मुनीर के मोबाइल से निकलेगा आतंकी कनेक्शन का सच: एनआईए को जांच के लिए मिले 180 दिन, फोरेंसिक रिपोर्ट का इंतजार
एनआईए मामलों के विशेष जज ने आतंकी मुनीर अहमद मामले में जांच पूरी करने की अवधि 150 से बढ़ाकर 180 दिन करने की मंजूरी दी है। छात्रू में पुलिस पार्टी पर हमले के मामले में आरोपी पर आतंकी गतिविधियों का आरोप है।
विस्तार
एनआईए मामलों के स्पेशल जज ने आतंकी मुनीर अहमद मामले में जांच पूरी करने के लिए अवधि को 150 दिन से बढ़ाकर 180 दिन किए जाने को मंजूरी दे दी है। स्पेशल जज प्रेमसागर ने एनआईए के लोक अभियोजक चंदन कुमार सिंह के आवेदन पर यह मंजूरी दी।आवेदन प्राप्त होने के बाद अदालत की ओर से जिला जेल अंबफला में बंद आरोपी को नोटिस जारी किया गया। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये जेल से ही उसकी पेशी हुई। उसे जांच की अवधि बढ़ाने के आधारों के संबंध में उसकी समझ में आने वाली भाषा में बताया गया। आरोपी के वकील ने अलबत्ता कहा कि एनआईए अस्पष्ट आधारों पर जांच की अवधि बढ़ाने की मांग कर रही है। यह भी दावा किया कि एनआईए की ओर से जांच को लेकर कोई स्टेटस रिपोर्ट दाखिल नहीं की गई।
आरोपी पर आतंकवादी गतिविधियों, आपराधिक साजिश, हत्या के प्रयास, और अवैध हथियारों से जुड़े गंभीर मामलों में अपराध दर्ज हैं। दावा है कि बीती 22 फरवरी को वाणी मोहल्ला, छात्रू, किश्तवाड़ में हुई घटना में उसकी संलिप्तता है। इसमें सैफुल्ला समेत तीन पाकिस्तानी आतंकवादियों ने पुलिस पार्टी को मारने की नीयत से अंधाधुंध गोलीबारी की थी।मुठभेड़ के दौरान आतंकवादियों के पास से अवैध हथियार, गोला-बारूद, इलेक्ट्रॉनिक गैजेट और अन्य आपत्तिजनक सामान बरामद किए गए थे।
आरोपी मुनीर अहमद को अपराध में सक्रिय रूप से शामिल होने के कारण बीती 15 अप्रैल को गिरफ्तार किया गया था। आरोपी ने खुलासा किया था कि उसने छात्रू के पास आतंकवादियों को मोबाइल फोन सप्लाई किया था। उसके इस खुलासे और मारे गए आतंकवादियों के पास से वही मोबाइल मिलना उसके आतंकवादी मॉड्यूल को लॉजिस्टिकल सपोर्ट देने का सबूत माना गया।
अदालत ने लोक अभियोजक, मुख्य जांच अधिकारी और आरोपी के वकील की दलीलें सुनने के बाद मामले में प्रगति रिपोर्ट देखी। कहा कि जांच अभी अहम चरण में है। सीएफएसएल चंडीगढ़ और एफएसएल श्रीनगर आदि से कई अहम फोरेंसिक रिपोर्ट का अभी भी इंतजार है। उसकी ओर से सर्टिफाइड क्लोन डेटा और विश्लेषण रिपोर्ट मिलनी अभी बाकी है। मुनीर अहमद के मोबाइल फोन से डेटा निकाले जाने के साथ ही उसके डेटा का विस्तार से विश्लेषण किया जा रहा है।