यूपी के गाजियाबाद की महिला ने जिस बाबा आशु गुरुदेव के खिलाफ दुष्कर्म का मामला दर्ज कराया है उसका असली नाम आसिफ खान भाई है। पहले आशु भाई के नाम से ज्योतिष का काम करता था और जेजे कालोनी में रहता था। उसका प्रीतमपुरा के तरुण एंक्लेव में मकान और रोहिणी सेक्टर-सात में आश्रम है। बाबा आस्था के नाम पर लोगों को को उल्लु बनाकर अपनी तिजोरियां भरता था, लेकिन उसके ही एक नौकर ने उसकी तिजोरी में सेंध लगा दी थी।
दुष्कर्म के आरोपी बाबा आशु गुरुदेव के बारे में सामने आई ये बड़ी बात, नौकर ने लगाया था ऐसे चूना
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1990 के दशक तक वजीरपुर जेजे कॉलोनी में रहने वाला आसिफ खान उर्फ आशु अब करोड़ों का मालिक है। सराय रोहिल्ला थाने के पदम नगर इलाके से इसने अपना धंधा शुरू किया था। बाबा महंगी कारों का भी शौकीन है। वह भक्तों से पांच सितारा होटलों में मुलाकात कर करता था और पांच हजार रुपये लेता था। बाबा चमत्कार के नाम पर पिछले वर्ष रिटायर हो चुके आईपीएस को गंगा में खड़ा कर चुका है। आशु सुबह चार से आठ बजे तक अपने भक्तों से मिलता था और मोटी रकम वसूल करता था।
लोगों का भविष्य बताने वाले इस तथाकथित बाबा को उसी का नौकर 50 लाख रुपए का चूना लगाकर फरार हो गया था। दिल्ली पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि, मोटी रकम कमाने वाले इस बाबा के रोहिणी स्थित कार्यालय में छह फरवरी, 2011 को 50 लाख रुपये की चोरी हुई थी। शिकायत मिलने पर रोहिणी उत्तरी थाना पुलिस ने मामला दर्ज किया था। इसके आरोपी दो नेपाली केयरटेकरों लक्ष्मण व हंसराज को भारत-नेपाल सीमा पर गौरीफैंटा बॉर्डर से पकड़ा गया था। दोनों के पास से 42 लाख रुपये बरामद किए गए थे।
1990 में वजीरपुर के जेजे कॉलोनी में एक साइकल रिपेयरिंग की दुकान से जब आशु भाई की दाल-रोटी नहीं चल पा रही थी, तब उसने अमीर बनने का ताना-बाना बुनना शुरू कर दिया और ज्योतिष विद्या सीखकर लोगों की जन्म कुंडली और हाथों की रेखा देखकर भविष्य बताने लगा। 1997 में जब सराय रोहिल्ला के पदम नगर में अपना ऑफिस खोला तो यहां उसे मोटी कमाई होने लगी और वह लाखों में खेलने लगा। यहीं पर उसका खुद का नौकर 50 लाख रुपए लेकर चंपत हो गया।
दूसरों का भविष्य बताने वाल खुद अपना भविष्य नहीं जान पाया पाखंडी बाबा
खुद को भारत का बड़ा ज्योतिष बताने वाले आशु भाई गुरुजी महाराज को खुद ही पता नहीं था कि आखिर उसका भविष्य सलाखों के पीछे है। ठीक उसी तर्ज पर जैसे आसाराम बापू, नारायण सांईं, बाबा रामरहीम, दाती महाराज, बाबा रामदास, वीरेन्द्र देव दीक्षित, इच्छाधारी बाबा भीमानंद, स्वामी अमृत चैतन्य और बिशप फ्रेंको मुल्लकन बलात्कार व यौन शोषण के आरोपों में गिरफ्तार होकर जेल की चारदीवारी में कैद हैं।