गोरखपुर के शाहपुर के घोषीपुरवा निवासी विमला और उनकी मां शांति देवी, दोनों रजत को बेटे जैसा मानती थीं। रात में कई बार तीनों साथ बैठकर शराब पीते थे। इसी नजदीकी का फायदा उठाकर रजत घर के भीतर रखे रुपयों और गहनों पर नजर गड़ाए हुए था।
चोरी की कई कोशिशों में नाकाम रहने के बाद उसने वारदात की रात हर हाल में काम पूरा करने का निश्चय कर लिया था। रजत ने पुलिस को बताया कि वह 23 नवंबर को रात 10 बजे रम की बोतल लेकर विमला के घर पहुंचा। शांति देवी बाहर के कमरे में लेटी थीं और उन्होंने उसे हमेशा की तरह बेटे की तरह बुलाया।
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मां और बहन की हत्या का खुलासा होने पर आरोपी का नाम सुनकर रोती
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
अंदर कमरे में विमला थीं, जिसने रजत की मां को फोन कर पराठे बनवाए। कुछ देर बाद विमला रजत के घर जाकर पराठा लेकर आईं। रजत ने पैग बनाए, लेकिन नशा विमला पर खास असर नहीं कर पाया। यहीं उसकी साजिश फेल होते नजर आई। वह शराब पिलाकर अचेत करना चाहता था।
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शांति और विमला का फाइल फोटो
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
इसके बाद उसने वहीं पड़े हथौड़े को उठाया और विमला के सिर पर कई वार किए। विमला की चीखों के बीच वह तब तक वार करता रहा, जब तक वह शांत नहीं हो गईं। तभी बाहर से शांति देवी की आवाज आई क्या हुआ। रजत के मुताबिक उसे डर था कि पहचान खुल गई तो वह पकड़ा जाएगा। इसलिए उसने शांति देवी के सिर पर भी उसी हथौड़े से हमला कर उनकी हत्या कर दी।
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हत्याकांड का खुलासा करते एसपी सिटी अभिनव त्यागी
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
दोनों को मारने के बाद वह अलमारी से नकदी व जेवर निकाल लिया। विमला के हाथ से ब्रेसलेट और अंगूठी भी उतार कर घर जाकर आराम से सो गया। हैरानी की बात यह है कि वारदात के बाद वह सामान्य बना रहा। दूसरे दिन मजे से घूमता रहा। मां-बेटी के अंतिम संस्कार में भी शामिल हुआ। सबके सामने रोया भी, ताकि किसी को शक न हो। सुशीला जब लखनऊ से आईं, तब भी वह उनके साथ रहा।
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मां-बेटी की हत्या का खुलासा करते एसपी सिटी व गिरफ्तार आरोपी
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
आरोपी के पास से ये हुआ बरामद
16.94 ग्राम की सोने की चेन, करीब 18 ग्राम गला सोना, एक अंगूठी, मोबाइल, 50 हजार रुपये और एक हथौड़ा।