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पठनकोट में बुजुर्गों का संघर्ष जारी: 19 दिन से टावर पर दे रहे धरना, हाल जानने के लिए भेजे गए दो प्रवासी मजदूर
Sun, 13 Sep 2026 01:15 PM IST
शाहिल शर्मा
संवाद न्यूज एजेंसी, पठानकोट
संवाद न्यूज एजेंसी, पठानकोट
Published by: शाहिल शर्मा
Updated Sun, 13 Sep 2026 01:15 PM IST
सार
कमेटी के सदस्यों ने टावर पर बैठे दोनों बुजुर्गों से अपील की कि वे नीचे उतर आएं ताकि उनकी सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके लेकिन बुजुर्गों ने नीचे उतरने से साफ इनकार कर दिया। उन्होंने कह जब तक हमारी मांगें नहीं मानी जाती हमारा धरना जारी रहेगा।
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टावर पर धरना दे रहे दो बुजुर्ग
- फोटो : वीडियो ग्रैब
विस्तार
बैराज औसती संघर्ष कमेटी जैनी जुगियाल की ओर से अपनी मांगों को लेकर दो बुजुर्गों का धरना 19वें दिन भी जारी रहा। इस दौरान टावर पर चढ़े दोनों बुजुर्गों कुलविन्दर सिंह 83 वर्षीय और शर्म सिंह 88 वर्षीय का हाल-चाल जानने के लिए कमेटी की ओर से टावर बनाने वाले दो प्रवासी मजदूरों को ऊपर भेजा गया।
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बुजुर्गों ने नीचे उतरने से किया इनकार
कमेटी के सदस्यों ने टावर पर बैठे दोनों बुजुर्गों से अपील की कि वे नीचे उतर आएं ताकि उनकी सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। हालांकि, बुजुर्ग अपनी मांगों पर अड़े रहे और उन्होंने नीचे उतरने से इनकार कर दिया। कमेटी की ओर से प्रशासन से भी अपील की गई है कि टावर पर बैठे बुजुर्गों को जल्द से जल्द सुरक्षित रूप से नीचे उतारा जाए, ताकि किसी प्रकार का नुकसान न हो सके।कमेटी ने कहा कि बुजुर्गों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए प्रशासन को इस मामले में तुरंत उचित कदम उठाने चाहिए।
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साल 2010 से जारी है संघर्ष
संघर्ष कमेटी की मुख्य मांग है कि बिना जांच-पड़ताल के नौकरी पर रखे गए कर्मचारियों को हटाकर असली बैराज औसती संघर्ष कमेटी के सदस्यों को नौकरी दी जाए क्योंकि शाहपुर कंडी बैराज बांध के निर्माण से पहले इन संघर्ष कर्मियों की जमीन बांध में एक्वायर हुई थी। कमेटी के अनुसार, इस मांग को लेकर उनका संघर्ष वर्ष 2010 से चला आ रहा है और वे पहले भी कई बार अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन कर चुके हैं। अब दोनों बुजुर्गों ने आर-पार का संघर्ष शुरू कर दिया है। बुजुर्गों की सुरक्षा को देखते हुए जिला प्रशासन की ओर से पुलिस, दमकल विभाग और सेहत विभाग को भी मौके पर रखा गया है ताकि किसी भी आपात स्थिति में तत्काल सहायता उपलब्ध करवाई जा सके।
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