राष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ी रिजवान की मौत पुलिस व परिवार के लिए कई सवाल छोड़ गई है। अभी यह पूरी तरह से साफ नहीं हो पाया है कि रिजवान ने खुद ही गोली मारी या किसी ने उसकी हत्या कर दी।
राष्ट्रीय हॉकी खिलाड़ी की मौत ने छोड़े कई सवाल, ऐसा होता तो शायद बच जाती रिजवान की जान
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पुलिस सूत्रों की मानें तो रिजवान की कार का लॉक खुला था। ऐसे में किसी बाहरी द्वारा गोली मारने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। हालांकि शुरुआती जांच के बाद पुलिस रिजवान की मौत को आत्महत्या बता रही है। लेकिन उसका परिवार कई सारे सवाल खड़े कर युवती के परिवार पर हत्या करने का आरोप लगा रहा है। परिवार के एक करीबी ने बताया कि रिजवान बहुत कम उम्र से हॉकी खेलता था। एक प्रतियोगिता के दौरान करीब चार साल पूर्व रिजवान की पूर्वोत्तर की रहने वाली युवती से मुलाकात हुई थी।
युवती भी हॉकी खिलाड़ी थी। दोनों की दोस्ती हो गई। अक्सर दोनों फोन पर बात करते थे। युवती का परिवार सरोजनी नगर के सरकारी क्वार्टर में रहता है। रिजवान की कार युवती के घर से चंद कदमों की दूरी पर खड़ी मिली। ऐसे में सवाल उठता है कि रिजवान ने अगर खुदकुशी भी की तो युवती के परिवार ने रात के समय ही रिजवान के परिवार को सूचित क्यों नही किया। वही रिजवान का मोबाइल व बैग जिसमें दो लाख रुपये थे उनके घर कैसे पहुंचा।
तो क्या बच जाती रिजवान की जान...युवती का परिवार कुछ भी सही से बताने के लिए तैयार नहीं है। रिजवान के बड़े भाई रियाजुद्दीन ने बताया कि यदि युवती का परिवार सोमवार को ही सब कुछ सही बता देता तो शायद उसके भाई की जान बच सकती थी। कई बार उसने भाई के नंबर पर कॉल किया। युवती ने काफी देर बाद फोन उठाया भी, लेकिन सही जवाब नहीं दिया। उसके पिता ने बात को उन्होंने न तो रिजवान का पता बताया और न ही अपने घर का पता। सिर्फ सुबह आने के लिए कहा।
हत्या कर कार में रखा शव : परिजन रिजवान के परिजनों का आरोप है कि उसकी हत्या कार में नहीं की गई, बल्कि उसकी हत्या कहीं और करने के बाद शव कार में रखा गया। इसलिए कार का लॉक खुला हुआ था। वहीं कार के भीतर खून के छींटे भी नही थे। जबकि पुलिस अधिकारियों का कहना है कि देर रात रिजवान ने खुद को गोली मारी, कार में खून के छींटे मिले हैं।