साल 2020 की सबसे बड़ी खगोलीय घटना 21 जून को सूर्य ग्रहण के रूप में होगी। गोरखपुर के लोगों को 21 जुलाई 2009 के बाद सबसे अधिक समय और अब तक का सबसे बड़ा ग्रहण देखने को मिलेगा। इस दौरान दौरान सूर्य का लगभग 88 प्रतिशत हिस्सा चंद्रमा द्वारा ढक लिया जाएगा।
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- फोटो : अमर उजाला।
सुबह 10 बजकर 20 मिनट के आसपास आरंभ हो जाएगा और दोपहर 1 बजकर 49 मिनट समाप्त हो जाएगा। सूर्य ग्रहण दोपहर 12 बजकर 2 मिनट के करीब चरम पर होगा। इस सूर्य ग्रहण को वैज्ञानिकों ने वलयाकार या छल्लेदार सूर्य ग्रहण का बताया है।
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- फोटो : अमर उजाला।
क्षेत्रीय वैज्ञानिक अधिकारी महादेव पांडेय ने बताया कि सूर्य ग्रहण तब होता है जब चंद्रमा पृथ्वी और सूर्य के बीच से गुजरता है। इस छल्लेदार सूर्य ग्रहण को देखने के लिये खगोल शास्त्री इंतजार करते हैं। वर्ष 2009 के बाद इस तरह की खगोलीय घटना सामने नहीं आई। 12 साल बाद इंतजार खत्म हुआ।
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- फोटो : अमर उजाला।
इस सूर्यग्रहण का इंतजार खगोलीय शास्त्री काफी समय से कर रहे थे। यह छल्लेदार सूर्य ग्रहण होगा और गोरखपुर में आंशिक दिखेगा। राजस्थान, उत्तराखंड के कुछ हिस्सों से पूर्ण छल्लेदार दिखाई देगा। उन्होंने बताया कि नक्षत्रालय की ओर से ऑनलाइन स्क्रीन के माध्यम से इसे लोग देख सकें ऐसी व्यवस्था की जाएगी।
5 जून से 5 जुलाई के बीच पड़ेंगे 3 ग्रहण जानकारी के अनुसार पांच जून से पांच जुलाई तक कुल तीन ग्रहण पड़ने जा रहे हैं। इनको ज्योतिष शुभ नहीं मान रहे हैं। पांच जून से लेकर पांच जुलाई के बीच दो चंद्र और एक सूर्य ग्रहण हैं। ज्योतिष विद्वानों का इस विषय में मत है कि जब भी एक माह में दो से अधिक ग्रहण होते हैं तो परिणाम शुभ नहीं होता है।