{"_id":"6ac95c206df9154453051fc5","slug":"crackdown-on-protests-an-impenetrable-chakravyuh-at-jantar-mantar-2026-10-10","type":"story","status":"publish","title_hn":"प्रदर्शन पर पहरा: जंतर-मंतर पर अभेद्य चक्रव्यूह, 37 जगह नाकाबंदी... 15 हिरासत केंद्र; इलाके में तगड़ी घेराबंदी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
प्रदर्शन पर पहरा: जंतर-मंतर पर अभेद्य चक्रव्यूह, 37 जगह नाकाबंदी... 15 हिरासत केंद्र; इलाके में तगड़ी घेराबंदी
Sat, 10 Oct 2026 02:57 AM IST
दुष्यंत शर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Sat, 10 Oct 2026 02:57 AM IST
सार
प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए सुरक्षा का चक्रव्यूह तैयार किया गया है। तकरीबन पांच किमी के दायरे में किलेबंदी की गई है।
विज्ञापन
demo
- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
विस्तार
जंतर-मंतर पर आज (शनिवार) होने वाले सीजेपी के धरना-प्रदर्शन से पहले दिल्ली पुलिस ने सुरक्षा बढ़ा दी है। प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए सुरक्षा का चक्रव्यूह तैयार किया गया है। तकरीबन पांच किमी के दायरे में किलेबंदी की गई है।
जानकारी के मुताबिक, 37 जगहों पर नाकाबंदी की गई है। 15 हिरासत केंद्र बनाए गए हैं। लगभग 45 हजार सुरक्षाकर्मियों की तैनाती की गई। इसमें दिल्ली पुलिस के अलावा अर्धसैनिक बलों के जवानों शामिल हैं। जंतर-मंतर और संसद मार्ग की तरफ जाने वाले रास्ते को छावनी में तब्दील किया गया है। लुटियंस दिल्ली के चप्पे-चप्पे पर बैरिकेड लगाकर रास्तों को बंद कर दिया गया है।
जानकारी के मुताबिक, केंद्र की ओर से 221 कंपनियां मुहैया कराई गई हैं। इनकी तैनाती 8 से 12 अक्टूबर तक सुरक्षा व्यवस्था संभालने के लिए की गई है। इनमें करीब 23 हजार जवान होने की बात कही गई है। महिला सुरक्षाकर्मियों की अतिरिक्त तैनाती की बात सामने आई है। जंतर मंतर के आसपास शनिवार को संभावित विरोध-प्रदर्शन की वजह से कनॉट प्लेस (सीपी) में दुकानें, कार्यालय और रेस्तरां बंद रहेंगे। कारोबारियों ने बताया कि सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए यह कदम एहतियात के तौर पर उठाया है।
विज्ञापन
इसलिए नहीं मिली प्रदर्शन की इजाजत
सीजेपी ने दिल्ली पुलिस से 10 अक्तूबर को सुबह दस बजे से दिन खत्म होने तक जंतर-मंतर पर प्रदर्शन करने की इजाजत मांगी थी। हालांकि दिल्ली पुलिस ने इसे अस्वीकार कर दिया था। केंद्रीय गृह मंत्रालय के सूत्रों के मुताबिक, जंतर-मंतर पर कार्यक्रम की अनुमति मांगने वाला विधिवत आवेदन नहीं माना जा सकता है। यह सूचना बहुत कम समय पहले मिली है, जबकि मौजूदा दिशानिर्देशों के अनुसार जंतर-मंतर पर कार्यक्रम के लिए आवेदन कम से कम 10 दिन पहले दिया जाना चाहिए।
