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यूपी: खून से लथपथ दुष्कर्म पीड़िता को लेकर दर-दर की ठोकर खाता रहा पिता, छह घंटे बाद मिला इलाज
Sun, 31 Jan 2021 09:10 PM IST
vivek shukla
अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर/कुशीनगर।
अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर/कुशीनगर।
Published by: vivek shukla
Updated Sun, 31 Jan 2021 09:10 PM IST
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बीआरडी मेडिकल कॉलेज।(इनसेट में घटनास्थल पर छानबीन करती पुलिस)
- फोटो : अमर उजाला।
उत्तर प्रदेश के कुशीनगर जिले में दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। सात साल की दुष्कर्म पीड़िता को बीआरडी मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराने के लिए भाजपा विधायक को खुद आना पड़ा, फिर छह घंटे बाद मासूम को आईसीयू में भर्ती करके इलाज शुरू किया। देर शाम, मासूम बिटिया का दो घंटे तक ऑपरेशन चला। ऑपरेशन के बाद आईसीयू और होश आने पर इमरजेंसी वार्ड में शिफ्ट कर दिया गया है। कुशीनगर पुलिस ने इमरजेंसी वार्ड में बिटिया का बयान दर्ज किया है। डॉक्टरों के मुताबिक हालत में सुधार है। यहां आने से पहले भी पीड़िता को लेकर पिता दर-दर की ठोकर खाता रहा, लेकिन किसी ने एक नहीं सुनी गई।
घटनास्थल पर छानबीन करती पुलिस।
- फोटो : अमर उजाला।
जानकारी के मुताबिक, सात साल की मासूम का शुक्रवार की रात उस वक्त अपहरण कर लिया गया था, जब वह रोटी खाती हुई घर से निकली थी। उसे गांव के बाहर एक खेत में लेकर जाकर दुष्कर्म किया। इससे मासूम बेहोश हुई, तो पुआल के नीचे दबा दिया। पीड़ित पिता के मुताबिक जब बच्ची काफी देर घर नहीं आई तो उसकी खोजबीन की गई। गांववालों ने मदद की तो बेटी गांव के बाहर रखे पुआल के एक ढेर में दबाकर रखी मिली। वह बेहोशी में थी। मासूम खून से लथपथ थी। आनन-फानन मासूम को घर ले गए और गर्म पानी पिलाया। इसके बाद मासूम होश में आई, लेकिन दर्द से कराहती रही। रक्तस्राव लगातार हो रहा था, इससे परेशान परिजन मासूम को लेकर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कोटवा गए। वहां डॉक्टरों ने देखा और गंभीर हालत बताते हुए मासूम को जिला अस्पताल कुशीनगर रेफर कर दिया। रात में ही जिला अस्पताल कुशीनगर से बीआरडी मेडिकल कॉलेज गोरखपुर के लिए भेजा गया।
घटनास्थल पर छानबीन करती पुलिस।
- फोटो : अमर उजाला।
पीड़ित पिता के मुताबिक शनिवार को तड़के (सुबह सवा तीन बजे) एंबुलेंस से बीआरडी मेडिकल आ गए। खून से लथपथ बेटी को भर्ती कराने की गुहार लगाई गई, लेकिन मेडिकल कॉलेज अस्पताल के स्टाफ ने पुलिस केस कहकर मामले को टाल दिया। एक वार्ड से दूसरे वार्ड घूमाते रहे, लेकिन भर्ती नहीं किया। निराश परिजनों ने पूरे मामले की जानकारी कुशीनगर के खड्डा से भाजपा विधायक जटाशंकर त्रिपाठी को दी। विधायक सुबह पौने आठ बजे के करीब बीआरडी मेडिकल कॉलेज आ गए। विधायक ने मेडिकल कॉलेज प्रशासन से बात की, फिर सुबह नौ बजे मासूम को भर्ती करके इलाज शुरू किया गया।
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बीआरडी मेडिकल कॉलेज।
- फोटो : अमर उजाला
रात 12.20 बजे विधायक को किया पहला फोन
मासूम के पिता ने बताया कि शुक्रवार देर रात कुशीनगर जिला अस्पताल में इलाज के लिए जब बेटी को लेकर गए तो डॉक्टरों ने बीआरडी मेडिकल कॉलेज गोरखपुर के लिए रेफर कर दिया। इस बीच एक बोर्ड पर खड्डा विधायक जटाशंकर त्रिपाठी का मोबाइल नंबर देखा तो मदद के लिए फोन कर दिया। दो बार फोन करने पर नहीं उठा। पौने एक बजे विधायक ने फोन उठाया और मदद करने का आश्वासन दिया। कुछ देर बाद ही दो पुलिसकर्मी आए और नाम पता नोट करके चले गए। इसके बाद कुछ नहीं हुआ।
मासूम के पिता ने बताया कि शुक्रवार देर रात कुशीनगर जिला अस्पताल में इलाज के लिए जब बेटी को लेकर गए तो डॉक्टरों ने बीआरडी मेडिकल कॉलेज गोरखपुर के लिए रेफर कर दिया। इस बीच एक बोर्ड पर खड्डा विधायक जटाशंकर त्रिपाठी का मोबाइल नंबर देखा तो मदद के लिए फोन कर दिया। दो बार फोन करने पर नहीं उठा। पौने एक बजे विधायक ने फोन उठाया और मदद करने का आश्वासन दिया। कुछ देर बाद ही दो पुलिसकर्मी आए और नाम पता नोट करके चले गए। इसके बाद कुछ नहीं हुआ।
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घटनास्थल पर छानबीन करती पुलिस।
- फोटो : अमर उजाला।
...फिर भी नहीं पसीजा दिल
मासूम के पिता ने बताया कि करीब सवा तीन बजे बीआरडी मेडिकल कॉलेज में बेटी को लेकर पहुंचा तो पुलिस का केस कहकर डॉक्टरों ने इलाज से मना कर दिया। इस बीच मासूम को लेकर गायनी, बच्चों और इमरजेंसी वार्ड में भटकता रहा, लेकिन किसी का दिल नहीं पसीजा।
मासूम के पिता ने बताया कि करीब सवा तीन बजे बीआरडी मेडिकल कॉलेज में बेटी को लेकर पहुंचा तो पुलिस का केस कहकर डॉक्टरों ने इलाज से मना कर दिया। इस बीच मासूम को लेकर गायनी, बच्चों और इमरजेंसी वार्ड में भटकता रहा, लेकिन किसी का दिल नहीं पसीजा।