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1947 में जहां से आए थे कबाइली फिर वहीं से घुसपैठ की कोशिश, सबक सिखाने के लिए जांबाज तैयार

Thu, 07 Jan 2021 03:42 PM IST
प्रशांत कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू Published by: प्रशांत कुमार Updated Thu, 07 Jan 2021 03:42 PM IST
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terrorists trying to infiltrate from those routes where Pakistani tribes attacked in 1947 in kashmir
भारतीय सेना, फाइल फोटो - फोटो : साकिब नबी

वर्ष 1947 में कश्मीर के जिन इलाकों से पाकिस्तानी कबाइलियाें ने हमला किया था, आतंकियों ने लंबे अरसे बाद उन रूटों से घुसपैठ की कोशिश शुरू कर दी है। हाल ही में गुलमर्ग, बांदीपोरा और बारामुला के बोनियार से आतंकी घुसपैठ हुई है। इन रूटों से लंबे अरसे बाद घुसपैठ हुई। यह रूट बांदीपोरा, गंगबल से छतरगुल से होकर गुजरता है। उधर, आतंकियों को सबक सिखाने के लिए भारतीय सेना, बीएसएफ, विलेज डिफेंस कमेटी (वीडीसी) सदस्य और जम्मू-कश्मीर पुलिस के जवानों ने कमर कस ली है। 


 

terrorists trying to infiltrate from those routes where Pakistani tribes attacked in 1947 in kashmir
भारतीय सेना, फाइल फोटो - फोटो : साकिब नबी
घुसपैठ के 20 रूटों पर सुरक्षा का त्रिस्तरीय घेरा

एलओसी पर घुसपैठ के 20 रूटों को चिह्नित कर त्रिस्तरीय सुरक्षा घेरा बनाया गया है। पहले घेरे में सेना और बीएसएफ की मुस्तैदी है, जबकि दूसरे घेरे में विलेज डिफेंस कमेटी (वीडीसी) सदस्य और तीसरे में पुलिस की नाकाबंदी है। किसी भी संदिग्ध हलचल पर पूरा सुरक्षा तंत्र त्वरित कार्रवाई करता है। इसी रणनीति की वजह से आतंकी और उनके कई मददगारों को पकड़ा गया है।


 
terrorists trying to infiltrate from those routes where Pakistani tribes attacked in 1947 in kashmir
भारतीय सेना, फाइल फोटो - फोटो : साकिब नबी

बता दें कि बर्फबारी से घुसपैठ के रास्ते बंद होने के बावजूद पाकिस्तान 400 के करीब आतंकियों को घुसपैठ कराने की फिराक में है। सुरक्षा अधिकारियों ने जम्मू और कश्मीर संभाग में एलओसी से जुड़े पुख्ता इनपुट के आधार पर यह दावा किया है। आतंकी घुसपैठ को नाकाम करने के लिहाज से वर्ष 2020 पिछले तीन साल में सबसे सफल वर्ष रहा है। इससे बौखलाए पाकिस्तान ने वर्ष 2020 में सीजफायर उल्लंघन की अब तक की सबसे ज्यादा 5100 घटनाओं को अंजाम दिया। 


 
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भारतीय सेना, फाइल फोटो - फोटो : साकिब नबी

पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि वर्ष 2020 में कुल 44 आतंकी घुसपैठ करने में कामयाब रहे, जबकि इससे पूर्व 2019 में 141 और 2018 में 143 आतंकियों ने घुसपैठ की थी। इसी वजह से गुजरे साल संघर्षविराम की सबसे ज्यादा घटनाएं हुईं। अधिकारी ने बताया कि पुख्ता इनपुट हैं कि पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर में एलओसी के पास 300 से 415 आतंकी लांचिंग पैड पर घुसपैठ की फिराक में हैं। इनमें 175 से 210 आतंकी कश्मीर घाटी से लगती एलओसी जबकि 119 से 216 आतंकी पीर पंजाल के इस पार जम्मू संभाग में एलओसी के पास मौजूद हैं।

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भारतीय सेना, फाइल फोटो - फोटो : साकिब नबी

पाकिस्तान ड्रग्स और हथियारों को इस पार पहुंचाने के लिए सुरंग, ड्रोन समेत अन्य हथकंडे अपना रहा है। ड्रग्स से आतंकी गतिविधियों के लिए पैसा जुटाने की कोशिश की जाती है, जिस पर लगातार नकेल कसी जा रही है। अधिकारी ने बताया कि बीते वर्ष पुंछ में बर्फबारी के बीच आतंकी घुसपैठ की कोशिश की गई थी जिसे सुरक्षाबलों ने नाकाम कर दिया था। इसी तरह से सांबा जिले में टनल खोदकर घुसपैठ कर आए चार आतंकियों को हाईवे पर नगरोटा के पास नवंबर में ढेर कर दिया था। 

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