हापुड़ में बोरवेल में गिरकर साढ़े पांच घंटे बाद निकलने वाला मुआविया अस्पताल में चिकित्सकों की निगरानी में है। रातभर उसे बुखार रहा, हर चार घंटे के अंतराल पर बच्चे को दवा दी गई। उसकी कोहनी और एड़ी में सूजन के बाद एक्सरे कराया गया। लेकिन स्थिति स्पष्ट नहीं होने पर दोपहर बाद सिर और हाथ, पैर का सीटी स्कैन भी कराया गया। पूरे शरीर में खरोंच आने से बच्चा दर्द से कराहता रहा। बोरवेल में दहशत में करीब छह घंटे बिताने के बाद बच्चा दहशत में रहा और पूरी रात अपनी मां की गोद में गुजारी।
बोरवेल से निकलकर सदमे में रहा मासूम: रात में रहा बुखार, मां की गोद में चिपका रहा मुआविया
फूलगढ़ी निवासी मोहसिन का चार वर्षीय मूकबधिर मुआविया घर के पास ही बंद पड़े नलकूप के खुले बोरवेल में गिर गया था। स्थानीय पुलिस प्रशासन और गाजियाबाद एनडीआरएफ की टीम ने करीब साढ़े पांच घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद उसे बाहर निकाला। जिसके बाद से बच्चा गढ़ रोड स्थित सीएचसी में भर्ती है।
सीएचसी अधीक्षक डॉ.दिनेश खत्री ने बताया कि रात के समय ही बच्चे का एक्सरे कराया गया था, जिसमें सब कुछ ठीक ही मिला। हड्डी रोग विशेषज्ञ ने भी रिपोर्ट का जायजा लिया है। हालांकि उसकी कोहनी में सूजन बनी हुई है, जिसके चलते बच्चे के सिर व हाथ, पैर का सीटी स्कैन भी करा दिया गया है।
दवाओं के बाद से बुखार नहीं आया है, बच्चे की हालत अब सामान्य लग रही है। उन्होंने बताया कि बच्चे की सारी जांच कराने के बाद रिपोर्ट विशेषज्ञ चिकित्सकों को दिखायी जाएगी, इसके बाद ही उसे घर भेजा जाएगा। सीएमओ डॉ.सुनील त्यागी ने भी बच्चे की सेहत का जायजा लिया।
सुधार होने के बाद बच्चे को उसकी गले की परेशानी के लिए ईएनटी को भी दिखाया जाएगा। उसके भाई की भी संभावित जांच कराई जाएंगी। डीएम मेधा रूपम ने भी फोन कर बच्चे के बारे में पूरी जानकारी की।
सीएमओ डॉ. सुनील त्यागी ने बताया कि बच्चे की हालत अब सामान्य है, एक्सरे जांच की रिपोर्ट में भी कोई अंदरूनी चोट नहीं मिली है। बच्चा दूध भी पी रहा है, चिकित्सकों को निगरानी के सख्त आदेश दिए गए हैं।
12 बजे के बाद मां की गोद में आई नींद-
चिकित्सकों की मानें तो हादसे के बाद बच्चा थोड़ी दहशत में रहा। मां समरीन उसे गोद में लेकर बैठी रही। करीब 12 बजे के बाद बच्चे को नींद आई और लगभग पूरी रात वह अपनी मां की गोद में ही रहा।