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Chandigarh News: अज्ञात वाहन की टक्कर में युवक की मौत, बीमा कंपनी देगी 18.26 लाख रुपये
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चंडीगढ़। मोटर दुर्घटना में 26 वर्षीय युवक की मौत के मामले में चंडीगढ़ मोटर एक्सीडेंट क्लेम ट्रिब्यूनल ने पीड़ित परिवार को 18.26 लाख रुपये मुआवजा देने का आदेश दिया है। ट्रिब्यूनल ने हादसे में मोटरसाइकिल चालक और अज्ञात वाहन चालक की संयुक्त लापरवाही मानी। हालांकि मोटरसाइकिल चालक के पास वैध ड्राइविंग लाइसेंस नहीं था, इसलिए बीमा कंपनी को मुआवजा देने के बाद मृत चालक के कानूनी वारिस से रकम वसूलने का अधिकार दिया गया है।
मामला दिसंबर 2020 का है। दीपक मोटरसाइकिल पर पीछे बैठकर गांव छोटा त्रिलोकपुर से गांव सैदपुर जा रहा था। गुरुद्वारा मानक तबरा के पास अज्ञात वाहन ने मोटरसाइकिल को टक्कर मार दी। हादसे में दीपक की मौके पर ही मौत हो गई। रायपुर रानी थाने में अज्ञात वाहन चालक के खिलाफ केस दर्ज हुआ था। इसके बाद दीपक के पिता प्रेमचंद और बहन परवीन रानी ने मुआवजे के लिए ट्रिब्यूनल में याचिका दायर की।
प्रत्यक्षदर्शी के बयान और अन्य साक्ष्यों के आधार पर ट्रिब्यूनल ने संयुक्त लापरवाही मानी। साथ ही स्पष्ट किया कि मोटर दुर्घटना दावा मामले में लापरवाही को आपराधिक मुकदमे की तरह संदेह से परे साबित करना जरूरी नहीं है।
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दीपक की 12 हजार रुपये मासिक आय मानते हुए भविष्य की आय में 40 प्रतिशत वृद्धि जोड़ी गई। निर्भरता, अंतिम संस्कार, संपत्ति के नुकसान और पारिवारिक संबंधों के आधार पर कुल 18,26,600 रुपये मुआवजा तय किया गया। पिता को 12 लाख और बहन को 6.26 लाख रुपये मिलेंगे। बीमा कंपनी राशि नौ प्रतिशत वार्षिक ब्याज के साथ जमा करेगी और बाद में कानून के अनुसार रकम मृत चालक के वारिस से वसूल सकेगी।
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मामला दिसंबर 2020 का है। दीपक मोटरसाइकिल पर पीछे बैठकर गांव छोटा त्रिलोकपुर से गांव सैदपुर जा रहा था। गुरुद्वारा मानक तबरा के पास अज्ञात वाहन ने मोटरसाइकिल को टक्कर मार दी। हादसे में दीपक की मौके पर ही मौत हो गई। रायपुर रानी थाने में अज्ञात वाहन चालक के खिलाफ केस दर्ज हुआ था। इसके बाद दीपक के पिता प्रेमचंद और बहन परवीन रानी ने मुआवजे के लिए ट्रिब्यूनल में याचिका दायर की।
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प्रत्यक्षदर्शी के बयान और अन्य साक्ष्यों के आधार पर ट्रिब्यूनल ने संयुक्त लापरवाही मानी। साथ ही स्पष्ट किया कि मोटर दुर्घटना दावा मामले में लापरवाही को आपराधिक मुकदमे की तरह संदेह से परे साबित करना जरूरी नहीं है।
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दीपक की 12 हजार रुपये मासिक आय मानते हुए भविष्य की आय में 40 प्रतिशत वृद्धि जोड़ी गई। निर्भरता, अंतिम संस्कार, संपत्ति के नुकसान और पारिवारिक संबंधों के आधार पर कुल 18,26,600 रुपये मुआवजा तय किया गया। पिता को 12 लाख और बहन को 6.26 लाख रुपये मिलेंगे। बीमा कंपनी राशि नौ प्रतिशत वार्षिक ब्याज के साथ जमा करेगी और बाद में कानून के अनुसार रकम मृत चालक के वारिस से वसूल सकेगी।