फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

कोरोना का कहर: गोरखपुर में कोविड वायरस से मिटीं पीढ़ियां, उजड़ गए कई परिवार

Mon, 17 May 2021 10:12 AM IST
vivek shukla शिवम सिंह, गोरखपुर।
शिवम सिंह, गोरखपुर। Published by: vivek shukla Updated Mon, 17 May 2021 10:12 AM IST
सार

ब्रह्मपुर गांव में शशि दुबे के दो बेटे कोरोना से मरे, सदमे में पति ने भी दम तोड़ा, कहीं पति-पत्नी की साथ उठी अर्थी तो कहीं बाप-बेटे, बहू व बहन की मौत हुई

 

विज्ञापन
coronavirus killed many people in Gorakhpur
कोरोना वायरस। - फोटो : istock

कोरोना वायरस ने गोरखपुर जिले के कई परिवारों को बर्बाद कर दिया है। दो पीढ़ियां खत्म हो गई हैं। कहीं बाप-बेटे तो कहीं मां, बेटी व पत्नी की मौत हुई है। ज्यादातर मौतें 20 अप्रैल से 15 मई के बीच हुई हैं। ब्रह्मपुर गांव की शशि दुबे के दो जवान बेटे काल के गाल में समा गए। सदमे में पति ने भी दम तोड़ दिया। इससे पहले बहू की मौत हुई थी। अब परिवार में सिर्फ शशि बची हैं। शशि कहती हैं कि कोरोना ने सब कुछ बर्बाद कर दिया है। अब जीने की इच्छा नहीं बची है। भगवान मुझे भी उठा लें।    


जानकारी के मुताबिक शाहपुर के शताब्दीपुरम कॉलोनी निवासी अजय जायसवाल (37) और पत्नी अंशिका (35) की एक दिन में ही मौत हुई थी। दोनों कोरोना संक्रमित थे। पति-पत्नी की अर्थी एक साथ उठी और अंतिम संस्कार हुआ। डेढ़ साल के मासूम बेटे आनंद ने उन्हें मुखाग्नि दी तो सबकी आंखें नम हो गईं। अब छह साल की बेटी गुनगुन व डेढ़ साल के बेटे आनंद के सिर पर माता-पिता का साया नहीं है। कसिहार क्षेत्र के मझिगावा में पहले दीप नारायण शुक्ला की मौत हुई थी। पांचवें दिन ही पिता गजेंद्र नाथ शुक्ला ने भी दम तोड़ दिया। बड़हलगंज क्षेत्र में बुजुर्ग विजय नारायण (72) व उनकी पत्नी मुराती (70) की अर्थी एक साथ उठी थी। भरोहिया विकास खंड के फरदहनी गांव के राजकुमार वर्मा व उनके बड़े भाई दुर्गेश वर्मा की मौत भी हुई है। भटहट के मुड़िला गांव में अनिरुद्ध श्रीवास्तव व उनके बेटे अनिकेत श्रीवास्तव ने दम तोड़ा है।

 

coronavirus killed many people in Gorakhpur
कोरोना से मौत - फोटो : पीटीआई

कोरोना संक्रमित पादरीबाजार के जंगल सालिकराम की इंद्रावती देवी मौत एक मई को हुई थी। यह सदमा पति व रिटायर ग्राम विकास अधिकारी सुुुभाष पांडेय बर्दाश्त नहीं कर सके। पत्नी की अस्थि विसर्जित करने वाराणसी गए। वहां से लौटे तो तबीयत बिगड़ गई। परिजन अस्पताल ले जाने के प्रयास में थे कि सुभाष ने भी दम तोड़ दिया। इसी तरह पादरीबाजार के मोहनापुर के रामू निषाद (32) की 29 अप्रैल को कोरोना से मौत हो गई थी। उनके साथ ही पूरा परिवार भी कोरोना की चपेट में आ गया था। रामू की मौत के बाद मां परमी देवी (62) अवसाद में चली गईं। गत तीन मई को उन्होंने भी दम तोड़ दिया। आगे की स्लाइड्स में उदाहरण के तौर पर इन केसों को भी पढ़ें...

