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UP: फिल्मों और रीलों की चकाचौंध में फंस रहे युवा...अंबुज हत्याकांड से सामने आई गैंग संस्कृति

Sun, 07 Dec 2025 04:26 PM IST
शाहरुख खान अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर
अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर Published by: शाहरुख खान Updated Sun, 07 Dec 2025 04:26 PM IST
सार

गोरखपुर में अंबुज हत्याकांड में अभी भी एक आरोपी फरार है। अंबुज की हत्या इसके दोस्तों ने कुल्हाड़ी से उसी गर्दन काटकर की थी। सूत्रों ने बताया कि अंबुज का गिरोह पिछले काफी समय से सोशल मीडिया पर सक्रिय था। वह फिल्मी डायलॉग पर रील और वीडियो बनाते रहते थे। इन्हीं में से तीन दोस्तों ने अंबुज का बेरहमी से कत्ल कर दिया था।

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Gorakhpur Ambuj Murder Exposes Gang Culture Influence Of Reels Films On Youth
मृतक व गिरफ्तार हत्यारोपी - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
गोरखपुर के अंबुज हत्याकांड में पुलिस की जांच के दौरान युवाओं के बढ़ते गैंग और फिल्मों, वेब सीरीज और सोशल मीडिया रीलों का देखकर वैसे ही भौकाल बनाने का ट्रेंड सामने आया है। शहर और आसपास के इलाकों में सक्रिय कई छोटे गिरोहों में पेशेवर अपराधियों की बजाय ऐसे युवा शामिल हैं जो खुद को फिल्मी दुनिया का हीरो या गैंग लीडर समझने लगे हैं। यही प्रवृत्ति समाज में नए तरह की अराजकता को जन्म दे रही है।


शहर में पिछले तीन साल में 18-27 वर्ष के युवाओं की संलिप्तता वाले आपराधिक मामलों में 62 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज हुई है। पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक, युवाओं के बीच उगाही, धमकी, सोशल मीडिया पर हथियारों के साथ वीडियो बनाने की प्रवृत्ति तेजी से बढ़ी है। अंबुज केस से जुड़े गिरोह के गुर्गे भी इसी तरह के बताए जा रहे हैं। जांच अधिकारियों का कहना है कि गिरोह में शामिल कई युवक किसी भी पुराने आपराधिक नेटवर्क का हिस्सा नहीं थे। वे इंटरनेट, रील्स और गैंगस्टर फिल्मों से प्रभावित होकर जुड़े।
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Gorakhpur Ambuj Murder Exposes Gang Culture Influence Of Reels Films On Youth
फरार बिट्टी(एक्स मैन आईडी), गिरफ्तार दोनों हत्यारोपी व मृतक अंबुज की फाइल फोटो - फोटो : स्त्रोत- सोशल मीडिया
विशेषज्ञ बताते हैं कि यह ट्रेंड बहुत खतरनाक है। मनोवैज्ञानिक डॉ गरिमा सिंह बताती हैं कि बेरोजगारी और पहचान की कमी ने युवाओं को शॉर्टकट फेम की तरफ धकेल दिया है। इंस्टाग्राम, यूट्यूब और टिकटॉक जैसी प्लेटफॉर्म पर गैंगस्टर लाइफ स्टाइल के वीडियो उन्हें आकर्षित करते हैं। बाइक-कार का जलवा, हथियारों की फोटो, फिल्मी डायलॉग और रैप म्यूजिक यह सब देखकर युवा इसी अमल ला रहे हैं। उन्हें पता नहीं चलता है कि कब वे अपराध की तरफ कदम बढ़ा देते हैं।
Gorakhpur Ambuj Murder Exposes Gang Culture Influence Of Reels Films On Youth
अंबुज हत्याकांड - फोटो : स्त्रोत- सोशल मीडिया पर पुलिस
लाइक और व्यूज के चक्कर में बर्बाद हो रहे युवा
गोरखपुर विश्वविद्यालय में मनोविज्ञान विभाग के अध्यक्ष प्रो. धनंजय कुमार ने बताया कि कुछ बच्चे ऐसे होते हैं जिनके भीतर बचपन से ही उग्रता होती है। वे हमेशा बदमाशी करते हैं और आगे चलकर खुद को उसी रूप में ढाल लेते हैं। बच्चे अक्सर इसलिए बिगड़ जाते हैं क्योंकि परिवार के लोग उन पर ध्यान नहीं देते और उनकी गलतियों को नजरअंदाज कर देते हैं। सोशल मीडिया के माध्यम से कई लोग अच्छा काम भी कर रहे हैं लेकिन कुछ लोग केवल लाइक और व्यूज के लिए भौकाल जमाने की कोशिश करते हैं। बाद में उन्हें इसी तरह के काम में मजा आने लगता है और आगे चलकर वे कई बार आपराधिक घटनाओं में भी संलिप्त हो जाते हैं।
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अंबुज हत्याकांड - फोटो : स्त्रोत- सोशल मीडिया
मूवी और वेब सीरिज का पड़ रहा प्रभाव
हिंदी विभाग के प्रो. राजेश मल्ल ने बताया कि जल्दी अमीर बनने की चाहत में युवा गलत रास्ते पर जा रहे हैं। जो थोड़े कम पढ़े-लिखे हैं, वही इस मार्ग पर अधिक भटक रहे हैं। आजकल बच्चे दूसरों को देखकर काम कर रहे हैं और इसमें सोशल मीडिया की अहम भूमिका है। मूवी और वेब सीरीज का उन पर गहरा प्रभाव पड़ रहा है। इसके लिए वे स्वयं भी जिम्मेदार हैं। माता-पिता को चाहिए कि वे ध्यान रखें कि उनका बच्चा किन लोगों के साथ घूम रहा है और कहां जा रहा है।
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मृतक अंबुज की फाइल फोटो - फोटो : स्त्रोत- सोशल मीडिया
सोशल मीडिया पर पनप रहे गैंग...घटना के बाद पुलिस को हो रही जानकारी
गोरखपुर जिले में कई गिरोह ऐसे हैं जो सोशल मीडिया पर धीरे-धीरे पनप रहे हैं। अकटहवा गैंगवार में एके-47, रेड गैंग और अब अंबुज हत्याकांड के बाद उसके गिरोह के बारे में पुलिस जानकारी जुटा रही है। हैरानी की बात यह है कि सोशल मीडिया पर सक्रिय इन गिरोह के बारे में पुलिस को भी तब जानकारी हो रही है जब कोई बड़ी घटना हो जा रही है। अकटहवा में लोगों में अब भी गैंगवार की घटना को लेकर दहशत है।
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