दक्षिण कश्मीर के शोपियां में वनगाम क्षेत्र में आतंकियों से हुई मुठभेड़ में उत्तर प्रदेश के बागपत का लाल पिंकू कुमार शहीद हो गया। सेना ने रविवार को हवलदार पिंकू कुमार को श्रद्धांजलि अर्पित की। इस दौरान सर्वोच्च बलिदान देने वाले शहीद को लेफ्टिनेंट जनरल डीपी पांडे, चिनार कॉर्प्स कमांडर और सभी रैंकों ने श्रद्धांजलि दी। हवलदार पिंकू कुमार शोपियां के वनगाम में आतंकियों के खिलाफ चलाए गए ऑपरेशन का हिस्सा थे।
शोपियां में शहीद हुआ यूपी का लाल: सेना ने हवलदार पिंकू कुमार को दी श्रद्धांजलि
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लगभग सात बजे गांव में घेराबंदी और तलाशी अभियान शुरू किया गया था। करीब 08:15 बजे आतंकवादियों ने सुरक्षाबलों पर अंधाधुंध गोलीबारी की। हवलदार पिंकू कुमार ने साहस और वीरता दिखाते हुए जवाबी कार्रवाई की। इसी दौरान उन्हें गोली लगी। इसके बाद उन्हें अस्पताल ले जाया गया। जहां उन्होंने दम तोड़ दिया।
शहीद हवलदार पिंकू कुमार 38 वर्ष के थे और 2001 में सेना में भर्ती हुए थे। वह उत्तर प्रदेश में बागपत जिले के निवासी थे। शहीद जवान पिंकू कुमार का एक नौ महीने का बेटा और दो बेटियां हैं। इस मुठभेड़ में दो आतंकी मारे गए हैं। आतंकियों के पास से एक अमेरिकी एम-4 राइफल बरामद हुई है। इलाके में कुछ और आतंकियों के घिरे होने का अंदेशा है।
कश्मीर जोन आईजी विजय कुमार ने बताया कि शोपियां मुठभेड़ में हिजबुल आतंकी इनातुल्ला शेख और लश्कर आतंकी आदिल मलिक मारा गया। आतंकियों के पास से एक एके-47 राइफल और एक एम-4 राइफल बरामद हुई है। शेख पिछले हफ्ते पाकिस्तान से भारत आया था। वहीं आतंकियों के पास से इस साल अब तक दो एम 4 राइफलें बरामद की गई हैं।
जनवरी 2021 से अब तक हुई दस मुठभेड़ों में 20 आतंकी मारे गए हैं। इन मुठभेड़ों में 9 दक्षिण तथा एक उत्तरी कश्मीर में हुई है। मारे गए आतंकियों में 10 सिर्फ शोपियां में मारे गए हैं। रावलपोरा में 15 मार्च को तीन दिन तक चली मुठभेड़ में लश्कर सरगना सज्जाद अफगानी मारा गया था। उसके पास से भी एक अमेरिकी एम 4 राइफल और 36 चीन निर्मित स्टील की गोलियां मिली थीं।