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ये हिन्दोस्तां हमारा: इस्लाम के सीए कपड़ों से सजेगा मां दुर्गा का पंडाल, बोले- रोजा रखता हूं लेकिन धर्म...

Sun, 18 Sep 2022 07:35 PM IST
Vikas Kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: Vikas Kumar Updated Sun, 18 Sep 2022 07:35 PM IST
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Maa Durga pandal in Chittaranjan Park will be decorated with clothes stitched by Islam Ansari
चितरंजन पार्क में दुर्गा पंडाल में काम करते लोग - फोटो : अमर उजाला

दुर्गा महोत्सव की तैयारियां जोरों पर हैं। दक्षिण दिल्ली के चितरंजन पार्क स्थित काली मंदिर में इस बार सांप्रदायिक सौहार्द्र की मिसाल देखने को मिल रही है। महिषासुर मर्दिनी मां दुर्गा की मूर्ति को जहां कोलकाता के मूर्तिकार गोविंद नाथ तैयार कर रहे हैं, वहीं मां के पंडाल को सजाने के लिए 68 साल के इस्लाम अंसारी मंदिर परिसर में लगातार सिलाई मशीन पर कपड़े सी रहे हैं। इस्लाम कहते हैं, वह मुस्लिम धर्म के अनुयायी हैं। रमजान के महीने में रोजा रखते हैं लेकिन उनका धर्म मां दुर्गा महोत्सव में योगदान देने में रोड़ा नहीं बनता। काली मंदिर के प्रांगण में इन दिनों हर कोई व्यस्त है। करीब सौ से अधिक लोग यहां आगामी दुर्गा महोत्सव की तैयारियों में जुटे हैं। 


 

Maa Durga pandal in Chittaranjan Park will be decorated with clothes stitched by Islam Ansari
मूर्तिकार गोविंद नाथ - फोटो : अमर उजाला

मूर्तिकार गोविंद नाथ कहते हैं कि वह और उनके 12 साथी देर रात तक मूर्ति निर्माण का कार्य कर रहे हैं। घास से ढांचा तैयार करने के बाद यमुना तट से लायी गई दो ट्रक मिट्टी से मां दुर्गा की मूर्ति को आकार देकर रंगा जा रहा है। इस पूरी प्रक्रिया में 20 दिन का समय लग रहा है। मंदिर प्रांगण में पंडाल सजाने के लिए अलग से काम चल रहा है। 
 

Maa Durga pandal in Chittaranjan Park will be decorated with clothes stitched by Islam Ansari
संजीत मंडल - फोटो : अमर उजाला

कोलकाता से आए संजीत मंडल 12 साथियों के साथ मां दुर्गा के चेहरे और अन्य सामान तैयार कर रहे हैं। इसके अलावा उनके 70 साथी टेंट आदि के काम में लगे हैं। संजीत कहते हैं कि कोशिश है कि 30 सितंबर तक काम को खत्म कर दें ताकि जल्द से जल्द बंगाल जाकर परिवार संग पूजा में शामिल हो सकें। संजीत की टीम में ही शामिल इस्लाम अंसारी अपने साथी राम के साथ तेजी से सिलाई मशीन पर पैर चलाते हुए कहते हैं कि काम बहुत है और समय कम लेकिन ईश्वर का काम है अपने समय पर पूरा हो ही जाएगा। पूजा की तारीख नजदीक आते ही सभी कारीगरों ने देर रात तक काम करना शुरू कर दिया है।   

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Maa Durga pandal in Chittaranjan Park will be decorated with clothes stitched by Islam Ansari
इस्लाम अंसारी - फोटो : अमर उजाला

अभी पहले जैसी रौनक नहीं
दो साल की खामोशी के बाद इस बार दुर्गा महोत्सव की तैयारियां जोरों पर हैं। पंडाल लगने शुरू हो गए हैं और मूर्ति निर्माण का काम भी अपने अंतिम दौर में चल रहा है। मूर्तिकारों का कहना है कि अभी पहले जैसी रौनक नहीं है। पहले अब तक लगभग सभी मूर्तियों की बुकिंग हो जाती थी लेकिन अभी करीब 20-22 मूर्तियां ही बुक हो पाई हैं। दाम भी 2019 के मुकाबले कम हैं। 

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मूर्तिकार - फोटो : अमर उजाला

सुबीर का परिवार 60 साल से कर रहा मूर्ति निर्माण
सरोजनी नगर के पिलांजी गांव में सुबीर पाल के पिता शंभूनाथ पाल 1960 में दिल्ली आए थे। दिल्ली के सबसे पुराने मूर्तिकारों में शुमार अपने पिता से सुबीर ने मूर्तिकला की बारीकियां सीखीं । 2003 में पिता के निधन के बाद उन्होंने इस काम को अपनाया। अपनी कला के बल पर वह राष्ट्रीय सहित कई पुरस्कार जीत चुके हैं। अभी वह बंगाल से आए 15 कारीगरों के साथ मां दुर्गा की मूर्ति तैयार कर रहे हैं।  

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