अधिकारी मानते हैं कि विरोध करने का मौलिक अधिकार है, लेकिन अनुमति इस पर निर्भर करती है कि अन्य नागरिकों और उस इलाके के निवासियों के मौलिक अधिकारों का भी ध्यान रखा जाए। डिप्टी कमिश्नर ऑफ पुलिस ने लिखा, पिछले अनुभवों से पता चलता है कि आम नागरिकों को विरोध-प्रदर्शन, ट्रैफिक जाम और अपनी जान-माल की सुरक्षा को लेकर चिंताओं जैसी कई परेशानियों का सामना करना पड़ता है।
पुलिस ने शुरू की धरपकड़, हर थाना क्षेत्र में डिटेंशन सेंटर
नई दिल्ली। सीजेपी के शनिवार को प्रस्तावित प्रदर्शन को देखते हुए दिल्ली पुलिस ने शुक्रवार देर शाम से ही धरपकड़ शुरू कर दी। पुलिस ने प्रदर्शन में जाने के लिए लोगों को उकसाने या भ्रम फैलाने वाले नेताओं व लोगों को उनके घर में नजरबंद करना या फिर हिरासत में लेना शुरू कर दिया।
दिल्ली पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि हर पुलिस स्टेशन क्षेत्र में एक डिटेंशन सेंटर बनाया गया है। प्रदर्शन से पहले ही दिल्ली पुलिस की ओर से एहतियातन गिरफ्तारियां और धरपकड़ शुरू हो गई है। पुलिस सभी बॉर्डर पर ड्रोन कैमरों से भी निगरानी रखेगी। दिल्ली पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों का मानना है कि जुलाई में हुए सीजेपी के आंदोलन के दौरान दो गंभीर चूक हुई थीं, जिनसे सबक लेते हुए दिल्ली पुलिस ने 10 अक्तूबर को जंतर-मंतर पर होने वाले विरोध प्रदर्शन के लिए एक विफलता-रोधी योजना तैयार की है। इसी के तहत, प्रदर्शनकारियों को उनके जिलों तक सीमित रखने की योजना बनाई है।
प्रदर्शन की अनुमति से जुड़ी याचिका पर तत्काल सुनवाई से किया इन्कार
दिल्ली हाईकोर्ट ने शुक्रवार को इंडियन यूथ कांग्रेस (आईवाईसी) की उस याचिका पर तत्काल सुनवाई से इन्कार कर दिया, जिसमें दिल्ली पुलिस की ओर से मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ जंतर मंतर पर प्रदर्शन की अनुमति न देने के फैसले को चुनौती दी गई है।
एक्टिंग चीफ जस्टिस नितिन सांब्रे की पीठ के समक्ष सीनियर एडवोकेट संजय घोष ने याचिका का उल्लेख किया। न्यायमूर्ति ने कहा, क्या तात्कालिकता है? हम इसे सोमवार को सुनेंगे। याचिका आईवाईसी के राष्ट्रीय अध्यक्ष उदय भानु चिब की ओर से दायर की गई है। इसमें दिल्ली पुलिस के 1 अक्टूबर के आदेश को चुनौती दी गई है, जिसमें प्रदर्शन की अनुमति अस्वीकार कर दी गई थी। याचिका के अनुसार, आईवाईसी ने 25 सितंबर को लगभग 100 से 150 लोगों के शांतिपूर्ण प्रदर्शन के लिए अनुमति मांगी थी।
स्कूल ऑनलाइन, कॉलेजों की परीक्षाएं टलीं
