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पति की शहादत का बदला लेने के लिए इस पत्नी ने लिया ऐसा फैसला, पीएम मोदी भी नमन करेंगे
Sun, 17 Feb 2019 02:14 PM IST
दुष्यंत शर्मा
अशोक शर्मा, अमर उजाला, गोहाना (सोनीपत)
अशोक शर्मा, अमर उजाला, गोहाना (सोनीपत)
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Sun, 17 Feb 2019 02:14 PM IST
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शहीद जगदीश चंद्र की पत्नी
पति की शहादत का बदला लेने के लिए एक पत्नी ने जिंदगी का वो फैसला लिया, जिसके बारे में जानकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी उन्हे नमन करेंगे। गर्व से सीना चौड़ा जाएगा, पढ़ें खबर...
शहीद जगदीश चंद्र की पत्नी
जम्मू कश्मीर के पुलवामा में आतंकी हमले में सीआरपीएफ जवानों के शहीद होने के बाद हर देशवासी के अंदर पाकिस्तान के खिलाफ गुस्सा भरा है। लेकिन एक शहीद का परिवार ऐसा भी है, जिसमें पति की शहादत के बाद पत्नी ने पाकिस्तान को सबक सिखाने के लिए अपने बेटे को सेना में भेजा है। ऑपरेशन रक्षक में देश के लिए शहीद हुए गांव रूखी के जगदीश चंद्र के परिजन पाकिस्तान को नेस्तानाबूद करना चाहते हैं।
pulwama attack
पति की शहादत के बाद अपने बेटे को फौज में भेजने वाली वीरांगना सरोज की चाहत है कि पाकिस्तान को मुंह तोड़ जवाब दिया जाए। पुलवामा में आतंकी घटना के बाद गुस्से में शहीद की पत्नी ने कहा कि शहादत का बदला लेने के लिए सेना को पूरी छूट मिलनी चाहिए। सेना खुद ही पाकिस्तान को सबक सिखा देगी। इसके बाद ही शहीदों के बलिदान का बदला पूरा हो सकेगा। हवलदार जगदीश चंद्र 2 जुलाई 2006 में आपरेशन रक्षक के दौरान गोली लगने से शहीद हो गए थे।
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आतंकी हमले के बाद तैनात सुरक्षाकर्मी
- फोटो : PTI
गांव रूखी में 8 जनवरी 1968 को जन्मे जगदीश चंद्र वर्ष 1995 में सेना में हवलदार के पद पर भर्ती हुए थे। शहीद की पत्नी सरोज देवी ने बताया कि उनके पति जगदीश चंद्र ने देश की सीमाओं की रक्षा करते हुए अपने जीवन का बलिदान दिया था। उसी दिन उसने सोच लिया था कि अपने पति की शहादत का बदला कोई ओर नहीं बल्कि उसका बेटा ही सेना में भर्ती होकर लेगा। उसने अपने बेटे मनजीत को पहले मेहनत व लगन के साथ पढ़ने लिखने के लिए प्रेरित किया। बाद में उसे सेना में सिपाही के पद पर भेज दिया।
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pulwama attack jammu
- फोटो : अमर उजाला
सरोज ने बताया कि पुलवामा हमले में शहीद हुए 40 जवानों की खबर तब उसे मिली तो उसका खून खोल गया। पति के शहीद होने का दिन याद आ गया। जिस तरह से पाकिस्तान समर्थित आतंकवादियों ने कायरता से हमारे जवानों पर हमला किया है उसका सेना बदला लेगी। जल्द ही भारतीय सेना हमले के जिम्मेदार एक-एक आतंकी को मारेगी। उसने अपने बेटे मनजीत को भी सेना में इसीलिए भेजा है कि वह अपने पिता के बलिदान का बदला ले सके। जिससे वह अपने बेटे पर नाज कर सके।