पंचकूला स्थित सीबीआई की विशेष अदालत में शनिवार को वर्ष 2002 में पत्रकार रामचंद्र छत्रपति और कुरुक्षेत्र के गांव खानपुर ओलिया निवासी डेरा के पूर्व सेवादार रणजीत सिंह की हत्या के मामले में महत्वपूर्ण सुनवाई की। जिसे लेकर सिरसा जिले में हाई अलर्ट रहा।
नगर में जगह-जगह पर नाकाबंदी कर वाहनों की सघन जांच जारी रही तो दूसरी ओर शाह सतनाम चौक से डेरा तक आवागमन काफी कम रहा। शुक्रवार रात को पुलिस अधीक्षक अश्विन शैणवी ने नगर में जगह-जगह जाकर चेकिंग की और सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया तथा नाका पर तैनात पुलिस अधिकारियों को दिशा निर्देश दिए।
गौरतलब हो कि पत्रकार रामचंद्र छत्रपति और कुरुक्षेत्र के गांव खानपुर ओलिया निवासी डेरा के पूर्व सेवादार रणजीत सिंह की हत्या के मामले में डेरा प्रमुख बाबा राम रहीम को ही मुख्य साजिशकर्ता मानकर दोनों मृतकों के परिजनों ने कोर्ट में मामला दायर किया था। इन दोनों मामलों फाइन बहस शनिवार को हुई, जिसे लेकर सिरसा में पुलिस प्रशासन ने हाई अलर्ट घोषित किया था। शहर में जगह-जगह अर्द्धसैनिक बल और पुलिस जवानों की तैनाती की गई थी।
किसी भी प्रकार की अनहोनी से निपटने के लिए स्थानीय प्रशासन ने पुख्ता प्रबंध किए हुए थे। प्रशासन की ओर से डेरा सच्चा सौदा की तरफ जाने वाले बेगू रोड पर कर्फ्यू हटाया जा चुका है पर इस मार्ग पर खुली दुकानों पर दुकानदार हाथ पर हाथ रखकर बैठे हुए हैं। शनिवार को सन्नाटा सा पसरा रहा। हालांकि सुरक्षाबल किसी भी प्रकार का रिस्क लेने के मूड में नहीं थे और उन्होंने इस इलाके में खासी चौकसी बनाई हुई थी।
जगह-जगह नाके लगाकर रोड से गुजरने वाले हर वाहन की तलाशी ली जा रही थी और उनके नंबर नोट किए जा रहे थे। पूरी तसल्ली करने के बाद ही वाहन चालकों को वहां से गुजरने दिया जा रहा था। शहर के मुख्य टाउन पार्क के निकट लालबत्ती चौक पर भी जवानों की तैनाती रही। सुबह सेही हथियारबंद जवानों की तैनाती को लेकर लोग तरह-तरह के कयास लगाते रहे। शात सतनाम चौक से नेजिया टी-प्वाइंट तक करीब पांच स्थानों पर अर्द्धसैनिक बल के जवान तैनात रहे। नया डेरा तक ही श्रद्धालु सीमित रहे। नया डेरा के गेट शनिवार को भी बंद रहे।