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Shabnam Case: क्या पुरुष जल्लाद ही देगा शबनम को फांसी? मानवाधिकार आयोग ने खारिज की यह याचिका

Sat, 22 May 2021 10:58 AM IST
शाहरुख खान अमर उजाला नेटवर्क, रामपुर
अमर उजाला नेटवर्क, रामपुर Published by: शाहरुख खान Updated Sat, 22 May 2021 10:58 AM IST
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amroha shabnam case Human rights commission rejected the application RTI activist raised demand for CBI inquiry
शबनम और सलीम - फोटो : अमर उजाला
रामपुर के चर्चित बावनखेड़ी हत्याकांड की सीबीआई से जांच कराने की मांग राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने खारिज कर दी है। आयोग ने कहा है कि यह मामला उसके अधिकार क्षेत्र से बाहर है। इसमें आरटीआई कार्यकर्ता ने आयोग में अर्जी लगाई थी। इस हत्याकांड में शबनम को फांसी की सजा सुनाई जा चुकी है और फिलहाल वह बरेली की जेल में बंद है। दानिश खां ने 21 फरवरी 2021 को मानवाधिकार आयोग में अपनी अर्जी लगाई थी, जिसे 20 मई को दर्ज किया गया था। दानिश ने मांग की थी कि बावनखेड़ी कांड की सीबीआई से जांच कराई जानी चाहिए। उन्होंने तर्क दिया था कि यूपी पुलिस की जांच के आधार पर शबनम को दोषी ठहराया गया है। उनकी दूसरी मांग थी कि अगर शबनम को फांसी दी जाए तो इसके लिए महिला जल्लाद की व्यवस्था की जाए, क्योंकि देश में पहली बार किसी महिला को फांसी दी जाएगी। ऐसे में किसी पुरुष जल्लाद द्वारा महिला को फांसी देना उचित नहीं है। 

 
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महिला कैदी शबनम - फोटो : Social Media
आयोग ने दानिश की अर्जी को दर्ज तो कर लिया था, लेकिन इसे यह कहते हुए खारिज कर दिया कि यह मामला उसके अधिकार क्षेत्र का नहीं है। 
 
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दोषी शबनम और सलीम - फोटो : अमर उजाला
क्या है बावनखेड़ी कांड
अमरोहा जनपद के बावनखेड़ी गांव में 14 अप्रैल 2008 की रात को शबनम ने प्रेमी सलीम के साथ मिलकर अपने ही परिवार के सात लोगों की कुल्हाड़ी से काटकर हत्या कर दी थी। मृतकों में शबनम के मां-बाप, उसके दो भाई, एक भाभी, एक मौसी की बेटी और शबनम का एक भतीजा यानी एक बच्चा भी शामिल था। 
 
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shabnam case - फोटो : अमर उजाला
शबनम ने इस मामले को घुमाने की कोशिश की थी, लेकिन पुलिस की जांच में सच सामने आ गया। पुलिस ने शबनम और उसके प्रेमी को गिरफ्तार कर लिया था। अमरोहा के जनपद न्यायालय से दोनों को 2010 में फांसी की सजा सुनाई थी। 
 
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shabnam case - फोटो : अमर उजाला
मामला हाईकोर्ट और सुप्रीम तक पहुंचा, जहां दोनों की फांसी की सजा बरकरार रखी गई। 2016 में राष्ट्रपति ने शबनम की दया याचिका खारिज कर दी थी। हालांकि अभी उसका डेथ वारंट जारी नहीं हुआ है। 
 
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