पकड़े जाने के बाद भी हनीप्रीत पुलिस के सिरदर्द बन गई है, क्योंकि वह कई सवालों के जवाब नहीं दे रही है। वहीं इस बीच हनीप्रीत का एक नया सच सामने आया है, जानिए।
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राम रहीम की 'लाड़ली' हनीप्रीत
6 दिन के रिमांड के दौरान हनीप्रीत से पुलिस ने कई सवाल पूछे, लेकिन 30 सवाल ऐसे हैं जिनके जवाब वह नहीं दे रही है। सुखदीप कौर से भी सवाल पूछे गए, उसने जवाब भी दिए। वहीं यह भी पता चला कि हनीप्रीत ने 38 दिनों में 17 सिम यूज किए, लेकिन वह इन्हें यूज करने के बाद फेंक देती थी। इस बात को लेकर पुलिस हनीप्रीत का मुंह नहीं खुलवा पाई है।
पुलिस यह तक नहीं जान पाई है कि 38 दिन तक आखिर हनीप्रीत चकमा कैसे देती रही। किसने पनाह दी, कौन मददगार है। चार अक्तूबर को पूछताछ में हनीप्रीत से इंटरनेशनल कॉल और कुछ व्हाट्सएप कॉलिंग के क्लू पुलिस को मिले भी थे। लेकिन अब तक ये पता नहीं लग पाया है कि हनीप्रीत ने विदेश में किसे कॉल की थी। क्योंकि पुलिस के हाथ वह सिम अब तक नहीं लग पाया है।
व्हाट्सएप कॉलिंग की डिटेल भी पुलिस के हाथ नहीं लग पा रही है। अगर हनीप्रीत के व्हाट्एप कॉलिंग की डिटेल्स पुलिस के हाथ लग जाती है तो आदित्य इंसां और पवन इंसां को भी पुलिस ट्रेस कर लेगी। इसके पीछे वजह एन्क्रिप्शन बताई जा रही है। बता दें कि टेलीग्राम, व्हाट्सएप जैसे इन एप्स में एन्क्रिप्शन लगा होता है। इन एप्स के निर्माता तक यह मॉनिटर नहीं कर सकते कि इस पर क्या बातें हो रही हैं।
राकेश से हुई घंटों पूछताछ, मिले कुछ और सुराग
डेरा प्रमुख के निजी सहायक राकेश कुमार अरोड़ा का रिमांड बढ़ाए जाने के बाद उससे पुलिस ने गहन पूछताछ की। चंडीमंदिर थाने में राकेश से करीब चार घंटे तक पूछताछ हुई। इस दौरान डेरा प्रमुख और इनमें नजदीकियों से ताल्लुक के बारे में कई सवाल किए गए। उधर, छह दिनों की रिमांड पर चल रही हनीप्रीत भी पूरे दिन इसी थाने में रही। माना जा रहा है कि कुछ अहम बिंदुओं से एक ही सवाल पर पूछताछ हुई ताकि सच्चाई सामने आ सके।