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कश्मीर के सोपोर में सेना के जवान बने देवदूत, जच्चा-बच्चा को इस तरह अस्पताल से पहुंचाया घर

Fri, 08 Jan 2021 11:18 AM IST
प्रशांत कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू Published by: प्रशांत कुमार Updated Fri, 08 Jan 2021 11:18 AM IST
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Army soldiers transported mother and child from hospital to home in Sopore kashmir
सेना के जवान बने देवदूत - फोटो : साकिब नबी

कश्मीर के सोपोर के रफियाबाद में आर्मी के दुनिवार कैंप के पास मदद के लिए फोन आया। फोन करने वाले शख्स ने बताया कि उसकी पत्नी अस्पताल में भर्ती है, जहां उसने बच्चे को जन्म दिया है। भारी बर्फबारी की वजह से एंबुलेंस अस्पताल से उसके घर तक नहीं जा सकती। इतना सुनते ही सेना के जवान मदद के लिए निकल पड़े।




अगली स्लाइड में पढ़िए- सेना के जवान बने देवदूत

Army soldiers transported mother and child from hospital to home in Sopore kashmir
सेना के जवान बने देवदूत - फोटो : साकिब नबी

रफियाबाद में आर्मी के दुनिवार कैंप के पास मजीद अहमद का फोन आया। वह अपनी पत्नी और नवजात बच्चे को पजालपोरा से दुनिवार ले जाना चाह रहा था। यह दूरी 3.5 किलोमीटर थी, मजीद के पास कोई साधन भी नहीं था। बता दें कि फरीदा बेगम ने जीएमसी बारामुला में बच्चे को जन्म दिया था। पज़ालपोरा से दुनिवार रोड तक भारी बर्फ जमा होने के कारण एंबुलेंस नहीं पहुंच सकी। दुनिवार कैंप के सैनिक तुरंत मौके पर पहुंचे और बिना समय बर्बाद किए जवानों ने नवजात शिशु के साथ महिला को स्ट्रेचर पर उसके घर तक पहुंचाया। स्थानीय लोगों ने भी मदद के लिए सेना के प्रयासों की सराहना की।


 
Army soldiers transported mother and child from hospital to home in Sopore kashmir
सेना के जवान बने देवदूत - फोटो : भारतीय सेना

इससे पहले हंदवाड़ा में मंगलवार की रात एक महिला और उसका नवजात बच्चा बर्फ में फंस गया था। सेना को इसकी सूचना मिली और आधी रात को चार फीट बर्फ में चलकर देवदूतों ने दोनों को स्ट्रेचर पर घर पहुंचाया। कुलगाम में बुधवार की सुबह नवजात और उसकी मां को अस्पताल पहुंचाया।  


 
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Army soldiers transported mother and child from hospital to home in Sopore kashmir
सेना के जवान बने देवदूत - फोटो : भारतीय सेना

हंदवाड़ा में मंगलवार की रात 10 बजे आपात सेंटर में चपरान गांव से नासिर अहमद का फोन आया कि वह नवजात और उसकी मां को लेकर आ रहे परिजनों के साथ अस्पताल से घर लौट रहे थे परंतु उनका वाहन यमार्ड जचलोर में कई फीट बर्फबारी में फंस गया है।


 
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Army soldiers transported mother and child from hospital to home in Sopore kashmir
सेना के जवान बने देवदूत - फोटो : भारतीय सेना

सूचना मिलते ही सेना की कोबार्ड यमार्ड की टीम घुटनों तक बर्फ से ढंके रास्ते पर रवाना हो गई।  मौके पर पहुंची टीम ने तत्काल एक स्ट्रेचर तैयार किया, बच्चे और उसकी मां को पैदल लेकर उनके गांव के लिए चल पड़े। आधी रात को लगभग चार किलोमीटर घुटनों तक बर्फ में चलने के बाद मददगार जवानों ने उन्हें सुरक्षित घर पहुंचा दिया। इस दौरान नवजात की दादी ने इसके लिए सेना का शुक्रिया अदा किया और कहा, अल्लाह तुम्हें हमेशा सलामत रखे। दूसरी ओर दक्षिण कश्मीर के कुलगाम जिले की पुलिस ने बुधवार की सुबह एक नवजात और उसकी मां को जिला अस्पताल में भर्ती कराया।

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