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एक मुस्लिम परिवार के भरोसे चल रही 120 साल पुरानी ये गौशाला

Tue, 06 Oct 2015 01:44 PM IST
Updated Tue, 06 Oct 2015 01:44 PM IST
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एक मुस्लिम परिवार के भरोसे चल रही 120 साल पुरानी ये गौशाला

muslim family of greater noida is taking care of cows for last 40 years
दादरी के बिसाहड़ा गांव में जहां एक ओर गोहत्या को लेकर बवाल मचा हुआ है, वहीं दनकौर कस्बे का रहने वाला एक मुस्लिम परिवार सद्भावना और भाईचारे की मिसाल पेश कर रहा है। ये परिवार पिछले 40 सालों से कस्बे की द्रोण गौशाला में गायों की देखभाल करता आ रहा है। इतना ही नहीं गौशाला के गेट पर तैनात गार्ड भी मुस्लिम समुदाय के हैं। मजे की बात यह है कि गायों का दूध दोहने वाले हबीब को सभी ग्वाला कहकर पुकारते हैं। (सभी फोटोः दीपक शर्मा/अमर उजाला, ग्रेटर नोएडा)

एक मुस्लिम परिवार के भरोसे चल रही 120 साल पुरानी ये गौशाला

muslim family of greater noida is taking care of cows for last 40 years

दनकौर स्थित द्रोण गौशाला करीब 120 वर्ष पुरानी है। इस समय गौशाला में करीब 800 गाय और बछड़े हैं। इनकी देखभाल, चार, साफ-सफाई और गायों को नहलाने का कामकाज एक मुस्लिम परिवार कर रहा है।

एक मुस्लिम परिवार के भरोसे चल रही 120 साल पुरानी ये गौशाला

muslim family of greater noida is taking care of cows for last 40 years

ये हैं दनकौर के गढ़ी मौहल्ला निवासी 55 वर्षीय हबीब, पत्नी रुकसाना, बेटी रुकसार, बरिशा, अमीना और लड़के सलमान और राशिद गायों को नहलाना, चारा खिलाना और गऊशाला की साफ-सफाई करते हैं।

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एक मुस्लिम परिवार के भरोसे चल रही 120 साल पुरानी ये गौशाला

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हबीब 10 साल की उम्र से ही इस गौशाला में काम कर रहे हैं। यहां उन्होंने अपनी आधी से ज्यादा जिंदगी गायों की सेवा में गुजार दी। शादी की और अब बच्चे भी उनके साथ गायों की सेवा में लगे हैं। रुकसाना का कहना है कि पगार कम है। बढ़ाई नहीं जा रही है, लेकिन फिर भी हम गायों की सेवा के बिना अब अपना जीवन नहीं जी सकते।

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muslim family of greater noida is taking care of cows for last 40 years

महीने की 16 हजार रुपये तनख्वाह
रुकसाना ने बताया कि पिछले 40 सालों में गौशाला में रहने वाली गायों से उनका विशेष लगाव हो गया है। गौशाला समिति की ओर से पूरे महीने की 16 हजार रुपये की पगार दी जाती है। इन्हीं गायों का काम करने से मिलने वाली पगार से पूरे घर का पालन-पोषण चलता है।

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