उत्तर प्रदेश के संतकबीर नगर के महुली क्षेत्र के मझगावां गांव में मंगलवार को खेत में गन्ने की सूखी पत्ती जलाते समय आग की लपटों के बीच एक किसान घिर गया। आग की लपट तेज होने के कारण किसान खेत से भागने में असफल रहा और वहीं जिंदा झुलस गया।
गन्ने की पत्ती जलाते समय जिंदा जला किसान, बहू पहुंची खेत तो इस हाल में मिला शव
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ये है पूरा मामला...
मझगावं गांव निवासी 65 वर्षीय राम तिलक पुत्र राम सनेही मंगलवार दोपहर में घर से यह कहकर निकले कि वह कटे हुए गन्ने के खेत की सूखी पत्तियां जलाने जा रहे हैं। खेत में पहुंचकर उन्होंने गन्ने की सूखी पत्तियों में आग लगा दी। थोड़ी देर बाद आग की लपटों ने विकराल रूप ले लिया और पास के दूसरे गन्ने की खेत की ओर बढ़ने लगी। उसी दौरान आग को बुझाने के चक्कर में किसान दूसरे खेत में पहुंच गया, जहां आग की लपटों के बीच घिर कर झुलस गया।
थोड़ी देर बाद किसान की छोटी बहू उन्हें खोजती हुई खेत में पहुंची तो हैरान रह गई। खेत में उसके ससुर का शव पड़ा हुआ था। उसने शोर मचाया तो मौके पर ग्रामीणों की भीड़ इकट्ठा हो गई। सूचना पर पहुंचे हरिहरपुर चौकी इंचार्ज जितेंद्र कुमार सिंह, कांस्टेबल कमलेश यादव,भानू प्रकाश यादव व राजा राम ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। घटना स्थल पर पहुंचे हल्का लेखपाल ने मौके पर जांच पड़ताल की। किसान की मौत से परिवार सदमें में है। मृतक की पत्नी तिलजा देवी, पुत्र सुभाष व रामभजन का रो- रो कर बुरा हाल है।
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मझगावां गांव निवासी किसान राम तिलक की मौत की खबर जैसे ही गांव में पहुंची, वैसे ही लोगों की भीड़ घटना स्थल पर पहुंच गई। मौके पर पहुंची भीड़ में इस बात की चर्चा रही कि कुछ दिन पूर्व मृतक की बड़ी बहू ने किडनी की गंभीर बीमारी के चलते दम तोड़ दिया था। गरीबी और मुफलिसी में जीवन बसर कर रहे किसान के परिवार पर फिर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा।
मृतक के छोटे पुत्र राम भजन की पत्नी ने बताया कि उसके ससुर बिना कुछ खाए खेत में गन्ने की सूखी पत्तियां जलाने के लिए कहकर घर से निकले थे। काफी देर तक जब वापस नहीं आए तो उन्हें ढूंढते हुए खेत में पहुंची, जहां जलकर उनकी मौत हो चुकी थी। मौके पर मौजूद प्रधान पति सुरेंद्र नाथ चौरसिया ने बताया कि मृतक के परिवार के भरण पोषण का जरिया खेती है। परिवार बेहद गरीबी से जूझ रहा है। बड़ा बेटा सुभाष दिल्ली में रहकर मजदूरी करता है। घटना के समय छोटा बेटा राम भजन भी खलीलाबाद में मजदूरी करने गया था। मृतक की पत्नी तिलजा देवी ने रोते हुए बताया कि बिना कुछ खाए घर से निकले थे और आग के आगोश में समां गए।