बैलगाड़ी से बरात सजाकर सुर्खियों में रहे छोटेलाल बुधवार की शाम फिर चार बैलगाड़ियों के साथ दुल्हन की विदाई कराने पकड़ी बाजार के बरडीहादल गांव पहुंचे। दुल्हन की विदाई डोली में हुई। सजी डोली में सवार होकर सरिता पीहर को निकली तो उसे विदा करने महिलाएं गांव के सिवान तक गईं। बैलगाड़ी पर निकली बरात को देखने के लिए लोगों की भीड़ लग गई। लोगों ने अपने मोबाइल से दूल्हे और बैलगाड़ी के साथ इस पल को सेल्फी के माध्यम से कैद किया।
तस्वीरें: बैलगाड़ी से दुल्हन की विदाई कराने पहुंचे छोटेलाल, पालकी में सवार होकर चली साजन के द्वार
चार कहारों के कंधो पर दुल्हन सरिता पाल की डोली उठी तो देखने के लिए गांव की महिलाओं का तांता लग गया। पालकी में सवार होकर दुल्हन अपने साजन के द्वार पहुंची।
छोटेलाल ने बताया कि उनकी मां कोईली देवी का स्वर्गवास 1998 में हो गया। पिता का भी साया 2006 में छीन गया। वर्ष 1999 में हाईस्कूल की परीक्षा में फेल होने के बाद 2002 में मुंबई चला गया। फिल्म इंडस्ट्री में आर्ट का काम करते हैं।