्रामीणों के अनुसार कमल काफी होशियार और साहसी युवक था। उस की प्रारंभिक शिक्षा ग्रामोड़ में ही हुई, जबकि उन्होंने उच्च शिक्षा रियासी से पूरी की।
आईआरबी की छठी वाहिनी में कार्यरत कमल हाल ही में एसओजी में भेजा गया था। ग्रामीणों के अनुसार कमल काफी होशियार और साहसी युवक था। उस की प्रारंभिक शिक्षा ग्रामोड़ में ही हुई, जबकि उन्होंने उच्च शिक्षा रियासी से पूरी की।
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jammu kashmir police
- फोटो : बासित जरगर
भारत माता की जय के लगे नारे
शहीद कमल का अभी तक विवाह नहीं हुआ था। बुुधवार को जैसे ही शहीद का शव ग्रामोड़ के मुख्य चौक से पंचायत घर के नजदीक उसके घर तक पहुंचा, तो पूरा रास्ता लोगों की भीड़ से पटा रहा। लोगों ने भारत माता की जय के नारे लगाए।
शहीद कमल का अभी तक विवाह नहीं हुआ था। बुुधवार को जैसे ही शहीद का शव ग्रामोड़ के मुख्य चौक से पंचायत घर के नजदीक उसके घर तक पहुंचा, तो पूरा रास्ता लोगों की भीड़ से पटा रहा। लोगों ने भारत माता की जय के नारे लगाए।