जंतर-मंतर पर प्रस्तावित प्रदर्शन के कारण कड़ी सुरक्षा और मेट्रो प्रतिबंधों से स्कूल-कॉलेज प्रभावित हुए हैं। सरदार पटेल विद्यालय ने कक्षा 6 से 12 तक के लिए शनिवार को ऑनलाइन कक्षाएं संचालित करने की घोषणा की है। रघुबीर सिंह जूनियर मॉडर्न स्कूल ने शनिवार को प्रस्तावित अभिभावक-शिक्षक बैठक को नए शेड्यूल पर करने का निर्णय लिया है। भारतीय विद्या भवन के मेहता विद्यालय ने भी शनिवार का खेल दिवस अभ्यास और संवर्धन कक्षा रद कर दी। भारती विद्यापीठ कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग (पश्चिम विहार) ने शनिवार की मध्यावधि परीक्षाएं स्थगित कर दी हैं। रोहिणी स्थित महाराजा अग्रसेन इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी ने भी शनिवार की मध्यावधि परीक्षाएं स्थगित करने का फैसला किया है। संवाद
170 पैसेंजर ट्रेनें रद्द, 9 का संचालन गाजियाबाद तक सीमित
प्रदर्शन को देखते हुए उत्तर रेलवे ने रेल परिचालन में बदलाव किया है। इसके तहत 10 अक्टूबर को 170 पैसेंजर समेत 250 ट्रेनों को रद्द कर दिया गया है, जबकि 9 ट्रेनों को आंशिक रूप से संचालित किया जाएगा। इन ट्रेनों को दिल्ली के बजाय गाजियाबाद से ही शुरू किया जाएगा या गाजियाबाद तक ही चलाया जाएगा।
उत्तर रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी हिमांशु शेखर उपाध्याय की ओर से 9 अक्टूबर को जारी बुलेटिन के अनुसार, इस फैसले का असर दिल्ली, नई दिल्ली, गाजियाबाद, पलवल, पानीपत, रोहतक, रेवाड़ी, शामली, सहारनपुर, अलीगढ़, कुरुक्षेत्र, मथुरा और अन्य रूटों पर चलने वाली यात्री ट्रेनों पर पड़ेगा।
रद्द की गई ट्रेनों में गाजियाबाद-दिल्ली, दिल्ली-पानीपत, दिल्ली-सहारनपुर, दिल्ली-रेवाड़ी, दिल्ली-रोहतक, दिल्ली-जिंद, दिल्ली-अलीगढ़ और दिल्ली-शामली रूट की कई ट्रेनें शामिल हैं। इसके अलावा पलवल-नई दिल्ली, नई दिल्ली-गाजियाबाद, दिल्ली-मुरादाबाद और हरिद्वार-दिल्ली रूट पर चलने वाली कई यात्री ट्रेनें भी प्रभावित रहेंगी।
उत्तर रेलवे ने 9 ट्रेनों को पूरी तरह रद्द करने के बजाय आंशिक रूप से चलाने का निर्णय लिया है। इनमें दिल्ली-अलीगढ़, नई दिल्ली-अलीगढ़, दिल्ली-खुर्जा और दिल्ली-दनकौर रूट की ट्रेनें शामिल हैं। इन ट्रेनों का प्रारंभिक स्टेशन या अंतिम स्टेशन गाजियाबाद रहेगा। इससे यात्रियों को दिल्ली और गाजियाबाद के बीच यात्रा के लिए वैकल्पिक साधनों का सहारा लेना पड़ सकता है।
रेलवे ने यात्रियों को सलाह दी है कि वे घर से निकलने से पहले अपनी ट्रेन की स्थिति की जानकारी जरूर प्राप्त कर लें। ट्रेन से संबंधित नवीनतम जानकारी के लिए यात्री रेलवे के नेशनल ट्रेन इन्क्वायरी सिस्टम पर जा सकते हैं या रेलवे हेल्पलाइन नंबर 139 पर संपर्क कर सकते हैं।
मध्य प्रदेश, राजस्थान और पंजाब की ट्रेनें भी रद्द
मध्य प्रदेश और पश्चिम भारत की ओर से आने वाली 20155 डॉ. आंबेडकर नगर-नई दिल्ली, 09309 इंदौर-हजरत निजामुद्दीन, 12415 इंदौर-नई दिल्ली, 12247 बांद्रा टर्मिनस-हजरत निजामुद्दीन और 12957 साबरमती-नई दिल्ली ट्रेनें भी रद्द की गई हैं। जबलपुर से हजरत निजामुद्दीन आने वाली 22181, 12189 और 12121 ट्रेनें भी निरस्त की गई हैं।
