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भोटेकोशी-त्रिशूली बाढ़: अब तक 1457 शव बरामद, शवों की पहचान बनी चुनौती; इन आठ जिलों में मिली सबसे अधिक लाशें

Wed, 07 Oct 2026 10:52 AM IST
अनुराग रंजन संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर Published by: अनुराग रंजन Updated Wed, 07 Oct 2026 10:52 AM IST
सार

राहत और बचाव कार्य में नेपाल पुलिस की कई टीमें लगाई गई हैं। प्रभावित क्षेत्रों में खोज, बचाव, राहत सामग्री वितरण और शवों के प्रबंधन समेत अन्य कार्यों के लिए  7,975 पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया है।

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Bhotekoshi-Trishuli Floods 1457 bodies recovered so far identification poses challenge
भोटेकोशी-त्रिशूली नदी में आई बाढ़ के बाद अब तक खोज अभियान जारी - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी

विस्तार

नेपाल में 26 अगस्त को भोटेकोशी-त्रिशूली नदी तंत्र में आई विनाशकारी बाढ़ के बाद राहत, खोज और शवों की पहचान का काम जारी है। बुधवार सुबह छह बजे तक बाढ़ प्रभावित विभिन्न जिलों में 1,457 शव बरामद किए जा चुके हैं। इनमें रसुवा में 236, नुवाकोट में 205, धाडिंग में 73, चितवन में 369, गोरखा में 80, तनहु में 38, नवलपरासी ईस्ट में 232 और नवलपरासी वेस्ट में 222 शव मिले हैं। इसके अलावा काठमांडू में इलाज के दौरान दो लोगों की मौत हुई। नेपाल पुलिस के अनुसार, शवों की बरामदगी और पहचान का सिलसिला अभी भी जारी है।
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शवों की पहचान बनी चुनौती
बाढ़ के बाद बड़ी संख्या में शवों के क्षत-विक्षत अवस्था में मिलने से उनकी पहचान चुनौती बनी हुई है। नेपाल पुलिस ने पहचान की प्रक्रिया में डीएनए परीक्षण, फिंगरप्रिंट और फोटो मिलान जैसे तरीकों का इस्तेमाल किया है। डीएनए मिलान के लिए मृतकों के शवों से लिए गए नमूनों के साथ उनके परिजनों के नमूने भी लिए जा रहे हैं। अब तक कुल 3,418 डीएनए सैंपल जुटाए गए हैं। इनमें 1,336 नमूने मृतकों के और 2,082 उनके परिजनों के हैं।
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शवों की पहचान की प्रक्रिया पूरी होने के बाद उन्हें सुरक्षित तरीके से जमीन में रखा जा रहा है। अब तक 1,334 शवों को आवश्यक प्रक्रिया पूरी करने के बाद मैनेज किया जा चुका है। वहीं, जिन शवों की अभी पहचान नहीं हो सकी है, उनकी तस्वीर और अन्य विवरण सार्वजनिक किए जा रहे हैं। नेपाल पुलिस की वेबसाइट पर अब तक 1,440 अज्ञात शवों का ब्योरा अपलोड किया जा चुका है, ताकि लापता लोगों के परिजन उनकी पहचान कर सकें।
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दुर्गम भौगोलिक स्थिति के कारण चुनौतीपूर्ण बना खोज अभियान 
बाढ़ के बाद राहत और बचाव कार्य में नेपाल पुलिस की बड़ी संख्या में टीमें लगाई गई हैं। प्रभावित क्षेत्रों में खोज, बचाव, राहत सामग्री वितरण और शवों के प्रबंधन समेत अन्य कार्यों के लिए अब तक 7,975 पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया है। इसके साथ ही अलग-अलग क्षेत्रों में लापता लोगों की तलाश की जा रही है। बुधवार तक 4,720 लोगों की तलाश जारी थी। कई इलाकों में दुर्गम भौगोलिक स्थिति और बाढ़ के बाद मलबे के कारण खोज अभियान चुनौतीपूर्ण बना हुआ है।

बाढ़ से विस्थापित लोगों को अलग-अलग जिलों में बनाए गए होल्डिंग सेंटरों में रखा गया है। बुधवार तक 1,179 लोग विभिन्न होल्डिंग सेंटरों में रह रहे थे। सरकार की ओर से अब राहत और बचाव के साथ पुनर्वास तथा पुनर्निर्माण पर भी ध्यान दिया जा रहा है। नेपाल सरकार के अनुसार, आपदा के बाद 13,795 लोगों को जमीन और हवाई माध्यम से सुरक्षित निकाला गया है।

इन आठ जिलों में मिले सबसे अधिक शव
रसुवा - 236
नुवाकोट - 205
धाडिंग - 73
चितवन - 369
गोरखा - 80
तनहु - 38
नवलपरासी ईस्ट - 232
नवलपरासी वेस्ट - 222
काठमांडू - इलाज के दौरान 2 मौतें

पहचान की प्रक्रिया पर जोर
बाढ़ के बाद बरामद कई शवों की पहचान तत्काल संभव नहीं हो सकी। ऐसे में नेपाल पुलिस ने डीएनए प्रोफाइलिंग को प्रमुख आधार बनाया। मृतकों के हड्डी और दांत से भी डीएनए नमूने लिए जा रहे हैं। इसके अलावा फिंगरप्रिंट और फोटो मिलान की तकनीक का इस्तेमाल किया जा रहा है। नेपाल पुलिस की केंद्रीय फोरेंसिक साइंस प्रयोगशाला और अन्य प्रयोगशालाओं में डीएनए परीक्षण किए जा रहे हैं। पहचान की प्रक्रिया में भारत, चीन, दक्षिण कोरिया और सिंगापुर के विशेषज्ञों से भी सहयोग लिया गया है।


723 अरब नेपाली रुपये का नुकसान
नेपाल सरकार अब आपदा के बाद के अगले चरण में पुनर्वास और पुनर्निर्माण पर भी जोर दे रही है। बाढ़ से सार्वजनिक बुनियादी ढांचे, सड़क, पुल, जलविद्युत परियोजनाओं, खेतों और बस्तियों को भारी नुकसान पहुंचा है। सरकार ने प्रारंभिक नुकसान का आकलन करीब 723 अरब नेपाली रुपये किया है। वहीं, लापता लोगों के परिवारों को राहत और अन्य कानूनी सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए मृत्यु पंजीकरण की प्रक्रिया को आसान बनाने पर भी काम शुरू किया गया है।
 
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