 

coronavirus killed many people in Gorakhpur
कोरोना वायरस - फोटो : पीटीआई

केस-1: परिवार में चार मौतें, अब एक ही महिला बचीं
ब्रह्मपुर के सर्वेश द्विवेदी (28) की कोरोना से मौत हुई थी। इस सदमे को पिता रामानुज दुबे (65) बर्दाश्त नहीं कर सके और दम तोड़ दिया। सर्वेश के बड़े भाई प्रदीप कुमार द्विवेदी (40) भी कोरोना संक्रमित थे। टीबी अस्पताल में इलाज के दौरान ही प्रदीप मौत हो गई। इससे पहले प्रदीप की पत्नी वंदना दुबे की मौत हुई थी। वंदना के लीवर में कुछ दिक्कत थी।

 

विज्ञापन
विज्ञापन
coronavirus killed many people in Gorakhpur
कोरोना का कहर - फोटो : पीटीआई

केस-2: मां-बाप की मौत, बहन ने भी तोड़ा दम
दुर्गाबाड़ी निवासी व दवा कारोबारी नीरज तिवारी की मां कमला देवी (62) व पिता शिवजी तिवारी (65) व विवाहित बहन आशा पांडेय (45) की कोरोना संक्रमण मौत हो गई। इससे पूरा परिवार बिखर गया। आशा माता-पिता की सेवा करने आई थीं लेकिन कोरोना की चपेट में आ गईं। आशा पांडेय का लच्छीपुर के शास्त्रीनगर में नया घर बना है। 14 मई को गृहप्रवेेश था। अब खुशियां मातम में तब्दील हो गई हैं।
 
केस-3: बाप-बेटे व बहू की मौत से सनसनी
खोराबार इलाके के चंवरी गांव हीरालाल (73), उनके बेटे सुरेश चंद और बहू चंपा देवी पत्नी मनोज की मौत हो चुकी है। पहले पिता की मौत हुई तो संक्रमण की वजह से बेटा उन्हें आखिरी विदाई नहीं दे पाया, दूसरे ही दिन उनकी भी मौत हो गई। इसी बीच बहू ने भी अस्पताल में कोरोना से दम तोड़ दिया। अब भी परिवार के कई लोग संक्रमित हैं। बेटी अनीता, हीरालाल की पत्नी, सुरेश की पत्नी सभी आइसोलेट हैं। परिवार मदद की गुहार भी लगा चुका है।

 

विज्ञापन
coronavirus killed many people in Gorakhpur
कोरोना का कहर - फोटो : पीटीआई

केस-4: पहले बेटे, फिर मां-पिता की मौत
चौरीचौरा तहसील क्षेत्र के ग्राम पंचायत भैसही रामदत्त में बारह दिन के भीतर एक ही परिवार के तीन सदस्यों की मौत हुई है। पहले वरिष्ठ अधिवक्ता संजय कुमार उपाध्याय (50) ने इलाज के दौरान 20 अप्रैल को अस्पताल में दम तोड़ा था। आठवें दिन ही मां संयोगिता देवी (78) का देहांत हो गया। सेवानिवृत शिक्षक व संजय के पिता रघुवंश उपाध्याय (80) ने गत दो मई को दम तोड़ दिया। इससे पूरा परिवार बिखर गया है।

केस-5: पहले बाप, फिर बेटे की मौत
कैंपियरगंज के नवापार गांव में शुक्रवार की रात कपिलदेव मिश्रा (80) की मौत हुई, फिर रात एक बजे बेटे बृजेश मिश्रा (48) ने दम तोड़ दिया। तीन घंटे के अंतराल पर परिवार में दो मौतों से पूरा परिवार टूट गया। दरअसल, बृजेश कोरोना पॉजिटिव थे। इलाज के बाद ठीक हो गए थे लेकिन शुक्रवार रात ऑक्सीजन लेवल अचानक कम हुआ और मौत हो गई। बृजेश इस बार वार्ड नंबर 108 से क्षेत्र पंचायत सदस्य (बीडीसी) का चुनाव भी जीते थे।

 

अगली फोटो गैलरी देखें
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed