आज मिसाइल मैन अब्दुल कलाम का बर्थडे है। इस मौके पर उनके दोस्त व टर्मिनल बैलास्टिक रिसर्च लैबोरेटरी के डायरेक्टर मंजीत सिंह ने उनकी जिंदगी से जुड़े राज खोले।
मंजीत सिंह बताते हैं कि एपीजे अब्दुल कलाम जमीन से जुड़े व्यक्ति थे। छोटी-छोटी बातों को वे हमेशा याद रखते थे। वे कभी थकते नहीं थे और 18 घंटे से ज्यादा काम करते थे। आम आदमी स्वभाव वाले व्यक्ति थे। प्रेसिडेंट होकर भी सभी ई-मेल व पत्रों का जवाब देते थे।
मिसाइलमैन के साथ अपने एक अनुभव का जिक्र करते हुए उन्होंने बताया कि एक बार वे यूएस में रिसर्च पेपर प्रस्तुत करने गए थे। जब लौटकर आए तो कुछ दिन बाद पता चला कि साउथ अफ्रीका में एक और कांफ्रेंस है और वहां भी रिसर्च पेपर पेश करना है। डिपार्टमेंट का नियम था कि एक बार विदेश में पेपर प्रजेंट करने के बाद दोबारा कुछ समय बाद ही देश से बाहर जा सकते हैं। डिपार्टमेंट की तरफ से कुछ समय सीमा तय की गई थी।
मंजीत ने बताया कि उन्हीं दिनों अब्दुल कलाम चंडीगढ़ आए और उन्होंने पूछा कि साउथ अफ्रीका में पेपर प्रजेंट करने जा रहे हैं। मंजीत ने कहा कि वे नहीं जा सकते, कोई दूसरा साइंटिस्ट जाएगा। डिपार्टमेंट के नियम के मुताबिक एक बार विदेश जाने के कुछ दिन बाद ही दोबारा जाने की मंजूरी है। कलाम को थोड़ा अटपटा लगा और कहा ये क्या नियम है। अच्छे साइंटिस्ट को तो कांफ्रेंस में जरूर जाना चाहिए।
मंजीत ने बताया कि लैब का दौरा करने के बाद कलाम चले गए और वे भी उस बात को भूल गए। कुछ दिनों बाद डीआडीओ से मंजीत सिंह के नाम पर एक आफिशियल लेटर आया। वह मंजीत सिंह को साउथ अफ्रीका में रिसर्च पेपर प्रजेंट करने का परमिशन लेटर था। जब उन्होंने लेटर देखा तो वे दंग रह गए। उन्हें विश्वास ही नहीं था कि अब्दुल कलाम ऐसी छोटी सी छोटी बातों को भी याद रखते होंगे।