उम्मीद के विपरीत दिल्ली के पड़ोसी राज्यों में पराली का जलाना खत्म नहीं हुआ है। दिल्ली के प्रमुख प्रदूषण पर्टिकुलेट मैटर 2.5 में पराली की हिस्सेदारी 8 से बढ़कर 10 फीसदी तक पहुंच गई है। जबकि बृहस्पतिवार को पराली जलाए जाने की गतिविधि बिल्कुल न के बराबर थी।
प्रदूषण से दिल्ली की हालत अब भी खराब, अगले 2 दिनों तक मुश्किलें रहेंगी बरकरार
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के मुताबिक शनिवार की शाम चार बजे तक रिकॉर्ड की गई दिल्ली की 24 घंटे की औसत वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) खराब श्रेणी में ही बनी हुई है। बृहस्पतिवार को एक्यूआई जहां 217 पर पहुंच गया था, वहीं शुक्रवार को यह 285 रिकॉर्ड किया गया। शनिवार को एक्यूआई 267 रिकॉर्ड की गई। दिल्ली के भीतर कुल तीन स्थान बहुत खराब व 31 स्थान खराब श्रेणी में रिकॉर्ड किए गए हैं। यूपी में गाजियाबाद, नोएडा, ग्रेटर नोएडा व हरियाणा में फरीदाबाद और गुरुग्राम की हवा गुणवत्ता खराब श्रेणी में ही कायम है।
हवा में सामान्य से दोगुना है पीएम का प्रदूषण
दिल्ली-एनसीआर की हवा में मौजूद पर्टिकुलेट मैटर (पीएम) 2.5 और 10 का स्तर फिर से बढ़त की ओर है। शनिवार रात आठ बजे बेहद महीन प्रदूषण कण पीएम 2.5 का स्तर सामान्य से दोगुना 127 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर रिकॉर्ड किया गया। पीएम 2.5 का सामान्य औसत मानक 60 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर होता है। इसी तरह मोटे प्रदूषण कण पीएम 10 का स्तर भी 242 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर रिकॉर्ड हुआ, जबकि इसका औसत सामान्य मानक 100 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर है।
शहर एक्यूआई स्थिति
17 नवंबर 16 नवंबर 15 नवंबर 14 नवंबर 13 नवंबर 12 नवंबर 11 नवंबर 10 नवंबर
दिल्ली 267 285 217 312 409 399 405 401
फरीदाबाद 273 301 266 339 438 454 461 440
गाजियाबाद 264 279 264 352 438 423 440 403
नोएडा 275 267 229 332 426 401 445 386
ग्रेटर नोएडा 286 285 236 348 411 454 436 420