फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

पाकिस्तानी टिड्डियों ने नेपाल में मचाया कोहराम, परेशान किसानों ने कहा- बर्बाद हो जाएगी खेत में लगी पूंजी

Thu, 02 Jul 2020 12:07 PM IST
vivek shukla संवाद न्यूज एजेंसी, महराजगंज।
संवाद न्यूज एजेंसी, महराजगंज। Published by: vivek shukla Updated Thu, 02 Jul 2020 12:07 PM IST
विज्ञापन
Locusts Tiddi Dal Attacks in India Nepal border
Locust Attack - फोटो : अमर उजाला।

भारत ही नहीं नेपाल के सीमावर्ती क्षेत्र में भी पाकिस्तानी टिड्डी दल पहुंच गया है। जिसको लेकर किसान काफी परेशान हैं। इन दिनों किसान खेत में धुंआ कर टिड्डी दल से फसलों के बचाव में जुटे हैं। वहीं नेपाल के कृषि ज्ञान केंद्र की ओर से बचाव के लिए किसानों को जागरूक किया जा रहा है। अभी सीमावर्ती क्षेत्र में टिड्डी दल का प्रभाव ज्यादा है।

Locusts Tiddi Dal Attacks in India Nepal border
Locust Attack - फोटो : अमर उजाला।

मंगलवार को रूपनदेही जिला सहित बुटवल क्षेत्र में टिड्डी दल का प्रभाव बढ़ गया। दक्षिण से उत्तर की ओर बहने वाली हवाओं की गति के साथ आने वाले टिड्डी दल को अन्य क्षेत्रों जैसे मथागढ़ी गांव नगरपालिका, रिबडिकोट नगर पालिका, रेनादेवी छहरा नगर पालिका और तानसेन नगरपालिका क्षेत्र में देखे गए।

Locusts Tiddi Dal Attacks in India Nepal border
Locust attack - फोटो : अमर उजाला।

पलपा में हल्की बारिश और बूंदाबांदी के कारण टिड्डी दल एक ही समूह में नहीं दिखे। ऐसे में टिड्डों के पालपा के कुछ स्थानों पर रूके होने की संभावना है। किसान अपने खेत में धुआं सुलगा रहे हैं। स्थानीय लोगों ने कृषि ज्ञान केंद्र पलपा को सूचित किया था कि तिनयांगुनुपालिका -2, जांगला के इलाके में टिड्डी दल से परेशानी बढ़ गई है।

विज्ञापन
विज्ञापन
Locusts Tiddi Dal Attacks in India Nepal border
Locust attack - फोटो : अमर उजाला।

कृषि ज्ञान केंद्र के प्रमुख शिव प्रसाद आर्यल ने बताया कि एक तकनीकी टीम ने झंगला पहुंचकर किसानों को बचाव के लिए जागरूक किया। डोभन के पास्कुंड, बुढ़ासतक और बगहा गांवों के जंगल के पेड़ों में टिड्डे मिले। उन्होंने बताया कि बारिश के मौसम में पानी रुकने पर खेतों में लगाए गए खरपतवार और घास, मक्का और धान के बीज को टिड्डे खा सकते हैं। टिड्डों से बचाव के लिए उपाय करने को कहा गया है।

विज्ञापन
Locusts Tiddi Dal Attacks in India Nepal border
टिड्डी दल का हमला। - फोटो : अमर उजाला।

कृषि ज्ञान केंद्र के प्रमुख शिव प्रसाद आर्यल ने बताया कि भले ही अब तक टिड्डों ने पलपा में फसलों के पत्ते खाए हैं, लेकिन इससे उन्हें ज्यादा नुकसान नहीं हुआ है। पालपा में बारिश और बूंदा-बांदी के कारण टिड्डियां दूसरे पेड़ों में रहने लगे हैं। उन्होंने बताया कि टिड्डियों के प्रभाव को कम करने के लिए व्यवस्था की जा रही है।

अगली फोटो गैलरी देखें
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed