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Chandigarh News: घर से 500 मीटर में मिलेगी बस, नए सिरे से तय होंगे रूट
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चंडीगढ़। शहर में सार्वजनिक परिवहन को लोगों के घरों के और करीब ले जाने की तैयारी शुरू हो गई है। अब ऐसी बस सेवा व्यवस्था विकसित करने की योजना है, जिसमें लोगों को घर से अधिकतम 500 मीटर की दूरी तय करने के बाद बस उपलब्ध हो सके। उद्देश्य है कि लोगों को कम पैदल चलना पड़े और सार्वजनिक परिवहन रोजमर्रा की आवाजाही का आसान साधन बने।
पहले समझेंगे, लोग कहां-कहां जाते हैं
योजना को जमीन पर उतारने से पहले पंजाब यूनिवर्सिटी (पीयू) और चंडीगढ़ ट्रांसपोर्ट अंडरटेकिंग (सीटीयू) मिलकर मोबिलिटी सर्वे कर रहे हैं। इसमें पता लगाया जा रहा है कि लोग शहर में कहां से कहां और किस समय सबसे ज्यादा आवाजाही करते हैं। सर्वे की शुरुआत रेलवे स्टेशन से हुई है। यहां आने-जाने वाले यात्रियों से बातचीत कर प्रमुख मोबिलिटी रूट की जानकारी जुटाई जा रही है। सीटीयू की योजना प्रमुख फोकल प्वाइंट पर सर्वे कराने की है। इससे तय किया जाएगा कि यात्रियों को किस समय और किस स्थान पर बसों की जरूरत है। यात्रियों के वास्तविक मूवमेंट पैटर्न के आधार पर बस रूट और बसों की उपलब्धता की नए सिरे से योजना बनेगी।
चार प्रमुख केंद्र पहले फेज में
सीटीयू अधिकारी के अनुसार पहले फेज में पीजीआई, सेक्टर-43 आईएसबीटी, रेलवे स्टेशन और सेक्टर-17 आईएसबीटी को कवर किया जा रहा है। इसके बाद शहर के स्कूलों में विद्यार्थियों की मोबिलिटी जांची जाएगी। फिर ऑफिस जाने वाले लोगों और बिजनेस हब को सर्वे में शामिल किया जाएगा। उद्देश्य है कि स्टूडेंट्स से लेकर नौकरीपेशा लोगों तक बसों का सहज इस्तेमाल बढ़े और शहर में बढ़ते ट्रैफिक को नियंत्रित करने में मदद मिले।
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आंकड़ों से तय होंगे बस रूट
नई व्यवस्था में सिर्फ यह नहीं देखा जाएगा कि किसी सड़क पर कितनी बसें चल रही हैं, बल्कि किस रूट पर कितने यात्री, किस समय और किस दिशा में सफर करते हैं, इसका भी आकलन होगा। सर्वे के आंकड़ों से रूट की जरूरत और बसों की संख्या तय की जाएगी।
सीटीयू की बसें
480
कुल बस स्टॉप
372
फोकल प्वाइंट और सर्वे में फोकस
पीजीआई: मरीज, तीमारदार व कर्मचारी
सेक्टर-43 आईएसबीटी: शहर व बाहरी क्षेत्रों के यात्री
रेलवे स्टेशन: ट्रेन यात्रियों की कनेक्टिविटी
सेक्टर-17 आईएसबीटी: प्रमुख रूटों पर यात्री दबाव
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पहले समझेंगे, लोग कहां-कहां जाते हैं
योजना को जमीन पर उतारने से पहले पंजाब यूनिवर्सिटी (पीयू) और चंडीगढ़ ट्रांसपोर्ट अंडरटेकिंग (सीटीयू) मिलकर मोबिलिटी सर्वे कर रहे हैं। इसमें पता लगाया जा रहा है कि लोग शहर में कहां से कहां और किस समय सबसे ज्यादा आवाजाही करते हैं। सर्वे की शुरुआत रेलवे स्टेशन से हुई है। यहां आने-जाने वाले यात्रियों से बातचीत कर प्रमुख मोबिलिटी रूट की जानकारी जुटाई जा रही है। सीटीयू की योजना प्रमुख फोकल प्वाइंट पर सर्वे कराने की है। इससे तय किया जाएगा कि यात्रियों को किस समय और किस स्थान पर बसों की जरूरत है। यात्रियों के वास्तविक मूवमेंट पैटर्न के आधार पर बस रूट और बसों की उपलब्धता की नए सिरे से योजना बनेगी।
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चार प्रमुख केंद्र पहले फेज में
सीटीयू अधिकारी के अनुसार पहले फेज में पीजीआई, सेक्टर-43 आईएसबीटी, रेलवे स्टेशन और सेक्टर-17 आईएसबीटी को कवर किया जा रहा है। इसके बाद शहर के स्कूलों में विद्यार्थियों की मोबिलिटी जांची जाएगी। फिर ऑफिस जाने वाले लोगों और बिजनेस हब को सर्वे में शामिल किया जाएगा। उद्देश्य है कि स्टूडेंट्स से लेकर नौकरीपेशा लोगों तक बसों का सहज इस्तेमाल बढ़े और शहर में बढ़ते ट्रैफिक को नियंत्रित करने में मदद मिले।
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आंकड़ों से तय होंगे बस रूट
नई व्यवस्था में सिर्फ यह नहीं देखा जाएगा कि किसी सड़क पर कितनी बसें चल रही हैं, बल्कि किस रूट पर कितने यात्री, किस समय और किस दिशा में सफर करते हैं, इसका भी आकलन होगा। सर्वे के आंकड़ों से रूट की जरूरत और बसों की संख्या तय की जाएगी।
सीटीयू की बसें
480
कुल बस स्टॉप
372
फोकल प्वाइंट और सर्वे में फोकस
पीजीआई: मरीज, तीमारदार व कर्मचारी
सेक्टर-43 आईएसबीटी: शहर व बाहरी क्षेत्रों के यात्री
रेलवे स्टेशन: ट्रेन यात्रियों की कनेक्टिविटी
सेक्टर-17 आईएसबीटी: प्रमुख रूटों पर यात्री दबाव