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Chandigarh News: 321 करोड़ बैंक धोखाधड़ी केस में आरोपी कारोबारी को विदेश जाने की अनुमति, 50 लाख के बॉन्ड की शर्त
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चंडीगढ़। 321 करोड़ रुपये की बैंक धोखाधड़ी मामले में आरोपी कारोबारी भावना किरपाल (ए-27) को अदालत ने सीमित अवधि के लिए विदेश यात्रा की अनुमति दे दी है। अदालत के आदेश के अनुसार आरोपी 19 सितंबर से दो अक्तूबर तक अमेरिका और छह से 15 अक्तूबर तक इंडोनेशिया की यात्रा कर सकेगी। हालांकि, यात्रा के लिए कड़ी शर्तें भी लागू की गई हैं।
प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने यात्रा का विरोध करते हुए आशंका जताई थी कि आरोपी विदेश में रहकर ट्रायल से बच सकती है। ईडी ने कहा कि आरोपी पहले करीब चार वर्ष तक अदालत की कार्यवाही से अनुपस्थित रही और विदेश जाकर अपराध से अर्जित संपत्तियों को ठिकाने लगाने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।
आरोपी की ओर से बताया गया कि वह लुधियाना की स्थायी निवासी है और पशु आहार व ड्राई फ्रूट के आयात-व्यापार से जुड़ी है। अमेरिका में ग्राहकों, सप्लायर और कारोबारी सहयोगियों से बैठक तथा इंडोनेशिया में अखरोट और पशु आहार की खरीद का कार्यक्रम है।
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अदालत ने कहा कि ईडी ऐसा कोई ठोस तथ्य पेश नहीं कर सकी, जिससे विदेश यात्रा की अनुमति के दुरुपयोग की आशंका साबित हो। आरोपी को पहले भी विदेश यात्रा की अनुमति मिली थी और उसने उसका दुरुपयोग नहीं किया।
अदालत ने आरोपी को पता, मोबाइल नंबर और ई-मेल जांच अधिकारी को देने, मोबाइल चालू रखने और जरूरत पर लोकेशन साझा करने का निर्देश दिया है। वापसी के बाद अगले कार्य दिवस अदालत में पेश होकर पासपोर्ट जमा करना होगा। अमेरिका और इंडोनेशिया के अलावा किसी अन्य देश की यात्रा नहीं की जा सकेगी।
आरोपी को 50 लाख रुपये का इंडेम्निटी बॉन्ड और 30 लाख रुपये की एफडीआर जमा करनी होगी। शर्तों के उल्लंघन पर दोनों राशियां जब्त हो सकती हैं।
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प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने यात्रा का विरोध करते हुए आशंका जताई थी कि आरोपी विदेश में रहकर ट्रायल से बच सकती है। ईडी ने कहा कि आरोपी पहले करीब चार वर्ष तक अदालत की कार्यवाही से अनुपस्थित रही और विदेश जाकर अपराध से अर्जित संपत्तियों को ठिकाने लगाने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।
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आरोपी की ओर से बताया गया कि वह लुधियाना की स्थायी निवासी है और पशु आहार व ड्राई फ्रूट के आयात-व्यापार से जुड़ी है। अमेरिका में ग्राहकों, सप्लायर और कारोबारी सहयोगियों से बैठक तथा इंडोनेशिया में अखरोट और पशु आहार की खरीद का कार्यक्रम है।
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अदालत ने कहा कि ईडी ऐसा कोई ठोस तथ्य पेश नहीं कर सकी, जिससे विदेश यात्रा की अनुमति के दुरुपयोग की आशंका साबित हो। आरोपी को पहले भी विदेश यात्रा की अनुमति मिली थी और उसने उसका दुरुपयोग नहीं किया।
अदालत ने आरोपी को पता, मोबाइल नंबर और ई-मेल जांच अधिकारी को देने, मोबाइल चालू रखने और जरूरत पर लोकेशन साझा करने का निर्देश दिया है। वापसी के बाद अगले कार्य दिवस अदालत में पेश होकर पासपोर्ट जमा करना होगा। अमेरिका और इंडोनेशिया के अलावा किसी अन्य देश की यात्रा नहीं की जा सकेगी।
आरोपी को 50 लाख रुपये का इंडेम्निटी बॉन्ड और 30 लाख रुपये की एफडीआर जमा करनी होगी। शर्तों के उल्लंघन पर दोनों राशियां जब्त हो सकती हैं।