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शिवसेना नेता मर्डर केस: अपना वर्चस्व कामय करना चाहता था भाजपा नेता, पुलिस के सामने खोला बड़ा राज
Sat, 30 May 2020 10:10 AM IST
शाहरुख खान
अमर उजाला नेटवर्क, रामपुर
अमर उजाला नेटवर्क, रामपुर
Published by: शाहरुख खान
Updated Sat, 30 May 2020 10:10 AM IST
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anurag sharma murder case
- फोटो : अमर उजाला।
रामपुर में शिवसेना के पूर्व जिला संयोजक अनुराग शर्मा की हत्या का षड़यंत्र किसी और ने नहीं बल्कि उनके करीबी दोस्त भाजपा के पूर्व जिला मंत्री छत्रपाल यादव ने रची थी। छत्रपाल ने अनुराग को रास्ते से हटाने के लिए दो ऐसे लोगों को चुना था, जो उससे बदला लेना चाहते थे। इन दोनों को छत्रपाल के भाई पवन ने तमंचा और बाइक उपलब्ध कराई थी।
anurag sharma murder case
- फोटो : अमर उजाला।
छात्रपाल की योजना के मुताबिक इन दोनों ने 20 मई की रात अनुराग को आगापुर रोड पर उस वक्त गोली मार दी थी जब वो स्कूटी से अपने घर को लौट रहे थे। पुलिस ने शुक्रवार को छत्रपाल यादव, उसके भाई पवन, बाबू उर्फ हिमांशु और राजकिशोर को गिरफ्तार कर इस हत्याकांड का खुलासा कर दिया है।
भाजपा नेता
- फोटो : अमर उजाला
एसपी शगुन गौतम ने कलक्ट्रेट सभागार में बताया कि छत्रपाल यादव की आर्थिक स्थिति बहुत खराब हो चुकी थी। उसने कुछ साल पहले एक चिटफंड कंपनी भी खोली थी, जिसमें उसको घाटा उठाना पड़ा था। इस मामले में उस पर मुकदमा भी हुआ था। जिन लोगों ने कंपनी में पैसा लगाया था वो अपना पैसा मांग रहे थे।
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anurag sharma murder case
- फोटो : अमर उजाला
अनुराग से उसके दोस्ताना ताल्लुकात थे। अनुराग शर्मा ने उसकी काफी मदद भी थी। अपनी पत्नी के गहने भी उसे दे दिए थे। अनुराग अब अपनी पत्नी के गहने वापस मांग रहा था और अन्य लोग भी उससे अपने पैसे मांग रहे थे। ऐसे में छत्रपाल ने अनुराग को रास्ते हटाकर उसकी कमाई के साथ-साथ इलाके में अपना वर्चस्व कायम करने की योजना बनाई।
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anurag sharma murder case
- फोटो : अमर उजाला
इसके लिए उसने हिमांशु उर्फ बाबू से संपर्क किया जिसके पिता की हत्या का आरोप सुनील पर लगा था। बाद में अनुराग ने इस मामले में दबाव डालकर समझौता करवा दिया था और सुनील को अपने घर पर रख लिया था। इस वजह से हिमांशु अनुराग से रंजिश रखने लगा था। छत्रपाल ने हिमांशु के अलावा नूरमहल आवास विकास कॉलोनी के राजकिशोर से संपर्क किया।