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दवा कारोबारी की हत्या या आत्महत्या, मौत की गुत्थी नहीं सुलझा पा रही पुलिस
Tue, 18 Feb 2020 12:46 PM IST
vivek shukla
डिजिटल न्यूज डेस्क, गोरखपुर
डिजिटल न्यूज डेस्क, गोरखपुर
Published by: vivek shukla
Updated Tue, 18 Feb 2020 12:46 PM IST
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मृतक सईद अहमद। (File)
- फोटो : अमर उजाला।
दवा कारोबारी सईद की मौत की गुत्थी सुलझाने के लिए सोमवार की शाम मौके पर सीन री-क्रिएशन करके पुलिस टीम लौट आई। करीब आधा घंटा से अधिक समय तक एसएसपी डॉ. सुनील कुमार गुप्ता, एसपी सिटी डॉ. कौस्तुभ, सीओ कोतवाली वीपी सिंह ने फोरेंसिक टीम के साथ जांच की। हालांकि पुलिस अधिकारी किसी नतीजे पर नहीं पहुंच पाए। अब भी हत्या और आत्महत्या के बीच गुत्थी उलझी हुई है।
मृतक सईद अहमद। (File)
- फोटो : अमर उजाला
सीन री क्रिएशन कम, जांच ही की पुलिस
सीन री क्रिएशन का नियम होता है कि पूरी घटना को वैसे ही प्रस्तुत किया जाए, मगर सोमवार को पुलिस ने ऐसा कुछ नहीं किया था। न तो कोई काल्पनिक प्लास्टिक बॉडी रखी गई थी और न ही दरवाजा को बंद कर उसी तरह बेटे अनस को गुजारा गया। पुलिस ने जांच की और मौके पर मौजूद एसएसपी एक-एक पहलू को गंभीरता से सुनते-देखते रहे। मगर इस प्रयास में कुछ ऐसा निष्कर्ष नहीं निकल सका, जिससे पुलिस किसी नतीजे पर पहुंच सके।
सीन री क्रिएशन का नियम होता है कि पूरी घटना को वैसे ही प्रस्तुत किया जाए, मगर सोमवार को पुलिस ने ऐसा कुछ नहीं किया था। न तो कोई काल्पनिक प्लास्टिक बॉडी रखी गई थी और न ही दरवाजा को बंद कर उसी तरह बेटे अनस को गुजारा गया। पुलिस ने जांच की और मौके पर मौजूद एसएसपी एक-एक पहलू को गंभीरता से सुनते-देखते रहे। मगर इस प्रयास में कुछ ऐसा निष्कर्ष नहीं निकल सका, जिससे पुलिस किसी नतीजे पर पहुंच सके।
crime
- फोटो : अमर उजाला
क्या घर में किसी का जीवन संकट में होने पर इंतजार करेगा परिवार
गोली चलने के बाद पटाखा समझने वाले बेटा सीधे पिता के कमरे में जाने की जगह पहले बाहर गया। फिर उसने पड़ोस के दो लोगों को बुलाया और फिर रसोई की खिड़की के रास्ते अंदर दाखिल होकर कमरे तक पहुंचा था। फिर बाथरूम में उसे शव दिखा था। अब ऐसे में सवाल उठता है कि क्या घर के किसी सदस्य का जीवन संकट में होने की आशंका होने के बाद कोई पड़ोसी के आने का इंतजार करेगा कि उस ओर जा सके। सवाल यह उठना लाजिमी है कि जब सईद ने खुदकुशी की थी तो फिर क्यों किसी गवाह की जरूरत आ पड़ी अंदर जाने के लिए?
गोली चलने के बाद पटाखा समझने वाले बेटा सीधे पिता के कमरे में जाने की जगह पहले बाहर गया। फिर उसने पड़ोस के दो लोगों को बुलाया और फिर रसोई की खिड़की के रास्ते अंदर दाखिल होकर कमरे तक पहुंचा था। फिर बाथरूम में उसे शव दिखा था। अब ऐसे में सवाल उठता है कि क्या घर के किसी सदस्य का जीवन संकट में होने की आशंका होने के बाद कोई पड़ोसी के आने का इंतजार करेगा कि उस ओर जा सके। सवाल यह उठना लाजिमी है कि जब सईद ने खुदकुशी की थी तो फिर क्यों किसी गवाह की जरूरत आ पड़ी अंदर जाने के लिए?
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crime
- फोटो : अमर उजाला
ब्लैकनिंग को खुदकुशी का आधार बता रही पुलिस
पुलिस का कहना है कि सीने और सिर पर दोनों ही जगह ब्लैकनिंग पाई गई है। यह तभी संभव है, जब गोली सटाकर मारी गई हो। यदि कोई दूसरा मारता तो सीने पर गोली लगने के बाद सईद कुछ दूरी पर गिरे होते और फिर कनपटी पर दूर से गोली मारी जाती है। लेकिन ऐसा इस मामले में नहीं है। मगर यह काम कोई दूसरा भी कर सकता है, इस बात से अब पुलिस इंकार नहीं कर रही है।
पुलिस का कहना है कि सीने और सिर पर दोनों ही जगह ब्लैकनिंग पाई गई है। यह तभी संभव है, जब गोली सटाकर मारी गई हो। यदि कोई दूसरा मारता तो सीने पर गोली लगने के बाद सईद कुछ दूरी पर गिरे होते और फिर कनपटी पर दूर से गोली मारी जाती है। लेकिन ऐसा इस मामले में नहीं है। मगर यह काम कोई दूसरा भी कर सकता है, इस बात से अब पुलिस इंकार नहीं कर रही है।
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medical leader
- फोटो : अमर उजाला
एसएसपी डॉ. सुनील कुमार गुप्ता ने बताया- वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर इस घटना के पर्दाफाश की कोशिश की जाएगी। पुलिस विवेचना कर रही है। सभी रिपोर्ट आने के बाद यह पता चलेगा कि कारोबारी ने खुदकुशी की या फिर मारा गया है। पुलिस हर पहलू पर काम कर रही है, जल्द ही घटना का पर्दाफाश कर लिया जाएगा।