वहीं राजस्थान और हरियाणा की ओर से आने-जाने वाली 12964 उदयपुर सिटी-हजरत निजामुद्दीन, 15308 सिरसा-तिलक ब्रिज, 14727 श्रीगंगानगर-तिलक ब्रिज, 14738 तिलक ब्रिज-भिवानी, 14737 भिवानी-तिलक ब्रिज और 14728 तिलक ब्रिज-श्रीगंगानगर जैसी सेवाएं भी प्रभावित हैं। 12951 मुंबई सेंट्रल-नई दिल्ली तेजस राजधानी एक्सप्रेस और 12953 मुंबई सेंट्रल-हजरत निजामुद्दीन अगस्त क्रांति राजधानी एक्सप्रेस को पांच घंटे पुनर्निर्धारित किया गया है।
विज्ञापन
जानकारी के मुताबिक, 37 जगहों पर नाकाबंदी की गई है। 15 हिरासत केंद्र बनाए गए हैं। लगभग 45 हजार सुरक्षाकर्मियों की तैनाती की गई। इसमें दिल्ली पुलिस के अलावा अर्धसैनिक बलों के जवानों शामिल हैं। जंतर-मंतर और संसद मार्ग की तरफ जाने वाले रास्ते को छावनी में तब्दील किया गया है। लुटियंस दिल्ली के चप्पे-चप्पे पर बैरिकेड लगाकर रास्तों को बंद कर दिया गया है।
विज्ञापन
जानकारी के मुताबिक, केंद्र की ओर से 221 कंपनियां मुहैया कराई गई हैं। इनकी तैनाती 8 से 12 अक्टूबर तक सुरक्षा व्यवस्था संभालने के लिए की गई है। इनमें करीब 23 हजार जवान होने की बात कही गई है। महिला सुरक्षाकर्मियों की अतिरिक्त तैनाती की बात सामने आई है। जंतर मंतर के आसपास शनिवार को संभावित विरोध-प्रदर्शन की वजह से कनॉट प्लेस (सीपी) में दुकानें, कार्यालय और रेस्तरां बंद रहेंगे। कारोबारियों ने बताया कि सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए यह कदम एहतियात के तौर पर उठाया है।
विज्ञापन
इसलिए नहीं मिली प्रदर्शन की इजाजत
सीजेपी ने दिल्ली पुलिस से 10 अक्तूबर को सुबह दस बजे से दिन खत्म होने तक जंतर-मंतर पर प्रदर्शन करने की इजाजत मांगी थी। हालांकि दिल्ली पुलिस ने इसे अस्वीकार कर दिया था। केंद्रीय गृह मंत्रालय के सूत्रों के मुताबिक, जंतर-मंतर पर कार्यक्रम की अनुमति मांगने वाला विधिवत आवेदन नहीं माना जा सकता है। यह सूचना बहुत कम समय पहले मिली है, जबकि मौजूदा दिशानिर्देशों के अनुसार जंतर-मंतर पर कार्यक्रम के लिए आवेदन कम से कम 10 दिन पहले दिया जाना चाहिए।
अधिकारी मानते हैं कि विरोध करने का मौलिक अधिकार है, लेकिन अनुमति इस पर निर्भर करती है कि अन्य नागरिकों और उस इलाके के निवासियों के मौलिक अधिकारों का भी ध्यान रखा जाए। डिप्टी कमिश्नर ऑफ पुलिस ने लिखा, पिछले अनुभवों से पता चलता है कि आम नागरिकों को विरोध-प्रदर्शन, ट्रैफिक जाम और अपनी जान-माल की सुरक्षा को लेकर चिंताओं जैसी कई परेशानियों का सामना करना पड़ता है।
पुलिस ने शुरू की धरपकड़, हर थाना क्षेत्र में डिटेंशन सेंटर
