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तस्वीरें: 2600 साल में आठ बार बदल चुका है 'गोरखपुर' का नाम, रोचक है इसका इतिहास

Sat, 12 Dec 2020 04:29 PM IST
vivek shukla राजीव रंजन, गोरखपुर।
राजीव रंजन, गोरखपुर। Published by: vivek shukla Updated Sat, 12 Dec 2020 04:29 PM IST
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history special story of Gorakhpur City name
गोरखपुर का इतिहास। - फोटो : अमर उजाला।

वर्तमान में गोरखपुर शहर का नाम आठ पड़ाव पार करने के बाद 'गोरखपुर' तक पहुंचा है। पिछले 2600 साल के दौरान गोरखपुर का नाम 8 बार बदल चुका है। इस नाम तक पहुंचने में कई रोचक कहानियां गढ़ी गई हैं। आगे की स्लाइड्स में पढ़ें पूरी कहानी...



 

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पहले ऐसा दिखता था गोरखपुर रेलवे स्टेशन। - फोटो : अमर उजाला

प्राचीन भारत के इतिहासकारों के अनुसार गोरखपुर का नाम कभी रामग्राम भी हुआ करता था जो कालांतर में दुनिया को योग से परिचित कराने वाले गुरु गोरक्षनाथ के नाम से होते हुए गोरखपुर पर आकर ठहर गया। दुनिया को योग से परिचित कराने वाले गुरु गोरक्षनाथ के नाम पर गोरखपुर का मौजूदा नाम 217 साल पुराना है।

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बाबा गोरखनाथ। - फोटो : अमर उजाला।

इसके पहले नौवीं शताब्दी में भी इसे गुरु गोरक्षनाथ के नाम पर ‘गोरक्षपुर’ के नाम से जाना जाता था। बाद की सदियों में शासकों की हुकूमत के साथ इस क्षेत्र का नाम भी बार-बार नाम बदलता रहा। कभी सूब-ए-सर्किया के नाम से जाना गया, कभी अख्तनगर, कभी गोरखपुर सरकार तो कभी मोअज्जमाबाद के नाम से। अंतत: अंग्रेजों ने 1801 में इसका नाम ‘गोरखपुर’ कर दिया जो नौवीं शताब्दी के ‘गोरक्षपुर’ और गुरु गोरक्षनाथ पर आधारित है।

 

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गोरखपुर की पहचान गीता प्रेस। - फोटो : अमर उजाला।

साहित्यकार डॉ. वेदप्रकाश पांडेय द्वारा संपादित किताब ‘शहरनामा’ के अनुसार मुगलकाल में जब जौनपुर में सर्की शासक हुए तो इसका नाम बदलकर सूब-ए-सर्किया कर दिया गया। एक समय में इसका नाम अख्तरनगर भी था। फिर वह दौर आया जब इसे गोरखपुर सरकार कहा गया।

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मुगल बादशाह औरंगजेब। (फाइल फोटो) - फोटो : Facebook/Nilofer A J

औरंगजेब के बेटे के नाम पर हुआ मोअज्जमाबाद
औरंगजेब के शासन (1658-1707) के दौरान इसका नाम मोअज्जमाबाद पड़ा। औरंगजेब का बेटा मुअज्जम यहां शिकार के लिए आया था। वह कुछ वक्त तक यहां ठहरा। उसी के नाम पर शहर का नाम मोअज्जमाबाद कर दिया गया। 1801 में अंग्रेजों ने एक बार फिर गुरु गोरक्षनाथ के नाम पर शहर का नाम बदलकर गोरखपुर कर दिया। तबसे आज तक इसका नाम यही है।

 

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