जम्मू-कश्मीर में बर्फबारी का कहर जारी है। लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। इस कठिन समय में भारतीय सेना के जवान लोगों के लिए फरिश्ते से कम नहीं हैं। एक ऐसा ही मामला कुपवाड़ा जिले में सामने आया है। जिले के करालपोरा में मंगलवार को सेना के पास मदद के लिए एक फोन आया। आनन-फानन जवान मौके पर पहुंचे। नर्सिंग सहायक के साथ गर्भवती महिला को उसके घर से मुख्य सड़क तक एक खाट पर पहुंचाया। यह दुर्गम रास्ता करीब दो किलोमीटर का था। इसके बाद महिला को एक अस्पताल ले जाया गया। जहां उसने बच्चे को जन्म दिया।
'जन्नत' में फौजी बने फरिश्ते, बर्फ के सितम के बीच कुछ इस तरह गर्भवती को पहुंचाया अस्पताल
उधर, हंदवाड़ा में मंगलवार की रात एक महिला और उसका नवजात बच्चा बर्फ में फंस गया था। सेना को इसकी सूचना मिली और आधी रात को चार फीट बर्फ में चलकर देवदूतों ने दोनों को स्ट्रेचर पर घर पहुंचाया। कुलगाम में बुधवार की सुबह नवजात और उसकी मां को अस्पताल पहुंचाया।
हंदवाड़ा में मंगलवार की रात 10 बजे आपात सेंटर में चपरान गांव से नासिर अहमद का फोन आया कि वह नवजात और उसकी मां को लेकर आ रहे परिवारजनों के साथ अस्पताल से घर लौट रहे थे परंतु उनका वाहन यमार्ड जचलोर में कई फीट बर्फबारी में फंस गया है।
सूचना मिलते ही सेना की कोबार्ड यमार्ड की टीम घुटनों तक बर्फ से ढंके रास्ते पर रवाना हो गई। मौके पर पहुंची टीम ने तत्काल एक स्ट्रेचर तैयार किया, बच्चे और उसकी मां को पैदल लेकर उनके गांव के लिए चल पड़े।
आधी रात को लगभग चार किलोमीटर घुटनों तक बर्फ में चलने के बाद मददगार जवानों ने उन्हें सुरक्षित घर पहुंचा दिया। इस दौरान नवजात की दादी ने इसके लिए सेना का शुक्रिया अदा किया और कहा, अल्लाह तुम्हें हमेशा सलामत रखे। दूसरी ओर दक्षिण कश्मीर के कुलगाम जिले की पुलिस ने बुधवार की सुबह एक नवजात और उसकी मां को जिला अस्पताल में भर्ती कराया।
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