नई दिल्ली। सीजेपी के शनिवार को प्रस्तावित प्रदर्शन को देखते हुए दिल्ली पुलिस ने शुक्रवार देर शाम से ही धरपकड़ शुरू कर दी। पुलिस ने प्रदर्शन में जाने के लिए लोगों को उकसाने या भ्रम फैलाने वाले नेताओं व लोगों को उनके घर में नजरबंद करना या फिर हिरासत में लेना शुरू कर दिया।
दिल्ली पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि हर पुलिस स्टेशन क्षेत्र में एक डिटेंशन सेंटर बनाया गया है। प्रदर्शन से पहले ही दिल्ली पुलिस की ओर से एहतियातन गिरफ्तारियां और धरपकड़ शुरू हो गई है। पुलिस सभी बॉर्डर पर ड्रोन कैमरों से भी निगरानी रखेगी। दिल्ली पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों का मानना है कि जुलाई में हुए सीजेपी के आंदोलन के दौरान दो गंभीर चूक हुई थीं, जिनसे सबक लेते हुए दिल्ली पुलिस ने 10 अक्तूबर को जंतर-मंतर पर होने वाले विरोध प्रदर्शन के लिए एक विफलता-रोधी योजना तैयार की है। इसी के तहत, प्रदर्शनकारियों को उनके जिलों तक सीमित रखने की योजना बनाई है।
प्रदर्शन की अनुमति से जुड़ी याचिका पर तत्काल सुनवाई से किया इन्कार
दिल्ली हाईकोर्ट ने शुक्रवार को इंडियन यूथ कांग्रेस (आईवाईसी) की उस याचिका पर तत्काल सुनवाई से इन्कार कर दिया, जिसमें दिल्ली पुलिस की ओर से मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ जंतर मंतर पर प्रदर्शन की अनुमति न देने के फैसले को चुनौती दी गई है।
एक्टिंग चीफ जस्टिस नितिन सांब्रे की पीठ के समक्ष सीनियर एडवोकेट संजय घोष ने याचिका का उल्लेख किया। न्यायमूर्ति ने कहा, क्या तात्कालिकता है? हम इसे सोमवार को सुनेंगे। याचिका आईवाईसी के राष्ट्रीय अध्यक्ष उदय भानु चिब की ओर से दायर की गई है। इसमें दिल्ली पुलिस के 1 अक्टूबर के आदेश को चुनौती दी गई है, जिसमें प्रदर्शन की अनुमति अस्वीकार कर दी गई थी। याचिका के अनुसार, आईवाईसी ने 25 सितंबर को लगभग 100 से 150 लोगों के शांतिपूर्ण प्रदर्शन के लिए अनुमति मांगी थी।
स्कूल ऑनलाइन, कॉलेजों की परीक्षाएं टलीं
जंतर-मंतर पर प्रस्तावित प्रदर्शन के कारण कड़ी सुरक्षा और मेट्रो प्रतिबंधों से स्कूल-कॉलेज प्रभावित हुए हैं। सरदार पटेल विद्यालय ने कक्षा 6 से 12 तक के लिए शनिवार को ऑनलाइन कक्षाएं संचालित करने की घोषणा की है। रघुबीर सिंह जूनियर मॉडर्न स्कूल ने शनिवार को प्रस्तावित अभिभावक-शिक्षक बैठक को नए शेड्यूल पर करने का निर्णय लिया है। भारतीय विद्या भवन के मेहता विद्यालय ने भी शनिवार का खेल दिवस अभ्यास और संवर्धन कक्षा रद कर दी। भारती विद्यापीठ कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग (पश्चिम विहार) ने शनिवार की मध्यावधि परीक्षाएं स्थगित कर दी हैं। रोहिणी स्थित महाराजा अग्रसेन इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी ने भी शनिवार की मध्यावधि परीक्षाएं स्थगित करने का फैसला किया है। संवाद
