फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

नेपाल त्रासदी: देवीघाट में 14 मौतें, 200 घर तबाह, मलबे के नीचे रिस रहा खून; जिंदगी की तलाश जारी

Wed, 02 Sep 2026 01:58 PM IST
Rohit Singh नेपाल के देवीघाट से राजन राय की रिपोर्ट
नेपाल के देवीघाट से राजन राय की रिपोर्ट Published by: Rohit Singh Updated Wed, 02 Sep 2026 01:58 PM IST
सार

नेपाल की त्रासदी में मां जालपा देवी का मंदिर सुरक्षित है। यही नहीं मंदिर में लगे घंटे भी मौजूद हैं, बस नदी के पानी के साथ आया मलबा मंदिर के अंदर भर गया है। मंदिर को सुरक्षित देखकर लोग आश्चर्य मान रहे हैं और इसे दैविक चमत्कार से जोड़कर देख रहे हैं।

विज्ञापन
14 dead and 200 homes destroyed in Devighat during the Nepal tragedy; blood seeping from the rubble.
तलाश करते सेना के जवान - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
त्रिशूली और तादी नदी के संगम पर बसा देवीघाट अपनी सांस्कृतिक और धार्मिक विरासत के लिए जाना जाता है। काठमांडो से करीब 70 किलोमीटर दूर यह कस्बा नेपाल का एकीकरकण करने वाले राजा पृथ्वी नारायण शाह से भी जुड़ा है। उनका अंतिम संस्कार इसी घाट पर हुआ था। यहां स्थित प्रसिद्ध जालपा देवी मंदिर भी लोगों की आस्था का बड़ा केंद्र है। त्रासदी में 14 मौतें और तबाह हुए 200 घरों के कारण यहां की तस्वीर बदल चुकी है।
14 dead and 200 homes destroyed in Devighat during the Nepal tragedy; blood seeping from the rubble.
नेपाल में जलप्रलय के बाद धूनी रमाए बैठे संत - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
जहां कभी घर, दुकानें और लोगों की चहल-पहल थी, वहां अब मलबे का ढेर है। मलबे और दलदल में अभी भी लोगों के दबे होने की आशंका है। सेना ने मोर्चा संभालते हुए सर्च अभियान शुरू कर दिया है। भौगोलिक रूप से देवीघाट नुवाकोट जिले के मुख्यालय विदुर के पास स्थित है।
14 dead and 200 homes destroyed in Devighat during the Nepal tragedy; blood seeping from the rubble.
नेपाल में त्रासदी - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
त्रिशूली नदी का पानी कम होने के बाद यहां तबाही की तस्वीरें धीरे-धीरे सामने आने लगी हैं। लोग अपने घरों के मलबे में सामान और अपनों को तलाश रहे हैं। चारों तरफ तबाही के निशान हैं। दर्द इतना गहरा है कि कई लोग खुद को रोक नहीं पा रहे और फफक पड़ते हैं।
 
विज्ञापन
विज्ञापन
14 dead and 200 homes destroyed in Devighat during the Nepal tragedy; blood seeping from the rubble.
नेपाल में जलप्रलय - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
मलबे में जिंदगी की तलाश, सेना ने संभाला मोर्चा
मंगलवार को सेना के जवानों ने करीब एक घंटे तक मलबे से पटे घरों में सर्च अभियान चलाया। नगर पालिका की टीम भी मलबे से जरूरी सामान निकालकर सुरक्षित स्थानों पर पहुंचा रही है। गांव की रूपाली समावेश ने सेना के जवानों को बताया कि उनके पड़ोस में गिरे एक मकान के पास दलदल में खून का रिसाव दिखाई दिया है।
विज्ञापन
14 dead and 200 homes destroyed in Devighat during the Nepal tragedy; blood seeping from the rubble.
नेपाल में जलप्रलय - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
वहां एक जूता भी नजर आया। सूचना मिलते ही सेना ने इलाके को घेर लिया और जेसीबी की मदद से मलबा हटाने के निर्देश दिए। नदी किनारे रहने वाले गणेश अवस्थी ने बताया कि उनके घर के बगल में एक मकान पूरी तरह ढह गया है। उन्हें आशंका है कि उसमें एक व्यक्ति दबा हो सकता है। मलबे के आसपास लोगों की निगाहें लगातार किसी सुराग की तलाश में टिकी हैं।
अगली फोटो गैलरी देखें
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed