इस बार हरियाली तीज पर्व पर भी कोरोना काल का असर देखने को मिल रहा है। बाजार एकदम सूने पड़े हैं। मेंहदी की दुकानें इक्का-दुक्का सजी तो हैं लेकिन महिलाओं की मौजूदगी बेहद कम है। चूंकि त्योहार पर खरीदारी का अपना अलग महत्व होता है। ऐसे में आभूषणों की दुकान पर थोड़ी भीड़ जरूर नजर आ रही है। इस बार कोरोना संकट ने 21 अगस्त को मनाई जाने वाली तीज को लेकर महिलाओं का उत्साह कम कर दिया है। कोरोना संक्रमण के चलते बाजार सूने हैं और पार्लर में मेहंदी लगवाने के लिए पहुंचने वाली महिलाएं न के बराबर हैं।
Hartalika Teej 2020: हरतालिका तीज पर लगा कोरोना का ग्रहण, बाजारों से गायब हुई 'रौनक'
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इस बार महिलाएं अपने घरों में रहकर ही त्योहार मनाने का मन बना चुकी हैं जिससे शहर के प्रमुख बाजारों में सन्नाटा पसरा है। हर वर्ष शहर और देहात क्षेत्रों में कई जगह झूले लगाए जाते थे। जहां महिलाएं झूले पर तीज के गीत गाती थीं, लेकिन इस बार सार्वजनिक कार्यक्रम रद्द हो गए हैं।
बाजारों में रौनक, लेकिन अधूरी ही
कोरोना काल की वजह से बाजार में रौनक अधूरी नजर आ रही है। प्रमुख बाजार गोलघर में दुकानें खुली हैं मगर एहतियातन ग्राहक दुकानों में नजर नहीं आ रहे हैं। कुछ आ भी रहे हैं तो कोरोना संक्रमण के खतरे को ध्यान में रखकर जरूरी खरीदारी कर वापस लौट जा रहे हैं।
बेतियाहाता निवासी प्रियंका त्रिपाठी ने बताया कि हर साल तीज पर घर में झूला लगाती थी। परिवार के साथ अन्य दोस्त, रिश्तेदार तीज पर घर आकर इसमें भाग लिया करती थीं। इस बार सब सूना रहेगा। कोरोना सेफ्टी की वजह से बस घर बैठे ही व्रत करना है।
नंदा नगर निवासी नयनतारा सिंह ने बताया कि तीज से पहले हर साल महिलाओं के ग्रुप द्वारा तीज पार्टी के लिए रेस्टोरेंट बुक हो जाया करते थे। लेकिन इस बार तो बुकिंग पूरी तरह बंद है। बस घर में परिवार के बीच ही तीज त्योहार का लुत्फ उठाना है। परिवार के बीच ही रहना है।