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Gorakhpur News: रूस्तमपुर में सजेगा अनोखा दरबार, अद्भुत स्वरूप में विराजेंगी प्रसिद्ध मां छिन्नमस्तिकार
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गोरखपुर। शहर में नवरात्र, दुर्गापूजा और विजयदशमी की तैयारियां अब जमीन पर नजर आने लगी हैं। कहीं मां की प्रतिमाओं में रंग भरे जा रहे हैं तो कहीं पंडालों को अंतिम रूप दिया जा रहा है। इसी बीच रूस्तमपुर नहर रोड पर इस बार श्रद्धालुओं को मां का अनोखा दरबार देखने को मिलेगा।
यहां झारखंड के प्रसिद्ध मां छिन्नमस्तिका मंदिर में विराजी प्रतिमा के स्वरूप से प्रेरित होकर भव्य प्रतिमा तैयार कराई जा रही है। महाकाल समिति की ओर से स्थापित की जाने वाली प्रतिमा में मां छिन्नमस्तिका का सिर कटा स्वरूप नजर आएगा।
एक हाथ में मां अपना मस्तक और दूसरे हाथ में अस्त्र धारण किए रहेंगी। प्रतिमा के नीचे मां दुर्गा और मां काली के स्वरूप भी बनेंगे। दोनों देवियों को मां की रक्तधारा का पान करते हुए दर्शाया जाएगा।
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प्रतिमा का स्वरूप इस बार विशेष आकर्षण का केंद्र रहेगा। इसमें 108 सिर और 121 हाथ होंगे। 108 सिर मां महाकाली के स्वरूप को दर्शाएंगे, जबकि 121 हाथों में अलग-अलग अस्त्र-शस्त्र नजर आएंगे।
रोशनी से सजे पंडाल में प्रतिमा का यह भव्य स्वरूप श्रद्धालुओं के लिए आस्था के साथ कौतूहल का भी केंद्र बनेगा।
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यहां झारखंड के प्रसिद्ध मां छिन्नमस्तिका मंदिर में विराजी प्रतिमा के स्वरूप से प्रेरित होकर भव्य प्रतिमा तैयार कराई जा रही है। महाकाल समिति की ओर से स्थापित की जाने वाली प्रतिमा में मां छिन्नमस्तिका का सिर कटा स्वरूप नजर आएगा।
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एक हाथ में मां अपना मस्तक और दूसरे हाथ में अस्त्र धारण किए रहेंगी। प्रतिमा के नीचे मां दुर्गा और मां काली के स्वरूप भी बनेंगे। दोनों देवियों को मां की रक्तधारा का पान करते हुए दर्शाया जाएगा।
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प्रतिमा का स्वरूप इस बार विशेष आकर्षण का केंद्र रहेगा। इसमें 108 सिर और 121 हाथ होंगे। 108 सिर मां महाकाली के स्वरूप को दर्शाएंगे, जबकि 121 हाथों में अलग-अलग अस्त्र-शस्त्र नजर आएंगे।
रोशनी से सजे पंडाल में प्रतिमा का यह भव्य स्वरूप श्रद्धालुओं के लिए आस्था के साथ कौतूहल का भी केंद्र बनेगा।