अमरनाथ यात्रा शुरू होने की तारीख का एलान हो चुका है। यात्रा 28 जून से शुरू होगी और 22 अगस्त तक चलेगी। बाबा अमरनाथ की गुफा समुद्र तल से 18,600 मीटर की ऊंचाई पर है। अगर आप भी बाबा अमरनाथ के दर्शन करने की तैयारी कर रहे हैं तो कुछ बातों को विशेष ध्यान रखें। साथ ही जानिए पवित्र धाम के कुछ रहस्य...
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अमरनाथ यात्रा के समय इन बातों का रखें ध्यान, साथ ही जानें गुफा के दो कबूतरों की कहानी और ये रहस्य
Sat, 13 Mar 2021 05:51 PM IST
प्रशांत कुमार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
Published by: प्रशांत कुमार
Updated Sat, 13 Mar 2021 05:51 PM IST
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अमरनाथ यात्रा
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अमरनाथ यात्रा
- फोटो : अमर उजाला, फाइल फोटो
ऐसी मान्यता है कि अमरनाथ की पवित्र गुफा में भगवान शिव ने माता पार्वती को अमरत्व की कहानी सुनाई थी। भगवान शिव साक्षात अमरनाथ गुफा में विराजमान रहते हैं।
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भगवान शिव जब माता पार्वती को अमरकथा सुनाने जा रहे थे तो उन्होंने सबसे पहले पहलगाम में अपने नंदी का त्याग किया था। चंदनबाडी में अपनी जटा से चंदमा को मुक्त किया था।
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भगवान शंकर ने गले में धारण सांपों को शेषनाग नामक झील में छोड़ दिया था। इसके बाद शिवजी ने गणेशजी को महागुणस पर्वत पर छोड़ दिया। पंचतरणी में पांचों तत्वों का त्याग किया था।
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भगवान शिव जब माता पार्वती को अमरकथा सुना रहे थें तो उसी समय माता को नींद आ गई। इस दौरान कबूतरों का एक जोड़ा भी इस कथा को सुन रहा था जिसके कारण ये कबूतर भी अमर हो गए। गुफा में आज भी कबूतरों का जोड़ा दिखाई देता है।