170 पैसेंजर ट्रेनें रद्द, 9 का संचालन गाजियाबाद तक सीमित
प्रदर्शन को देखते हुए उत्तर रेलवे ने रेल परिचालन में बदलाव किया है। इसके तहत 10 अक्टूबर को 170 पैसेंजर समेत 250 ट्रेनों को रद्द कर दिया गया है, जबकि 9 ट्रेनों को आंशिक रूप से संचालित किया जाएगा। इन ट्रेनों को दिल्ली के बजाय गाजियाबाद से ही शुरू किया जाएगा या गाजियाबाद तक ही चलाया जाएगा।
उत्तर रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी हिमांशु शेखर उपाध्याय की ओर से 9 अक्टूबर को जारी बुलेटिन के अनुसार, इस फैसले का असर दिल्ली, नई दिल्ली, गाजियाबाद, पलवल, पानीपत, रोहतक, रेवाड़ी, शामली, सहारनपुर, अलीगढ़, कुरुक्षेत्र, मथुरा और अन्य रूटों पर चलने वाली यात्री ट्रेनों पर पड़ेगा।
रद्द की गई ट्रेनों में गाजियाबाद-दिल्ली, दिल्ली-पानीपत, दिल्ली-सहारनपुर, दिल्ली-रेवाड़ी, दिल्ली-रोहतक, दिल्ली-जिंद, दिल्ली-अलीगढ़ और दिल्ली-शामली रूट की कई ट्रेनें शामिल हैं। इसके अलावा पलवल-नई दिल्ली, नई दिल्ली-गाजियाबाद, दिल्ली-मुरादाबाद और हरिद्वार-दिल्ली रूट पर चलने वाली कई यात्री ट्रेनें भी प्रभावित रहेंगी।
उत्तर रेलवे ने 9 ट्रेनों को पूरी तरह रद्द करने के बजाय आंशिक रूप से चलाने का निर्णय लिया है। इनमें दिल्ली-अलीगढ़, नई दिल्ली-अलीगढ़, दिल्ली-खुर्जा और दिल्ली-दनकौर रूट की ट्रेनें शामिल हैं। इन ट्रेनों का प्रारंभिक स्टेशन या अंतिम स्टेशन गाजियाबाद रहेगा। इससे यात्रियों को दिल्ली और गाजियाबाद के बीच यात्रा के लिए वैकल्पिक साधनों का सहारा लेना पड़ सकता है।
रेलवे ने यात्रियों को सलाह दी है कि वे घर से निकलने से पहले अपनी ट्रेन की स्थिति की जानकारी जरूर प्राप्त कर लें। ट्रेन से संबंधित नवीनतम जानकारी के लिए यात्री रेलवे के नेशनल ट्रेन इन्क्वायरी सिस्टम पर जा सकते हैं या रेलवे हेल्पलाइन नंबर 139 पर संपर्क कर सकते हैं।
मध्य प्रदेश, राजस्थान और पंजाब की ट्रेनें भी रद्द
मध्य प्रदेश और पश्चिम भारत की ओर से आने वाली 20155 डॉ. आंबेडकर नगर-नई दिल्ली, 09309 इंदौर-हजरत निजामुद्दीन, 12415 इंदौर-नई दिल्ली, 12247 बांद्रा टर्मिनस-हजरत निजामुद्दीन और 12957 साबरमती-नई दिल्ली ट्रेनें भी रद्द की गई हैं। जबलपुर से हजरत निजामुद्दीन आने वाली 22181, 12189 और 12121 ट्रेनें भी निरस्त की गई हैं।
वहीं राजस्थान और हरियाणा की ओर से आने-जाने वाली 12964 उदयपुर सिटी-हजरत निजामुद्दीन, 15308 सिरसा-तिलक ब्रिज, 14727 श्रीगंगानगर-तिलक ब्रिज, 14738 तिलक ब्रिज-भिवानी, 14737 भिवानी-तिलक ब्रिज और 14728 तिलक ब्रिज-श्रीगंगानगर जैसी सेवाएं भी प्रभावित हैं। 12951 मुंबई सेंट्रल-नई दिल्ली तेजस राजधानी एक्सप्रेस और 12953 मुंबई सेंट्रल-हजरत निजामुद्दीन अगस्त क्रांति राजधानी एक्सप्रेस को पांच घंटे पुनर्निर्धारित किया गया है।